June 3, 2021

कमर दर्द के कारण और उपाय | Causes and remedies for back pain in hindi

कमर दर्द के कारण और उपाय | Causes and remedies for back pain in hindi
कैल्शियम, ऑस्टियोपोरोसिस की शिकायत, विटामिंस की कमी, रीढ़ की हड्डी की बनावट में खराबी और हड्डियों में कमजोरी आने की वजह से कमर दर्द की शिकायत हो सकती है.

कई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार 80% लोग जीवन में कभी ना कभी कमर दर्द (Back pain) का अनुभव जरुर करते हैं. अधिकतर कमर दर्द की समस्या 35-40 की उम्र के बीच होना शुरू हो जाती है.

लेकिन बिगड़ती जीवन शैली और काम के दबाव के कारण कमर दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने की समस्या किसी भी उम्र के लोगों में देखी गई है. अक्सर महिलाएं मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान कमर दर्द की समस्या से अधिक जूझती हैं.

इसलिए इस लेख में बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कमर दर्द (Back pain) क्यों होता है, कमर दर्द होने के कारण, कमर दर्द के लक्षण और कमर दर्द ठीक करने के क्या उपाय हो सकते हैं?


    कमर दर्द क्यों होता है | Why does back ache in hindi?

    बिजी लाइफ शेड्यूल होने से लोगों को यह लगता है कि वह अपने अनेक कामों को जल्द खत्म करें और फिर दूसरे काम में व्यस्त हो जाएं. इस तरह की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने शरीर को उतना आराम नहीं दे पाते हैं जितना शरीर को चाहिए जिस कारण धीरे-धीरे कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती है.

    ऑफिस या अपने कार्यस्थल पर घंटों तक एक जगह बैठे रहना, गलत तरीके से भारी वजन को उठा लेना, लगातार काम में व्यस्त रहना, जरूरत से ज्यादा काम करना ऐसी स्थितियों में कमर या रीढ़ की हड्ड़ी के निचले हिस्से को सहारा देने वाली मांसपेशियां पर बार-बार दबाव पड़ता है.

    इस दबाव के कारण मांसपेशियों में खिंचाव और ऐठन होने लगती है जो कमर दर्द के सामान्य कारणों में शामिल हैं.

    शरीर में मेटाबोलिक रसायनों की कमी, कैल्शियम, ऑस्टियोपोरोसिस की शिकायत, विटामिंस की कमी, मासिक धर्म में अनियमितता होना, रीढ़ की बनावट में खराबी और हड्डियों में कमजोरी आने की वजह से कमर दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है.

    कमर दर्द होने के कारण | Due to back pain in hindi

    पीठ में दर्द होने का कारण स्वास्थ संबंधी समस्या या मानसिक और शारीरिक काम करने की प्रतिक्रिया हो सकती हैं. आइए जानते हैं कमर दर्द करने के कारण.

    1. तनाव (Tension)

    कमर दर्द (पीठ के निचले हिस्से में दर्द होना) सीधे हमारे शारीरिक और मानसिक तनाव से जुड़ा होता है क्योंकि तनाव और दर्द अक्सर आपस में जुड़े होने से दोनों का एक दूसरे पर असर पड़ सकता है.

    आपने देखा होगा कि जो लोग तनावग्रस्त होते हैं वह अक्सर अपने गले, कंधे, पीठ, मस्तिष्क में दर्द को महसूस करते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तनाव होने से मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है.

    2. सोने की स्थिति (Sleeping position)

    कमर दर्द का कारण आपके सोने की स्थिति हो सकती है, आप किस प्रकार के गद्दे पर सोते हैं यह भी बेहद जरूरी है. मोटे या नरम स्पंज वाले गद्दे पर सोने से कुछ समय पश्चात यह पीठ दर्द का कारण बन सकता है. इसलिए कोशिश करें कि सोने के लिए कठोर गद्दे का इस्तेमाल करें.

    3. मांसपेशियों में खिंचाव (hamstring strain)

    एक जगह लगातार बैठे रहना, अधिक वजन उठाना, बहुत भारी वजन का काम करना, बैठने की मुद्रा सही ना होना इन सब कारणों से मांसपेशियों में खिंचाव आने लगता है जिस कारण कुछ समय पश्चात पीठ दर्द की समस्या होने लगती है.

    क्योंकि शरीर के सभी अंग और मांसपेशियां एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं जो आपस में तालमेल के साथ काम करते हैं.

    4. ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी (Osteoporosis disease)

    बढ़ती उम्र के साथ-साथ हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं जब यह कमजोरी जरूरत से ज्यादा हो जाती है तो हड्डियों के टूटने की नौबत भी आ जाती है ऐसी स्थिति को ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी कहां जाता है.

    ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी कमर दर्द, पीठ दर्द या रीढ़ के निचले हिस्से के दर्द का कारण बन सकती है.

    5. कैल्शियम की कमी (Calcium deficiency)

    शरीर में हड्डियों के निर्माण और उनके विकास के लिए कैल्शियम तत्व का पोषण बेहद जरूरी है जब शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है तो हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं जिससे हड्डियों में दर्द, पीठ दर्द, यह कमर दर्द ऐसी समस्याएं होने लगती हैं.

    इसलिए हड्डियों की मजबूती या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, विटामिन डी और सभी जरूरी पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए.

    6. अधिक वजन होना (Being overweight)

    आज के समय में पीठ या कमर में दर्द होने की समस्या आम बात हो गई है. पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने की समस्या से काफी लोग ग्रसित होते हैं और यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. कमर दर्द होने का कारण आपका अधिक वजन भी हो सकता है.

    जब वजन बढ़ने लगता है तो पेट और कमर के नजदीक का हिस्सा फैलने लगता है जिससे रीड की हड्डी पीछे की तरफ झुकने लगती है और मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है जिसके परिणामस्वरूप पीठ के निचले हिस्से में दर्द उत्पन्न हो जाता है.

    7. गलत जीवन शैली (Wrong lifestyle)

    गलत जीवनशैली जीना कई रोगो को आमंत्रित देना है, एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए सही जीवन शैली का होना बहुत जरूरी है.

    लेकिन आज के समय में समय की कमी के अभाव से और बढ़ते हुए काम के दबाव से हम अपने शरीर को उतना आराम नहीं दे पाते हैं जितना कि शरीर को चाहिए जो आगे चलकर कमर में दर्द होने का कारण बन सकता है. 

    इसके अलावा झटके के साथ भारी वजन उठाना, बैठना, झुकना और मुड़ना यह सब भी आपके रोजमर्रा की जिंदगी पर निर्भर करता है क्योंकि इन प्रतिक्रियाओं में लापरवाही पीठ दर्द का कारण बन सकता है.

    8. व्यायाम न करना (Not exercising)

    व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एक टॉनिक के रूप में काम करता है. व्यायाम करने से शरीर की सक्रियता, गतिशीलता, लचीलापन और इम्यूनिटी पावर बढ़ने से शरीर बिल्कुल फिट रहता है. प्रतिदिन कम से कम 25 से 30 मिनट व्यायाम जरूर करना चाहिए.

    व्यायाम करने से हड्डियों व मांसपेशियों की कसरत होती रहती है जिससे कमर दर्द (back pain) या किसी भी प्रकार के दर्द होने की संभावना बहुत कम होती है.

    कमर दर्द के लक्षण | Symptoms of back pain in hindi

    आइए जानते हैं पीठ दर्द होने के क्या लक्षण हो सकते हैं?

      ▪ जब कमर में दर्द रहता है तो व्यक्ति को झुकने, मुड़ने, बैठने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

      ▪ कमर दर्द होने से शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है.

      ▪ पीठ पर सूजन और हर वक्त गर्दन और कमर में दर्द रहना.

      ▪ पीठ दर्द के लक्षणों में दर्द गर्दन से लेकर नितंब तक हो सकता है.

      ▪ मांसपेशियों में खिंचाव होना.

      ▪ पीठ दर्द होने पर दर्द कमर से लेकर पैरों तक पहुंचना.

    कमर दर्द के उपाय | Remedy for back pain in hindi

    कुछ आसान से उपायों को अपनाकर पीठ दर्द को कम किया जा सकता है. तो आइए जानते हैं कमर दर्द (पीठ के निचले हिस्से के दर्द) से कैसे बचें?

    1. शारीरिक मुद्रा (Body posture)


    कमर दर्द के कारण और उपाय | Causes and remedies for back pain in hindi
    काम करते वक्त बैठने का सही तरीका.

    कमर दर्द के उपचार में शरीर की शारीरिक मुद्रा का सही होना जरूरी है. कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें ध्यान रखना पड़ता है अन्यथा यह पीठ दर्द का कारण बन सकती है.

      ▪ कभी भी भारी वजन उठाने से पहले अपने शरीर को टाइट कर लें एकदम लचक के साथ किसी भी भारी चीज को ना उठाएं.

      ▪ बैठने, मुड़ने और झुकने की स्थिति को सही रखें बैठते समय अपनी पीठ को सीधा रखें जिससे कि शरीर का वजन आपकी गर्दन या पीठ पर ना पड़े.

      ▪ काम करते वक्त बीच-बीच में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के द्वारा शरीर को रिफ्रेश करते रहे.

    2. सुबह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (Morning stretching exercise)

    जब सुबह सोकर उठते हैं तो हमारी बॉडी एक विराम अवस्था में होती हैं क्योंकि हम पिछले 7 - 8 घंटे से सो रहे होते हैं. इसलिए शरीर की सक्रियता, मूवमेंट और लचीलापन बढ़ाने के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जरूरी होती है.

    सुबह के समय स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से कई फायदे होते हैं जैसे कि शरीर की मांसपेशियों का लचीलापन बढ़ता है, रक्त का प्रभाव सुचारू रूप से होता है, मांसपेशियों की लंबाई बढ़ती है जिससे शरीर के पोस्चर में सुधार आता है, शरीर के सभी मसल्स और जोड़ों में आराम मिलता है जिससे कमर दर्द को कम करने मे राहत मिलती है.


    3. पैदल चलना (to walk)

    कई विशेषज्ञों का मानना है कि पीठ के निचले हिस्से में दर्द को कम करने के लिए पैदल चलना एक कारगर उपाय है.

    पैदल चलने से आपके पैर और कमर की मांसपेशियों में लचीलापन और मजबूती आती है और साथ में मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ता है जिससे धीरे-धीरे वजन भी कम होता है. अधिक वजन भी कमर दर्द का एक कारण होता है.

    4. बीच-बीच में ब्रेक लें (Take a break in between)

    लंबे समय तक एक जगह बैठे रहना, घंटो तक ऑफिस या घर पर लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने काम करना और प्रतिदिन बस, ट्रेन से लंबे-लंबे सफर तय करना कमर (पीठ के निचले हिस्से में दर्द) का कारण बन सकते हैं.

    इसलिए यदि आप एक ही जगह पर कई घंटों तक बैठते हैं तो बीच- बीच में थोड़ा ब्रेक ले, इधर उधर थोड़ा सा वॉक करें जिससे आपकी रीड की हड्डी या बैक पर अधिक लोड ना पड़े.

    5. धूम्रपान से बचें (Avoid smoking)

    कई अध्ययनों से यह ज्ञात हुआ है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं उन्हें कमर में दर्द की समस्या का खतरा बढ़ जाता है. धूम्रपान करना सेहत के लिए भी हानिकारक होता है क्योंकि इससे कैंसर, हर्दय रोग और फेफड़ो के रोग होने की संभावनाएं बढ़ जाती है. इसलिए पीठ दर्द से बचने के लिए धूम्रपान का सेवन बिल्कुल ना करें.

    कमर दर्द के कारण और उपाय | Causes and remedies for back pain in hindi

    6. नियमित व्यायाम करें (Do regular exercise)

    शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए हमें सप्ताह में कम से कम चार या पांच दिन व्यायाम जरूर करना चाहिए. व्यायाम करने से शरीर की हड्डियों में मजबूती और मांसपेशियों में लचीलापन एवं मजबूती आती हैं.

    जब शरीर स्वस्थ और फिट रहेगा तो किसी भी प्रकार का बैक पेन होने की संभावना कम होती है तथा हम तनाव से भी दूर रहते हैं जो पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने का कारण बन सकता है.

    7. कमर दर्द के लिए योगासन (Do regular yoga)

    शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने के लिए योग करना एक बहुत अच्छा विकल्प है. योग करने से हम किसी भी प्रकार की शारीरिक व मानसिक बीमारी से बच सकते हैं.

    व्यस्त दिनचर्या की वजह से कमर के दर्द की समस्या को भी योग के द्वारा कम करने में मदद मिलती है. योग करने से मांसपेशियों में लचीलापन और मजबूती आती है जिससे पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम किया जा सकता है.

    कमर दर्द के लिए निम्न योगासन कर सकते हैं जैसे कि 

    1. शलभासन
    2. मकरासन
    3. धनुरासन
    4. मर्कटासन
    5. उष्ट्रासन
    6. पवनमुक्तासन
    7. धनुरासन

    8. संतुलित भोजन का सेवन (Balanced food intake)

    शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार का सेवन बेहद जरूरी है. संतुलित भोजन करने से शरीर को हर प्रकार के पोषक तत्व की प्राप्ति होती रहती है जिस कारण हम कई रोगो से सुरक्षित रहते हैं.

    हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए विटामिन डी और कैल्शियम खाद पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिससे हड्डियों में होने होने वाला दर्द और कमर दर्द से भी बचा जा सकता है.

    अंतिम शब्द | Last word

    कमर दर्द की समस्या अक्सर 35-40 की उम्र के बाद देखने को मिलती है लेकिन गलत लाइफ़स्टाइल, तनाव और व्यस्त जीवन की वजह से व्यक्ति अपने शरीर को पूर्ण रूप से आराम नहीं दे पाते हैं जिसकी वजह से कमर दर्द (पीठ के निचले हिस्से में दर्द) की समस्या किसी भी उम्र के लोगों में हो रही है.

    इसलिए इस लेख के द्वारा जाना कि कमर दर्द क्यों होता है, कमर दर्द के कारण, लक्षण और कमर दर्द ठीक करने के उपाय.

    कमर दर्द से बचाव के लिए लगातार एक जगह ना बैठे, बीच में थोड़ा सा ब्रेक ले, मूवमेंट करते रहें, नित्य व्यायाम करें और एक अच्छी जीवनशैली जिये.

    पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

    Q. कमर दर्द क्यों होता है?

    A. अक्सर आज के समय में बहुत से लोगों में कमर दर्द की समस्या हो रही है जिसका कारण गलत जीवनशैली और तनाव का दबाब हो सकता है. लगातार कार्यस्थल पर बैठे रहना, गलत तरीके से काम करना, तनाव महसूस करना, कमर के निचले हिस्से की हड्डियों या मांसपेशियों पर दबाव, ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी, कैल्शियम की कमी और विटामिन डी की कमी आदि कमर दर्द के कारण हो सकते हैं.

    Q. कमर दर्द के क्या लक्षण होते हैं?

    A. कमर दर्द होने पर कई तरह के लक्षण महसूस होते हैं जैसे कि झुकने, मुड़ने बैठने में परेशानी का सामना करना, शरीर का तापमान बढ़ना, कमर पर सूजन, गर्दन में दर्द रहना और मांसपेशियों में खिंचाव होना आदि.

    Q. कमर दर्द ठीक करने के क्या उपाय हैं?

    A. कमर दर्द सही करने के लिए हमें कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है जैसे कि शारीरिक मुद्रा, व्यायाम करना, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना, पैदल चलना, धूम्रपान ना करना, काम करते बीच-बीच में टहलना या ब्रेक लेना और योगासन करना आदि.

    Q. कमर दर्द में कौन-कौन से योग करना फायदेमंद होते हैं?

    A. पीठ दर्द में कई तरह के योगासन कर सकते हैं जैसे कि शलभासन, मकरासन, धनुरासन, मर्कटासन, उष्ट्रासन, पवनमुक्तासन और धनुरासन आदि.

    धन्यवाद...

    आइए और पढ़ते हैं..

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