मुलेठी खाने के फायदे और नुकसान | Benefits of Liquorice (mulethi) in hindi

मुलेठी खाने के फायदे और नुकसान | Benefits of Liquorice (mulethi) in hindi
मुलेठी गले के रोगों के लिए चमत्कारी जड़ी बूटी है.

मुलेठी एक प्राचीन जड़ी-बूटी के रूप में जानी जाती है इसका उपयोग आयुर्वेदिक काल से ही जड़ी बूटी, आयुर्वेदिक दवाइयों, टूथपेस्ट, कई तरह के पेय पदार्थ और आयुर्वेदिक चूर्णों में उपयोग की जाती है.

आमतौर पर मुलेठी का उपयोग गले में होने वाली खराश, सर्दी-जुखाम, खांसी, बालों का झड़ना, दमकती त्वचा, मुंह के अल्सर और पाचन तंत्र जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए घरेलू उपायों की तरह जड़ी-बूटी के रूप में उपयोग की जाती है.

हम सभी मुलेठी से थोड़ा बहुत अवगत तो है ही लेकिन इस लेख को पढ़कर जान जाएंगे कि मुलेठी कितनी उपयोगी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है और मुलेठी खाने के फायदे तथा नुकसान?


    मुलेठी क्या है | What is Mulethi in hindi

      ▪ मुलेठी एक झाड़ी नुमा पौधा होता है इसी पौधे के तने को छाल सहित सुखाकर इसका उपयोग पाउडर बनाने में और औषधीय दवाइयों में किया जाता है.

      ▪ इसके तने में कई औषधीय गुण होते हैं जिसके कारण मुलेठी का उपयोग घरेलू औषधियों के रूप में करते आ रहे हैं.

      ▪ मुलेठी स्वास्थ्यवर्धक और स्वाद में मीठी लकड़ी होती है जिसके छोटे-छोटे टुकड़े मुंह में रखकर चूसने से गले में काफी आराम मिलता है.

      ▪ मुलेठी शक्कर की तुलना में 40 से 50 गुना मीठी होती है.

      ▪ मुलेठी का वानस्पतिक नाम ग्लिह्राइझा ग्लॅब्रा (gliharyza glabra) तथा इसके कुल का नाम फेबेसी (Fabaceae) है.

    ▪ मुलेठी के अंदर रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो एंटी इन्फ्लेमेटरी दवा के रूप में कार्य करते हैं. इसलिए मुलेठी पाउडर का उपयोग बाजार में आने वाले कई आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स में किया जाता है.

    मुलेठी के आयुर्वेदिक गुण | Ayurvedic Properties of Mulethi in hindi

    मुलेठी के अंदर कई गुण या खनिज तत्व पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य की देखभाल के लिए तथा कई छोटी-छोटी बीमारियों को ठीक करने के लिए उपयोगी होते हैं.

    मुलेठी के अंदर फास्फोरस, मैग्नीशियम, पोटेशियम, सेलेनियम, सिलिकॉन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ई, विटामिन बी, जिंक, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक, प्रोटीन, बीटा कैरोटीन, थाइमोल, फाइटोकेमिकल्स, सैपोनिन और चाल्कोन्स जैसे गुणकारी तत्वों की मौजूदगी होती है इसलिए मुलेठी का उपयोग बड़े तौर पर घरेलू औषधियों में गिना जाता है.

    अन्य भाषाओं में मुलेठी के नाम - Mulethi name in other languages

    भाषा (Language) अर्थ (meaning)
    मुलेठी का हिंदी में नाम मुलहठी, मुलेठी, मलेठी, मीठी लकड़ी
    मुलेठी का उर्दू में नाम मुलेठी
    मुलेठी का गुजराती में नाम जेठमध
    मुलेठी का इंग्लिश में नाम लिकोरिस रूट
    मुलेठी का संस्कृत में नाम मधुक, मधुयष्टि, जलयष्टि, यष्टिमधु, यष्टिमधुक
    मुलेठी का मराठी में नाम जेष्टिमधु, जेष्टिमध
    मुलेठी का पंजाबी में नाम मुलेठी, ऐलसस
    मुलेठी का नेपाली में नाम जेठी मधु
    मुलेठी का बंगाली में नाम यष्टिमधु, जष्टिमधु
    मुलेठी का तेलुगू में नाम यष्टिमधुकम, अतिमधुरम
    मुलेठी का तमिल में नाम अतिमधुरम, आदिमधुरम

    मुलेठी जड़ी बूटी के फायदे | Benefits of mulethi in hindi

    आयुर्वेदिक काल से ही मुलेठी का उपयोग जड़ी बूटियों के रूप में किया जा रहा है क्योंकि इसके अंदर इतने चिकित्सक गुण पाए जाते हैं जो कई बीमारियों को ठीक करने के लिए उपयोगी होते हैं.

    मुलेठी को कैसे उपयोग किया जाता है वह नीचे लेख में बताया है? तो आइए जानते हैं मुलेठी से लाभ.

    1. स्वस्थ लीवर (Healthy liver)

    गलत खान-पान और जीवनशैली की वजह से लीवर से जुड़ी हुई कई बीमारियां का जोखिम बढ़ जाता है. इन्हीं में से एक फैटी लिवर की बीमारी होती है जिसमें लीवर के ऊपर अधिक मात्रा में वसा (Fat) जम जाता है.

    कई रिसर्च रिपोर्टों के अनुसार मुलेठी में पाए जाने वाले एंजाइम, कार्बन टेट्राक्लोराइड, एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण लीवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर फैट कम करने के लिए काम करते हैं और लीवर को डैमेज होने से बचाते हैं.

    मुलेठी के उपयोग से या मुलेठी की चाय का सेवन करने से पीलिया, हेपेटाइटिस और लीवर की सूजन को कम करने में भी मदद मिलती है.

    2. बढ़ाएं प्रतिरोधक क्षमता (Increase immunity)

    किसी भी वायरस या संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) मजबूत होना बहुत जरूरी है.

    यदि शरीर की इम्यूनिटी पावर मजबूत होगी तो हम जल्द बीमार नहीं पड़ेंगे ना ही मौसम के बदलने का असर स्वास्थ्य पर पड़ेगा.

    मुलेठी के अंदर कई तरह के एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में तथा रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मुलेठी की चाय का सेवन भी बहुत उपयोगी है.

    3. पाचन शक्ति में वृद्धि (Enhance digestion)

    व्यक्ति के शरीर में 80% बीमारियां पेट से ही शुरू होती है जैसे कि कब्ज, उल्टी, दस्त, गैस, पेट के अल्सर, पेट में सूजन आदि. मुलेठी का उपयोग पेट से संबंधित बीमारियों के लिए मुलेठी बहुत ही कारगर जड़ी बूटी है.

    मुलेठी की जड़ में ग्लैसेर्रिज़िन और कार्बेनेक्सोलोन जैसे योगिक पाए जाते हैं जो कब्ज, पेट के अल्सर, सूजन और पाचन क्रिया को सुचारू रूप से करने में मदद करते हैं.

    4. वजन घटाने में मुलेठी का उपयोग (Weight loss) 

    मुलेठी का उपयोग वजन घटाने में भी बहुत कारगर साबित होता है क्योंकि इसके अंदर फ्लेवोनाइड्स यौगिक होता है जो शरीर से वसा को कम करने में मदद करता है.

    कई अध्ययनों के अनुसार शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि मुलेठी का तेल शरीर से फैट कम करने में कारगर साबित हुआ है. वजन कम करने के लिए मुलेठी के पाउडर का सेवन भी उपयोगी होता है.

    5. मुलेठी के फायदे गले के लिए (Benefits of mulethi for the throat)

    गले की कई बीमारियों के लिए लिकोरिस रूट यानी मुलेठी का उपयोग एक रामबाण औषधि होती है जैसे कि मुंह के छाले, गले की सूजन, इन्फेक्शन, गले में खराश, सर्दी-खांसी और श्वसन तंत्र की समस्या इत्यादि.

    मुलेठी के अंदर एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो गले से संबंधित कई बीमारियों को कम करने में मददगार होते हैं.

    मुलेठी का उपयोग आवाज को पतला या सुरीला बनाने, मुंह की दुर्गंध को दूर करने के लिए भी किया जाता है इसलिए अधिकतर टूथपेस्ट में मुलेठी का उपयोग जरूर होता है.

    मुलेठी खाने के फायदे और नुकसान | Benefits of Liquorice (mulethi) in hindi
    मुलेठी खाने के 10 फायदे (Benefits of muleti)


    6. सूजन कम करने में (Reduce inflammation)

    मुलेठी के लाभ किसी भी तरह की सूजन को कम करने में काफी कारगर साबित होती है जैसे कि गठिया की शिकायत, अर्थराइटिस, जोड़ों में सूजन इत्यादि.

    गठिया के दर्द और सूजन को कम करने के लिए मुलेठी की चाय या मुलेठी का अर्क का सेवन फायदेमंद हो सकता है क्योंकि मुलेठी के अंदर एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन को कम करने में मददगार होते हैं.

    7. मुलेठी के फायदे त्वचा के लिए (Benefits of mulethi for skin)

    त्वचा के लिए मुलेठी या मुलेठी पाउडर बहुत ही कारगर साबित होता है क्योंकि मुलेठी पाउडर मे ग्लैबरेन (Glabren) और लाइसुरसाइड (Licurside) नामक तत्व पाया जाता है जो त्वचा को ग्लो करने में मदद करता है.

    मुलेठी के अंदर एंटी एजिंग, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते है जो त्वचा पर होने वाली परेशानियां जैसे कील मुंहासे, काले धब्बे, झुर्रियां, फुंसियां इन सब से निजात दिलाने में फायदेमंद होते हैं.

    त्वचा में निखार लाने के लिए बाजार में बहुत से ऐसे प्रोडक्ट आते हैं जिनमें मुलेठी के पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है इसलिए आप घर पर ही मुलेठी का उपयोग करके एक दमकती त्वचा पा सकते हैं.

    8. मुलेठी के फायदे बालों के लिए (Benefits of mulethi for hair)

    कई शोधों में पाया गया है कि मुलेठी के फायदे त्वचा के लिए तो होते ही हैं इसके अलावा बालों के लिए भी मुलेठी फायदेमंद होती है.

    मुलेठी के अंदर एंटी-बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं जो बालों को झड़ने, रूसी, जलन व खुजली को दूर करने में मदद करते हैं. मुलेठी के उपयोग बालों की ग्रोथ में भी लाभकारी होती है.

    9. रजोनिवृत्ति की समस्याओं के लिए (For menopausal problems)

    महिलाओं में होने वाली रजोनिवृत्ति से जुड़ी हुई कई समस्याओं से निपटने के लिए मुलेठी बहुत ही लाभकारी होती है.  

    महिलाओं में पीरियड्स बंद हो जाना या पीरियड्स का अनियमित होने के जोखिम को कम करने में मुलेठी का सेवन काफी मददगार साबित होता है.

    क्योंकि मुलेठी के अंदर फाइटोएस्ट्रोजन और विटामिन बी जैसे तत्व पाए जाते हैं जो हारमोंस को इन परेशानियों से लड़ने में मदद करते हैं.

    10. सर्दी खांसी में मुलेठी के फायदे (Benefits of mulethi in cold cough)

    मौसम के बदलने का असर स्वास्थ्य पर जरूर पड़ता है जिससे हमें सर्दी-खांसी, बुखार, गले में दर्द जैसी बीमारियां होने लगती हैं. इन बीमारियों को ठीक करने के लिए मुलेठी का उपयोग बहुत ही रामबाण नुस्खा होता है.

    मुलेठी के अंदर एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं जो मौसमी संक्रमण से लड़ने में, शरीर में जमे हुए कफ को बाहर निकालने में, गले के दर्द, सांस लेने की परेशानी में निजात दिलाते हैं.

    मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़े मुंह में रखकर चूसने से गले की हर तरह की परेशानी में आराम मिलता है.

    मुलेठी के और भी फायदे | More benefits of mulethi in hindi

    • मुलेठी एक दवा के रूप में उपयोग की जाती है जो दमा के रोग में बड़ी उपयोगी है.
    • याददाश्त बढ़ाने के लिए मुलेठी का उपयोग किया जा सकता है.
    • मलेरिया को ठीक करने में भी मुलेठी का सेवन किया जाता है.
    • मुलेठी के अंदर पाए जाने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट और हाइपोग्लाइसेमिक गुण डायबिटीज के खतरे से बचाते हैं.
    • मुलेठी के अंदर कार्सिनोजेन गुण पाया जाता है जो कैंसर के जोखिम को कम करता है.
    • मुलेठी चबाने से मुंह में लार का स्राव बढ़ता है जिससे आवाज मधुर होती है.
    • मुलेठी में मौजूद ग्लाइकोसाइड्स पेट के घाव, पेट की जलन और अल्सर जैसे बीमारियों में लाभप्रद है.
    • मुलेठी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम कर सकते हैं.
    • मुलेठी का उपयोग वीर्य को शुद्ध करती है तथा खून को पतला करने में मदद करती है.

    मुलेठी की चाय के फायदे | Benefits of liquorice tea in hindi

    मुलेठी के सेवन करने के कई तरीके होते हैं या तो मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़ों को मुंह में रखकर चूस सकते हैं और दूसरा मुलेठी की चाय बनाकर पी सकते हैं.

      ▪ मुलेठी की चाय बनाने के लिए मुलेठी का पाउडर ले

      ▪ उसे 2 कप पानी में डालें और उसमें थोड़ी सी चाय पत्ती मिलाले.

      ▪ इस चाय को कम से कम 10 मिनट तक उबालें फिर उसके बाद इसे छान लें.

      ▪ इसका सेवन सुबह और शाम को कर सकते हैं.

    मुलेठी की चाय त्वचा और बालों के लिए एक रामबाण औषधि के रूप में काम करती है, लीवर संबंधी बीमारियों में फायदेमंद होती है जैसे कि हेपेटाइटिस B, फैटी लीवर और कई तरह की श्वास रोगों में मुलेठी बहुत ही कारगर साबित होती है.

    मुलेठी के पोषक तत्व | Nutrients of liquorice in hindi

    मुलेठी के अंदर कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं या यह कहें की मुलेठी के आयुर्वेदिक गुण.
    पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity) / 100 g
    ऊर्जा (Energy) 375 Kcal
    कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 93.55 g
    फाइबर (fiber) 0.2 g
    टोटल लिपिड (total lipid) 0.05 g
    शुगर (sugar) 70 g
    कॉपर (copper) 0.028 mg
    नियासिन (Niacin) 0.008 mg
    राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.11 mg
    थायमिन (Thiamin) 0.004 mg
    विटामिन (Vitamin B-6) 0.004 mg
    सोडियम (Sodium) 50 mg
    पोटेशियम (Potassium) 37 mg
    आयरन (Iron) 0.13 mg
    मैग्नीशियम (Megnesium) 2 mg
    फास्फोरस (phosphorus) 4 mg
    जिंक (Zinc) 0.05 mg
    कैल्शियम (Calcium) 3 mg

    मुलेठी खाने के फायदे और नुकसान | Benefits of Liquorice (mulethi) in hindi

    मुलेठी की तासीर | Taseer of mulethi in hindi

    मुलेठी का सेवन करने से पहले हमें इसकी तासीर के बारे में पता होना चाहिए की मुलेठी की तासीर गर्म होती है या ठंडी.

    मुलेठी या मुलेठी पाउडर की तासीर ठंडी होती है इसलिए सर्दियों में इसका उपयोग कम करना चाहिए तथा मुलेठी का स्वाद मीठा होता है इसलिए मुलेठी छोटे-छोटे टुकड़ों को आसानी से चूसा जा सकता है.

    मुलेठी का उपयोग | Use of licorice in hindi

    प्राचीन समय से ही मुलेठी का उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयों और इलाज में उपयोग की जा रहा है. तो आइए जानते हैं मुलेठी के पाउडर का उपयोग या मुलेठी चूर्ण खाने के फायदे क्या होते हैं?

    कफ - अधिक कफ होने पर 3 ग्राम मुलेठी पाउडर को शहद के साथ लेने से आराम मिलता है.

    खांसी -  मुलेठी चूर्ण 2 ग्राम, आंवला चूर्ण 2 ग्राम को मिलाकर शहद के साथ चाटने से पुरानी खांसी, सूखी खांसी में आराम मिलता है.

    गले के रोग - गले की सूजन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, मुंह में छाले, गला बैठना जैसी समस्याओं में मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़े मुंह में रखकर चूसने से लाभ मिलता है.

    जुखाम - जुखाम के लिए मुलेठी 3 ग्राम, दाल चीनी 1 ग्राम, 2-3 छोटी इलायची एक कप पानी में उबालें यह पानी जब आधा रह जाए तो छानकर सुबह-शाम पीना चाहिए.

    हिचकी - हिचकी आने पर मुलेठी का एक टुकड़ा चूसने से लाभ मिलता है.

    पेट के रोग - पेट और आंतों में दर्द, कब्ज जैसी समस्या में मुलेठी का चूर्ण शहद के साथ 2-3 बार लेना चाहिए.

    अल्सर - अल्सर में मुलेठी को 4 ग्राम मात्रा में दूध के साथ लिया जाता है.

    पेशाब रोग - पेशाब की जलन में 2-4 ग्राम मुलेठी के पाउडर को दूध के साथ लेना चाहिए.

    वीर्य बढ़ाने के लिए - वीर्य बढ़ाने, स्तंभन शक्ति को मजबूत करने के लिए मुलेठी चूर्ण 2-4 ग्राम की मात्रा में शहद और दूध के साथ कुछ दिन तक सेवन करें.

    आंखों के रोग - आंखों में जलन होने पर मुलेठी के काढ़े से आंखों को धोने से लाभ मिलता है.

    बालों और त्वचा - मुलेठी और आंवले के पाउडर को पानी के साथ मिलाकर पीने से त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनती है और यह बालों के लिए भी फायदेमंद होता है.

    पेट के अल्सर - एक गिलास दूध के साथ एक चम्मच मुलेठी चूर्ण मिलाकर दिन में 2-3 बार पीने से पेट के अल्सर की समस्या दूर हो जाती है.

    मुलेठी के नुकसान | side effects of mulethi in hindi

    मुलेठी के फायदे तो हम जान चुके हैं आइए इसके कुछ नुकसान ही जान लेते हैं.

      ▪ अधिक मात्रा में मुलेठी का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है.

      ▪ गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए.

      ▪ मुलेठी का अधिक सेवन करने से शरीर में कोई भी नकारात्मक लक्षण दिखते हैं तो उसे रोक दें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

      ▪ मुलेठी का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से सिर दर्द, थकान महसूस करना, हार्ट फेल जैसी समस्याएं भी हो सकती है.

      ▪ मुलेठी का अधिक सेवन करने से मांसपेशियों में कमजोरी या दर्द की समस्या भी देखी जा सकती है.

    निष्कर्ष | The conclusion

    मुलेठी बहुत ही असरदार जड़ी-बूटी होती है जिसका उपयोग आज भी कई आयुर्वेदिक दवाई, टूथपेस्ट, पाउडर, माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जा रहा है.

    इस लेख में हमने जाना मुलेठी के कार्य, मुलेठी खाने के फायदे और नुकसान, मुलेठी के आयुर्वेदिक गुण, मुलेठी की तासीर और मुलेठी के घरेलू उपयोग.

    मुलेठी का सेवन सुबह, शाम, और रात में किसी भी समय कर सकते है. मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़े चूसने से, मुलेठी के पाउडर का या मुलेठी की चाय का सेवन सेहत के लिए लाभदायक है.

    आशा करता हूं कि यह जानकारी आपके काम आए जिससे आप मुलेठी का उपयोग कर सकें.

    पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

    Q. मुलेठी का वानस्पतिक नाम क्या है?

    A. मुलेठी का वानस्पतिक नाम ग्लिह्राइझा ग्लॅब्रा (gliharyza glabra) हैं.

    Q. मुलेठी को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

    A. मुलेठी को इंग्लिश में लिकोरिस (Liquorice) कहते है.

    Q. मुलेठी के क्या फायदे होते हैं?

    A. मुलेठी के सेवन से कई सेहतमंद फायदे होते हैं जैसे कि सूजन कम करने, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन तंत्र के सुधार, गले के कई प्रकार के रोगों के लिए तथा बालों व त्वचा के लिए मुलेठी बहुत लाभप्रद है.

    Q. मुलेठी की तासीर कैसी होती है?

    A. मुलेठी की तासीर ठंडी होती है इसलिए सर्दियों में इसका उपयोग कम करना चाहिए.

    Q. मुलेठी खाने का तरीका क्या है?

    A. मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़ों को मुंह में रखकर चूसना चाहिए या मुलेठी की चाय का सेवन भी कर सकते हैं.

    धन्यवाद..

    आइए यह भी पढ़ते हैं...

    ▪ हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय.
    ▪ फेफड़ों को कैसे स्वस्थ रखा जाए?
    ▪ स्वस्थ रहने के नियम और टिप्स.
    ▪ खून की कमी को कैसे पूरा किया जाए?
    Share Post

    0 Comments: