आंखों के लिए काली मिर्च है बेमिसाल इसके फायदे, उपाय और नुकसान | Benefits of black pepper in hindi


आंखों के लिए काली मिर्च है बेमिसाल इसके फायदे, उपाय और नुकसान | Benefits of black pepper
आइए जानते हैं काली मिर्च के फायदे, नुकसान और घरेलू उपाय.

हम काली मिर्च का उपयोग अपने भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं तो इससे हमारा खाना स्वादिष्ट हो जाता है.

उसी प्रकार यदि हम काली मिर्च का सेवन अपने स्वास्थ्य के लिए करें तो इसके कई सेहतमंद फायदे देखने को मिलते हैं.

आज हम अपने इस लेख में विस्तृत रूप से काली मिर्च के फायदे, घरेलू उपाय, पोषक तत्वों की मात्रा और नुकसान के बारे में.

हम सभी काली मिर्च का उपयोग रसोई घर में भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए, नमकीन और भी कई प्रकार के व्यंजनों में जरूर करते हैं.

प्राचीन समय से ही काली मिर्च का उपयोग हमारे शरीर की कई बीमारियों को खत्म करने या उन्हें सही करने के लिए उपयोग की जा रही है.

आयुर्वेद ग्रंथों में भी काली मिर्च का उल्लेख दवाइयों के रूप में मिलता है.


    काली मिर्च क्या होती है और तथ्य | some facts in hindi

    • काली मिर्च के पेड़ वृक्षों पर चढ़ने वाली एक मोटी बेल की तरह होते हैं जो शाखाओं की गाँठो से निकलती और जड़ों से चिपकी रहती है.
    • काली मिर्च के पत्ते पान के आकार के लंबे एवं चौड़े होते हैं.
    • काली मिर्च के फूल छोटे आकार के होते हैं जो कच्ची अवस्था में हरे पकने पर लाल सूखने पर काले रंग के हो जाते हैं.
    • काली मिर्च की पैदावार विशेषता मलाया, कोंकड़ प्रदेश, बिहार, असम तथा मालाबार में होती है.
    • काली मिर्च का लैटिन नाम पाइपर नाइग्रम (piper nigrum) है.
    • काली मिर्च की तासीर गर्म प्रकृति की होती है.
    • काली मिर्च को हम घरों में मसालों की तरह उपयोग करते हैं और इसे हम मसाला की रानी (king of Spices) के रूप में जानते हैं.

    काली मिर्च के औषधीय गुण | kali mirch ke gun in hindi

    काली मिर्च के अंदर कई औषधीय गुण या विटामिंस पाए जाते हैं जैसे कि

    ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, फोलिक एसिड, विटामिन A, विटामिन C, विटामिन E, विटामिन K, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, आयरन आदि.

    काली मिर्च स्वाद में चरपरी पचने पर कटु तथा हल्की और गर्म प्रकृति की होती है.

    काली मिर्च के गुण पाचन क्रिया को दुरुस्त करने के लिए, नेत्र ज्योति को बढ़ाने, कफहर, रुचिकर, चर्मरोगहर, मूत्र जनक और हर प्रकार की सब्जी में काली मिर्च डालना लाभदायक होता है.

    काली मिर्च के फायदे | Benefits of black pepper in hindi

    आइए जानते हैं काली मिर्च के सेवन से हमारी सेहत को क्या फायदे (काली मिर्च के फायदे) होते हैं?

    1. आंखों के लिए काली मिर्च के फायदे

    आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए प्राचीन समय से ही काली मिर्च का उपयोग होता आ रहा है. आयुर्वेदिक दवाइयों में भी काली मिर्च का उपयोग जड़ी बूटियों के रूप किया जाता है.

    काली मिर्च का उपयोग एक ऐसा घरेलू नुस्खा है जो हमारी आंखों की रोशनी भी बढ़ाता है और आंखों के कई बीमारियां भी ठीक करता है.

    हर 100 ग्राम काली मिर्च के अंदर पोटेशियम (1259 mg), विटामिन A (299 IU) जैसे तत्वों की एक अच्छी मात्रा पाई जाती है जो हमारी आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए फायदेमंद होते हैं.

    काली मिर्च का कैसे उपयोग करना है यह हमने अपने लेख में काली मिर्च के घरेलू उपयोग में बताया है.

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    2. पाचन क्रिया में फायदेमंद

    वैज्ञानिक रूप से काली मिर्च का उपयोग पेट या पाचन क्रिया लिए फायदेमंद बताया गया है.

    क्योंकि काली मिर्च के अंदर कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारी पाचन क्रिया को दुरुस्त करते हैं और पेट के पाचन एंजाइमों को उत्तेजित कर पाचन क्षमता को बढ़ाते हैं.

    जैसे कि पाइपरीन, पैंक्रियाटिक लाइपेज, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट और डाइटरी फाइबर आदि.

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    3. सर्दी खांसी में काली मिर्च के फायदे

    सर्दी खांसी होने पर हम काली मिर्च का उपयोग घरेलू नुस्खे की तरह कर सकते हैं. आज भी आयुर्वेदिक दवाइयों में सर्दी-खांसी को सही करने के लिए काली मिर्च का उपयोग देख सकते हैं.

    काली मिर्च की तासीर गर्म होती है और इसके अंदर एक पाइपरीन नामक तत्व पाया जाता है जो हमें सर्दी खांसी जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है.

    दो या तीन काली मिर्च को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसने से खांसी में आराम मिलता है और गले का दर्द भी ठीक होता है.

    4. दांतों व मसूड़ों में फायदेमंद

    काली मिर्च का उपयोग दांतों व मसूड़ों के लिए भी फायदेमंद होता है क्योंकि काली मिर्च के अंदर एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और पाइपरीन पोषक तत्व पाए जाते हैं

    जो हमारे दांतों में लगे हुए बैक्टीरिया या कीड़ा आदि को नष्ट करने में मदद करते हैं.

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    5. वजन घटाने में काली मिर्च के फायदे

    जब हम भोजन बनाते हैं तो उसमें स्वाद बढ़ाने के लिए काली मिर्च को जरूर डालते हैं जिससे हमारा भोजन स्वादिष्ट और तीखा बने.

    जब हम तीखे भोजन का सेवन करते हैं तो इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और हमारा वजन धीरे धीरे कम होने लगता है.

    काली मिर्च के अंदर एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन K, C और डाइटरी फाइबर पोषक तत्व होते हैं जो हमारे वजन घटाने के लिए जरूरी होते हैं.

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    6. भूख बढ़ाने में

    भूख ना लगना एक तरह की बीमारी होती है जो हमें किसी भी उम्र की अवस्था में हो सकती है चाहे वह बच्चा हो, बूढ़ा, या जवान.

    भूख बढ़ाने के लिए हम कई तरह की टॉनिक, आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन करते हैं. लेकिन यदि हम काली मिर्च का सेवन भूख बढ़ाने के लिए करते हैं तो इससे भूख भी बढ़ती है और पाचन क्रिया दुरुस्त होती है.

    क्योंकि काली मिर्च के अंदर पाइपरीन, डाइटरी फाइबर और भी कई ऐसे तत्व होते हैं जो हमारी पाचन क्रिया को मजबूत करके भूख को बढ़ाते हैं.

    जब हमारी पाचन क्रिया अच्छी होगी तो हमें खुद ब खुद भूख लगेगी. भूख बढ़ाने के लिए हम काली मिर्च को कूटकर उसे गुड़ के साथ मिला लें और दवाई के रूप में दिन में 1 या 2 बार ले.

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    काली मिर्च खाने के 11 स्वास्थ्यवर्धक फायदे.

    7. कोलेस्ट्रॉल के लिए

    जब हमारे शरीर की धमनियों में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है तो इससे हमें हृदय से संबंधित बीमारियां पनपने लगती हैं.

    यदि हम काली मिर्च का सेवन करते हैं तो इससे खराब कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे हमारे शरीर से बाहर निकलता है और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी नियंत्रण रहती है.

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    8. रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए

    जब हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत होगी तो हम किसी भी बीमारी या वायरस के संपर्क से जल्द प्रभावित नहीं होते हैं.

    हम अपनी इम्यूनिटी पावर को मजबूत करने के लिए काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इसके अंदर एक अच्छी मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन C जैसे तत्व पाए जाते हैं

    जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं और अंदरूनी शक्ति प्रदान करते हैं.

    आज के समय में कोरोना वायरस से हम प्रभावित ना हो इसलिए हम काढ़े के रूप में काली मिर्च का भी सेवन करते हैं जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो.

    9. गठिया या जोड़ों के दर्द में

    जब जोड़ों में दर्द होता है या हम गठिया रोग से परेशान होते हैं तो हम काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं.

    क्योंकि काली मिर्च के अंदर पाइपरीन और एंटी इंफ्लेमेटरी जैसे गुण पाए जाते हैं जो हमारी पैरों की सूजन को कम करते हैं और हमारे दर्द को भी कम करने में मदद करते हैं.

    सूजन कम करने के लिए 5 काली मिर्च पीसकर चौथाई चम्मच मक्खन के साथ खाने से सूजन कम हो जाती है. 

    10. धूम्रपान छोड़ने में

    कई अध्ययनों से यह ज्ञात हुआ है कि यदि हम धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं तो काली मिर्च का सहारा ले सकते हैं वह ऐसे कि जब हम काली मिर्च पाउडर की भाप लेते हैं तो इससे हमारे धूम्रपान करने की आदत धीरे-धीरे कम होने लगती है.

    11. एंटीऑक्सीडेंट तत्व

    जब हम काली मिर्च का सेवन करते हैं तो इससे पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व की प्राप्ति होती है क्योंकि काली मिर्च के अंदर विटामिन C, विटामिन K जैसे तत्व पाए जाते हैं जो एक एंटी-ऑक्सीडेंट का ही रूप है.

    जब हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट की प्राप्ति होती है तो यह हमारे शरीर से विषैले तत्वों को पसीने के द्वारा बाहर निकालते हैं.

    हमें शक्ति प्रदान करते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और शरीर की कोशिकाओं को खराब होने से बचाते हैं.

    काली मिर्च के पोषक तत्वों की मात्रा – (Black pepper Nutrient Value Per 100 g in hindi)

    According to the USDA National Nutrients Database

    पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity) अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Dieatry Allowance - The estimated amount of a nutrient per day for good health)
    ऊर्जा (Energy) 255 Kcal 13 %
    कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 64.81 g 49 %
    प्रोटीन (Protein) 10.95 g 19.5 %
    टोटल फैट (Total fat) 3.26 g 11 %
    कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) 0 mg 0 %
    फाइबर (Dietary Fiber) 26.5 g 69 %
    फोलिक एसिड (Folic acid) 10 µg 2.5 %
    नियासिन (Niacin) 1.142 mg 7 %
    पाइरिडोक्सिन (pyridoxine) 0.340 mg 26 %
    राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.240 mg 18 %
    थायमिन (Thiamin) 0.109 mg 9 %
    विटामिन (Vitamin A) 299 IU 10 %
    विटामिन (Vitamin C) 21 mg 35 %
    विटामिन (Vitamin E) 4.56 mg 30 %
    सोडियम (Sodium) 44 mg 3 %
    पोटेशियम (Potassium) 1259 mg 27 %
    आयरन (Iron) 28.86 mg 360 %
    मैग्नीशियम (Megnesium) 194 mg 48.5 %
    मैग्नीज (Manganese) 5.625 mg 244.5 %
    जिंक (Zinc) 1.42 mg 13 %
    कैल्शियम (Calcium) 437 mg 44 %
    कॉपर (Copper) 1.127 mg 122 %

    आंखों के लिए काली मिर्च है बेमिसाल इसके फायदे, उपाय और नुकसान | Benefits of black pepper

    काली मिर्च के घरेलू उपाय | Home remedies in hindi

    आयुर्वेदिक समय से ही काली मिर्च का इस्तेमाल आयुर्वेद चिकित्सक शरीर की कई बीमारियों को सही करने के लिए घरेलू नुस्खों या उपायों की तरह उपयोग करते आ रहे हैं.

    तो आइए जानते हैं काली मिर्च के घरेलू उपाय

    आंखों के लिए - पिसी काली मिर्च, गाय का घी, शक्कर का बूरा सभी समान मात्रा में मिलाकर एक चौथाई चम्मच सुबह-शाम खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है.

    ➤ रूसी-जुएं - 8 काली मिर्च में 12 सीताफल के बीज पानी में पीसकर घी में मिलाकर रात को सिर में लगाएं प्रातः सिर धो लें इससे जुएं तथा बालों में होने वाली रूसी खत्म होगी और बाल भी अच्छे से ग्रोथ करेंगे.

    ➤ पुरानी खांसी - 6 काली मिर्च दिन भर में धीरे-धीरे चूसने से खांसी में पहले ही दिन से लाभ मिलने लगता है. काली मिर्च का उपयोग आयुर्वेदिक प्राचीन समय से ही खांसी को सही करने के लिए उपयोग किया जा रहा है.

    ➤ कफ - काली मिर्च पीसकर दो कप पानी में उबालें, चौथाई पानी रहने पर इसे छानकर एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम पिए इससे खासी, कफ, गले में होने वाला दर्द में भी आराम मिलेगा.

    गबलम - 10 काली मिर्च, 15 तुलसी के पत्ते पीसकर शहद में मिलाकर दिन में 3 बार चाटने से गले में जमा हुआ बलगम बाहर निकलता है और गले की सफाई होती है.

    दमा - 5 कालीमिर्च, 5 तुलसी के पत्ते चबाकर पानी पीने से दमा का दौरा शांत होता है.

    सूखी खांसी1. सूखी खांसी होने पर काली मिर्च और मिश्री मुंह में रखें इससे गला भी खुल जाता है और सूखी खांसी में लाभ मिलता है.

    2. काली मिर्च और मिश्री संभाग पीस लें इसमें थोड़ा सा घी मिलाए जिससे इसकी छोटी-छोटी गोलियां बन जाए और इन गोली को मुंह में रखकर चूसने से हर प्रकार की खांसी में लाभ होता है.

    3. 20 काली मिर्च 3 चम्मच घी में डालकर गर्म करें काली मिर्च गर्मी से कड़कड़ा कर ऊपर आ जाए तो आंच से उतार लें अब इसमें 20 ग्राम कुटी हुई मिश्री के टुकड़े डालकर मिला लें,

    फिर इसे स्वादानुसार धीरे-धीरे चबाकर खाएं फिर 1 घंटे तक कुछ भी ना खाएं.

    4. पांच कालीमिर्च और चौथाई चम्मच पिसी हुई सोंठ एक चम्मच शहद मिलाकर चाटने से कफ वाली खांसी में आराम मिलता है.

    ➤ बवासीर - एक काली मिर्च तथा बीज सहित मुनक्का दोनों एक साथ सुबह-शाम खाते रहने से मस्से सूख जाते हैं. 

    सूजन -5 काली मिर्च पीसकर चौथाई चम्मच मक्खन के साथ खिलाने से बच्चों की सूजन दूर हो जाती है.

    ➤ सुंदर संतान - गर्भावस्था में 8 माह तक प्रातः चौथाई चम्मच पिसी काली मिर्च, एक चम्मच मिश्री, एक चम्मच घी या मक्खन रोज खाएं. इसके 20 मिनट बाद नारियल या आधे घंटे बाद सौंफ खाएं, इसके आधे घंटे बाद गर्म दूध पिए तथा भोजन आधे घंटे बाद करें.

    ➤ कट जाना - शरीर में कहीं पर काम करते वक्त चाकू छुरी से कट जाने के बाद हम उस पर पिसी हुई काली मिर्च रख सकते हैं इससे आपका खून भी बंद हो जाएगा और जलन भी नहीं होगी.

    काली मिर्च खाने के नुकसान | side effects of Black pepper in hindi

    किसी भी चीज के अपने फायदे होते हैं और नुकसान भी लेकिन कोई भी चीज तब नुकसान करती है जब हम उसका सेवन अधिक मात्रा में कर लेते हैं.

    तो आइए जानते हैं काली मिर्च खाने के क्या नुकसान हो सकते हैं?

    1. अधिक मात्रा में काली मिर्च का सेवन हमारे पेट में जलन उत्पन्न कर सकता है.

    2. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को काली मिर्च का सेवन डॉक्टर से पूछ कर ही करना चाहिए. 

    3. यदि हमें कोई घाव, एसिडिटी या बवासीर की शिकायत हो काली मिर्च का उपयोग हमेशा डॉक्टर से पूछ कर ही करें.

    4. अधिक मात्रा में काली मिर्च का सेवन हमारी चेहरे की त्वचा को ड्राई बना सकता है और कील मुहांसों की भी शिकायत हो सकती है.

    5. काली मिर्च का इस्तेमाल बहुत ही सावधानी से करना चाहिए क्योंकि काली मिर्च का पाउडर गलती से भी आंखों में चला जाए तो यह आंखों में जलन पैदा कर सकता है.

    6. काली मिर्च का सेवन अधिक मात्रा में करने से यह हमारे पेट को खराब कर सकता है.

    7. काली मिर्च की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्मियों में इसका सेवन हमें कम करना चाहिए.

    निष्कर्ष | The conclusion in hindi

    इस पूरे लेख में हमने यह जाना कि काली मिर्च खाने के क्या फायदे और नुकसान होते हैं और काली मिर्च के घरेलू उपायों के बारे में.

    काली मिर्च का इस्तेमाल हमें 1 या 2 ग्राम मात्रा में ही करना चाहिए और यदि आप उसका सेवन करने के पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ले ले तो और भी अच्छा है.

    काली मिर्च की तासीर बहुत ही गर्म होती है इसलिए हमें इसका सेवन बड़ी सावधानी से करना चाहिए.

    प्राचीन समय से ही काली मिर्च का उपयोग शरीर की कई बीमारियों को खत्म करने के लिए एक जड़ी बूटियों के रूप में किया जा रहा है

    इसलिए आप काली मिर्च को अपने आहार में जरूर इस्तेमाल करें पर थोड़ी सावधानी से.

    स्वास्थ्य ही धन है | health is Wealth

    धन्यवाद.

    ✔ केला खाने के फायदे और नुकसान.

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