July 27, 2021

अमरूद खाने के फायदे और नुकसान | Benefits and harms of eating guava in hindi

अमरुद जरूर खाएं क्यों? इसके 12 आश्चर्यजनक फायदे, गुण, उपयोग और नुकसान

अमरुद की  ORAC वैल्यू  2550 per 100 gm  होती है. ORAC (oxygen radical absorbance capacity) का मतलब ऑक्सीजन रेडिकल अवशोषण क्षमता है. यह किसी भी खाद्य पदार्थ की कुल एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को मापने का पैमाना है. अमरुद की ORAC वैल्यू अधिक होने से इसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा पाई जाती है.

आज इस लेख के जरिए अमरूद के बारे में विस्तृत रूप से जानेंगे जैसे कि अमरूद खाने के फायदे और नुकसान, अमरूद के पोषक तत्वों की मात्रा, अमरूद के पत्ते के फायदे, अमरूद की तासीर, अमरूद के घरेलू उपयोग और अमरूद खाने का सही समय आदि.

जिस प्रकार भोजन सेहत के लिए जरूरी है उसी प्रकार फलों का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है. क्योंकि फलों के सेवन से वह सारे पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है जो भोजन से प्राप्त नहीं होते हैं.

अमरूद खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही अमरूद खाने से लाभ होते हैं क्योंकि इसके अंदर कई तरह के विटामिंस पाए जाते हैं जैसे कि.

अमरूद फल के अंदर ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, राइबोफ्लेविन, विटामिन A, विटामिन C, विटामिन E, विटामिन K, सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, कॉपर, आयरन, जिंक, फ्लवोनोइड्स, कार्टेनोइड्स, पॉलीफेनोल्स, एंटी-इन्फ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) एंटीऑक्सीडेंट (anti-oxidant) और भी कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं.
अमरूद के सेवन से सेहत को कई लाभकारी फायदे होते हैं जैसे कि कैंसर, वजन कम करने के लिए, पाचन शक्ति बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, आंखों के लिए, गर्भावस्था में, ब्लड प्रेशर, सर्दी-जुखाम, मासिक धर्म और स्वस्थ त्वचा के लिए आदि.

अमरूद खाने के फायदे और नुकसान के बारे में जानने से पहले आइए जानते हैं अमरूद के कुछ रोचक तथ्यो के बारे में.

    अमरूद से जुड़ी हुई जानकारी | Information related to guava in hindi

    • अमरूद का वैज्ञानिक नाम सीडियम गुआवा है.
    • अमरुद भी कई प्रकार के होते हैं जैसे कि अमरुद सेब, इलाहाबादी सफेदा अमरूद, चित्तीदार, लाल गूदेवाला आदि.
    • अमरुद एक सस्ता, सर्वसुलभ फल होता है जो गरीबों के खाने ही योग्य लगता है पर वास्तव में ऐसा नहीं है, अमरूद के अंदर सेब से भी अधिक पोषक तत्व होते हैं इसलिए इसे गरीबों का सेब भी कहा जाता है.
    • आयुर्वेद में अमरुद को शीतल, कसैला, अम्लीय और वीर्य वर्धक बताया गया है.
    • अमरूद गर्मियों और सर्दियों वाला फल है जो कि कई विटामिंस और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है.
    • अमरुद के अंदर सबसे अधिक मात्रा में विटामिन C पाया जाता है.
    • भारत में अमरूद की खेती महाराष्ट्र, कर्नाटक, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब आदि राज्यों में की जाती है.
    • ऐसा माना जाता है कि अमरूद की उत्पत्ति मेक्सिको या मध्य अमेरिका से हुई थी.
    • अमरुद ठंडी तासीर वाला फल है.

    अन्य भाषाओं में अमरूद के नाम – Guava name in other languages

    भाषा (Language) नाम (Name)
    हिंदी (Hindi) अमरूद, जामफल (Jamfal)
    उर्दू (Urdu) अमरुद (Amrud)
    अंग्रेजी (English) Guava
    बंगाली (Bengali) पेयारा (Peyara), पियारा (piyara)
    संस्कृत ( Sanskrit) पेरूक (Parook), अमृतफलम (Amritaphalam), बिही (Bihee)
    गुजराती ( Gujarati) जमरुख (Jamrukh), जमरुड (Jamrud)
    नेपाली (Nepali) अम्बा (Amba), अम्बक (Ambak)
    मराठी (Marathi) जम्बा (Jamba)

    अमरूद खाने के फायदे | Benefits of eating guava in hindi

    बाकी फलों की तरह अमरूद भी एक स्वास्थ्यवर्धक फल है जिसके अंदर कई जरूरी विटामिंस पाए जाते हैं जो सेहतमंत रहने के लिए आवश्यक होते है इसलिए हमेशा आहार के साथ-साथ फलों का सेवन भी जरूर करें.

    आइए जानते हैं अमरूद खाने से क्या होता है?

    1. मधुमेह में अमरूद के फायदे (Diabetes)


    मधुमेह जैसी बीमारी आज के समय में बड़ी आम बीमारी बन गई है. पहले यह एक निश्चित उम्र में देखने को मिलती थी पर अब यह किसी भी उम्र के लोगों में हो सकती है. इस बीमारी के खतरे को कम करने के लिए अमरूद का सेवन किया जा सकता है.

    क्योंकि अमरूद के अंदर भरपूर मात्रा में फाइबर (Fiber), एंटी-हाइपरलिपिडेमिक (Anti-hyperlipidemic), एंटी डायबिटिक (Anti-diabetic) गुण होते है जो मधुमेह जैसी बीमारी में सुधार करने के साथ-साथ शरीर में इंसुलिन के स्तर को स्थिर बनाए रखते है.

    कई अध्ययनों से यही भी ज्ञात हुआ है कि अमरूद के सेवन से टाइप- 2 डायबिटीज बीमारी के जोखिम से बचा जा सकता है.


    2. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में अमरूद के फायदे (Boosting immunity)


    जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो आप किसी भी रोग या संक्रमण से आसानी से प्रभावित नहीं होंगे.

    शरीर की इम्युनिटी पावर (Immunity power) ही बाहरी संक्रमण से लड़ने में मदद करती है जिस कारण मौसम परिवर्तन होने से भी कई छोटी-छोटी बीमारियों से भी बच सकते हैं जैसे कि सर्दी जुखाम और बुखार आदि.

    रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भोजन के साथ-साथ कुछ ऐसे मौसमी फलों का सेवन भी करना चाहिए जिससे शरीर को अधिक मात्रा में पोषक तत्व, विटामिन और खनिज तत्व मिलते रहे.

    शरीर की इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के लिए विटामिन C और एंटी-ऑक्सीडेंट तत्वों की जरूरत होती है जो अमरूद के अंदर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.

    100 gm अमरूद के अंदर 228 mg विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है.

    3. आंखों के लिए फायदेमंद (For eyes)


    यदि आंखों की रोशनी कम हो जाती है तो ऐसे में आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए अमरूद खाना बहुत फायदेमंद होता है.

    क्योंकि अमरूद के अंदर पर्याप्त मात्रा में विटामिन C और विटामिन A होता है जो आंखों से संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद करते हैं.

    अमरूद के पत्तों की पोटली बनाकर रात को सोते समय आंखों पर बांधने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है, आंखों की लालिमा, सूजन और वेदना में भी फायदा पहुंचता है.

    100 gm अमरूद के अंदर 624 IU विटामिन ए पाया जाता है.


    4. अमरूद के फायदे सर्दी-खांसी में (cold and cough)


    सर्दी-खांसी को सही करने के लिए आयरन (0.26 mg) और विटामिन C तत्वों की जरूरत होती है जो कि अमरूद के अंदर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यदि सूखी खांसी हुई है तो एक अमरुद को गरम रेत पर भून कर खाने से सुखी, काली खांसी में आराम मिलता है.

    कभी भी अमरुद खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए इससे जुखाम होने का खतरा बढ़ जाता है.


    5. कब्ज में अमरूद के फायदे (constipation)


    यह गलत खानपान और लाइफस्टाइल जीने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, अधिकतर कई बीमारियां पेट से ही शुरू होती है उनमें से एक बीमारी कब्ज भी है.

    यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को मल त्यागने में बहुत परेशानी होती है और दर्द का सामना भी करना पड़ता है.

    कब्ज की बीमारी से छुटकारा पाने में अमरूद का सेवन काफी हद तक फायदेमंद होता है क्योंकि अमरूद के अंदर प्रचुर मात्रा में फाइबर तत्व पाए जाते हैं जो पेट से संबंधित समस्याओं को कम करके मल त्यागने में मदद करते हैं. इसलिए अमरुद को अपने आहार या सलाद के रूप में जरूर शामिल करें.

    जिन लोगों को पुरानी कब्ज की शिकायत होती है उन्हें सुबह-शाम अमरूद खाना चाहिए जिससे पेट साफ होने में आसानी होती है. अमरूद खाने से या अमरूद के साथ किशमिश खाने से कब्ज की शिकायत नहीं रहती है.

    हर 100 ग्राम अमरूद के अंदर 5.4 ग्राम फाइबर की मात्रा होती है. 


    6. अमरूद के फायदे पाचन शक्ति में (Digestive Power)


    आज के समय में पाचन संबंधी समस्या कई लोगों में देखी जा सकती है, जिसका कारण गलत खानपान, लाइफ़स्टाइल, लगातार एक ही जगह बैठ कर काम करना और व्यायाम ना करना आदि हो सकते हैं.

    पाचन शक्ति को दुरुस्त करने के लिए अमरूद एक जड़ी-बूटी के रूप में काम करता है क्योंकि अमरूद के अंदर फाइबर, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-माइक्रोबियल तत्व होते हैं जो पाचन शक्ति में सुधार करते हैं और पेट में होने वाली ऐठन, दस्त लगना इनमें भी मददगार साबित होते हैं.

    अमरुद जरूर खाएं क्यों? इसके 12 आश्चर्यजनक फायदे, गुण, उपयोग और नुकसान
    अमरूद के 12 सेहतमंद फायदे | 12 healthy benefits of guava 

    7. वजन कम करने में अमरूद के फायदे (Reducing weight)


    जी हां वजन कम करने के लिए भी अमरूद का सेवन कर सकते हैं क्योंकि अमरूद के अंदर प्रोटीन, विटामिन, फाइबर जैसे कई पोषक तत्व होते हैं जो मेटाबॉलिज्म के स्तर को बढ़ाते हैं और नियंत्रण बनाए रखते हैं.

    अमरूद के सेवन से ज्यादा भूख नहीं लगती है जिससे अधिक मात्रा में खाना खाने से बचे रहते हैं.

    8. हृदय के लिए अमरूद के फायदे (For heart)


    जब हृदय की कोशिकाओं में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है तब हृदय संबंधित बीमारियों का जोखिम बढ़ने लगता है जैसे की हार्टअटैक, हाइपरटेंशन और हार्ट ब्लॉकेज आदि.

    यदि हम अमरूद का सेवन करते हैं तो इसमें पाया जाने वाला फाइबर कोशिकाओं के अंदर से खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित बनाए रखता है.

    अमरूद में विटामिन C पाया जाता है जो हृदय को नई शक्ति देकर शरीर में स्फूर्ति पैदा करता है.


    9. थायराइड में अमरूद के फायदे (Thyroid)


    थायराइड बीमारी आज के समय में एक आम बीमारी बन गई है जो अधिकांश लोगों में देखने को मिलती है. डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 40 मिलियन लोग इस बीमारी से पीड़ित है. मानव शरीर में थायराइड ग्रंथि एक तितली के आकार के समान होती है जिस ग्रंथि का काम हार्मोन का निर्माण करना है.

    जब यह ग्रंथि अपना काम सही रूप से नहीं कर पाती है तो इसी समस्या को थायराइड की बीमारी कहते हैं. थायराइड की बीमारी हो दूर करने के लिए कॉपर तत्व की जरूरत पड़ती है जो अमरूद के अंदर एक अच्छी मात्रा में कॉपर तत्व पाया जाता है.

    100 ग्राम के अमरूद के अंदर 0.230 mg कॉपर पाया जाता है.


    10. खूबसूरत त्वचा के लिए अमरूद के फायदे (Beautiful skin)


    यदि आप अपना रूप रंग निखारना चाहते हैं तो अमरूद का सेवन एक औषधि के रूप में कर सकते हैं.

    अमरूद के अंदर विटामिन C, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और लाइकोपीन गुण होते हैं जो त्वचा की देखभाल करते हैं और त्वचा को ग्लो करने में मदद करते हैं.

    अमरूद खाने से या इसकी पत्तियों के काढ़े से मुंह को धोने से त्वचा में निखार आने लगता है.


    11. गर्भावस्था में अमरूद खाने के फायदे (During pregnancy)


    गर्भावस्था के दौरान महिला और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है. गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसका विशेष ध्यान रखना पड़ता है?

    अमरुद एक ऐसा फल है जो गर्भावस्था के समय खाया जा सकता है क्योंकि इसके अंदर मौजूद पोषक तत्व गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

    डॉक्टर्स भी गर्भवती महिलाओं को अमरूद खाने की सलाह देते हैं.

    12. एनीमिया बीमारी में भी फायदेमंद (anemia)


    जब शरीर में खून की कमी होने लगती है तो एनीमिया जैसी बीमारियों के शिकार बन जाते हैं ऐसे में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

    अमरूद एक ऐसा फल है जिसके अंदर पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है जो काफी हद तक शरीर के अंदर खून की कमी को पूरा कर सकता है. इसलिए सुबह-शाम एक अमरूद जरूर खाएं.

    100 gm अमरूद के अंदर 0.2 6 mg आयरन पाया जाता है.


    अमरुद जरूर खाएं क्यों? इसके 12 आश्चर्यजनक फायदे, गुण, उपयोग और नुकसान

    अमरूद के पोषक तत्व की मात्रा – (Guava Nutrient Value Per 100 g in hindi)

    According to the USDA National Nutrients Database

    पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity) अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Dieatry Allowance - The estimated amount of a nutrient per day for good health)
    ऊर्जा (Energy) 68 Kcal 3.50%
    कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 14.3 g 11.50%
    प्रोटीन (Protein) 2.55 g 5%
    टोटल फैट (Total fat) 0.95 g 3%
    कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) 0 mg 0%
    फाइबर (Dietary Fiber) 5.4 g 14%
    फोलटेस (Folates) 49 µg 12.50%
    नियासिन (Niacin) 1.084 mg 7%
    पाइरिडोक्सिन (pyridoxine) 0.451 mg 9%
    राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.040 mg 3%
    थायमिन (Thiamin) 0.067 mg 5.50%
    विटामिन (Vitamin A) 624 IU 21%
    विटामिन (Vitamin C) 228 mg 396%
    विटामिन (Vitamin E) 0.73 mg 5%
    विटामिन (Vitamin k) 2.6 µg 2%
    सोडियम (Sodium) 2 mg 0%
    पोटेशियम (Potassium) 417 mg 9%
    आयरन (Iron) 0.26 mg 3%
    मैग्नीशियम (Megnesium) 22 mg 5.50%
    मैग्नीज (Manganese) 0.150 mg 6.50%
    जिंक (Zinc) 0.23 mg 2%
    कैल्शियम (Calcium) 18 mg 2%
    कॉपर (Copper) 0.230 mg 2.50%

    अमरूद के उपयोग | uses of guava in hindi

    अमरूद एक ऐसा फल है जो औषधि के रूप में बहुत उपयोगी है. आइए जानते हैं अमरूद खाने के उपाय और अमरूद के पत्ते (अमरूद के पत्ते के फायदे) को कैसे उपयोग कर सकते हैं?

    1. अच्छे मीठे पके हुए अमरूदों को मसलकर दूध में अच्छे से फेंट ले फिर उसे छानकर इसके बीज निकाल ले. नियमित रूप से 21 दिन तक इसका सेवन करने से शरीर की धातु वर्धक (वीर्य की वृद्धि) बढ़ती है.

    2. नमक के साथ पके हुए अमरूद खाने से पेट दर्द में आराम होता है. अमरूद के पेड़ की पत्तियों को बारीक पीसकर काले नमक के साथ चाटने से पेट दर्द में लाभ होता है.

    3. सुबह खाली पेट 200-300 ग्राम अमरुद नियमित रूप से सेवन करने से बवासीर में लाभ होता है. पके हुए अमरूद खाने से पेट में कब्ज की समस्या और बवासीर रोग में भी फायदा होता है.

    4. अमरुद को भूनकर खाने से सूखी कफयुक्त और काली खांसी में आराम मिलता है इसे दिन में 2 बार खाना चाहिए.

    5. अमरूद के पत्तों को दातों से चबाने से दांतो के दर्द में आराम मिलता है. अमरूद के पत्तों को जल में उबालें इस जल में फिटकरी घोलकर कुल्ले करने से दातों की पीड़ा नष्ट हो जाती है.

    6. अमरूद के पत्तों को चबाने से मसूड़ों में दर्द, सूजन और आंतों में दर्द होने पर अमरूद के पत्तों को उबालकर गुनगुने पानी से कुल्ला करने से आराम मिलता है.

    7. जब कभी आधे सिर में दर्द होता है तो कच्चे अमरुद को पीसकर सिर पर लेप लगाने से आराम मिलता है.

    8. जुखाम को सही करने के लिए अमरूद के बीज निकालकर खाएं और ऊपर से एक गिलास पानी पी ले. 2-3 दिन ऐसा करने से जब जुखाम का बहाव बढ़ जाए तो उसे रोकने के लिए 50 से 100 ग्राम गुड़ खा लें और बाद में पानी ना पिए. अमरूद खाना सर्दी और जुकाम को दूर करने के लिए प्राकृतिक औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है.

    9. मलेरिया बुखार में भी अमरूद खाना लाभकारी होता है.

    10. 250 ग्राम अमरूद खाकर ऊपर से गर्म दूध पीने से कब्ज दूर होती है. अमरुद को नाश्ते के समय कालीमिर्च, काला नमक, अदरक के साथ खाने से गैस, पेट फूलना, कब्ज यह सारी समस्याएं दूर होती हैं और साथ में भूख भी बढ़ती है. पुरानी कब्ज के रोगियों को सुबह- शाम अमरुद जरूर खाना चाहिए.

    11. पेट साफ करने के लिए अमरूद बहुत फायदेमंद होता है.

    12. एक अमरुद को गर्म बालू में सेक कर सुबह-शाम दो बार खाने से काली खांसी ठीक हो जाती है.

    13. अमरूद की कोमल पत्तियां उबालकर पीने से पुराने दस्तों के रोग को ठीक करने में मदद मिलती है. आंतों में सूजन आ जाए, घाव हो जाए तो 2-3 महीने लगातार 250 ग्राम अमरुद रोजाना खाते रहने से दस्तों में लाभ होता है. अमरूद में टैनिक एसिड होता है जिसका महत्वपूर्ण काम घाव भरना होता है.

    14. अमरूद के फलों के बीज निकाल कर बारीक- बारीक काटकर चीनी के साथ धीमी आंच पर बनाई हुई चटनी हृदय के लिए बहुत लाभकारी तथा कब्ज को भी दूर करती है.

    हृदय की कमजोरी के लिए अमरुद को कुचल कर उसका आधा कप रस निकाल लें उसमें थोड़ा सा नीबू का रस डालकर पी जाए. क्योंकि अमरूद के अंदर विटामिन C होता है जो हृदय में नई शक्ति देकर स्फूर्ति पैदा करता है.

    15. अमरूद के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर पानी में डाल दें कुछ देर बाद इस पानी को पीने से मधुमेह रोग के कारण बार-बार प्यास लगने में लाभ होता है.

    16. अमरूद का मुरब्बा प्रवाहिका एवं अतिसार में फायदेमंद होता है.

    17. अमरूद खाने से या इसके पत्तों का रस पीने से भांग, धतूरा आदि का नशा दूर हो जाता है.

    18. अदरक का रस एक चम्मच, नींबू का रस का आधा चम्मच और शहद को डालकर खाने से पेट की गैस में धीरे-धीरे लाभ होता है. अमरूद के पेड़ की दो पत्तियों को चबाकर पानी के साथ सेवन करने से पेट में होने वाली अपच में आराम मिलता है.

    19. रोजाना भोजन करने के बाद अमरूद का सेवन करने से मुंह के छालों में आराम मिलता है या अमरूद के पत्तों में कत्था मिलाकर पान की तरह चबाने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं.

    20. अमरूद, लीची, खीरा खाने से बार-बार प्यास का लगना कम हो जाता है.

    21. गठिया के दर्द को सही करने के लिए अमरूद की पत्तियों को पीसकर उसमें जरा सा काला नमक डालकर प्रतिदिन सेवन करने से रोगी को आराम मिलता है.

    22. अमरूद की थोड़ी सी पत्तियों को लेकर पानी में उबालकर पीस लें और इस लेप को फोड़े फुंसियों पर लगाने से लाभ होता है.

    अमरूद के पत्तों के फायदे | Benefits of guava leaves in hindi

    अमरूद के पत्ते भी अमरूद फल से कम नहीं. अमरूद का फल जितना सेहतमंद होता है उतना ही अमरूद के पत्ते भी सेहतमंद होते हैं और कई बीमारियों को ठीक करने में रामबाण औषधि के रूप में उपयोगी होते हैं.

    अमरूद फल के अंदर कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिए जरूरी होते हैं जैसे कि  आदि.

    1. डायबिटीज - अमरूद के पत्तों के अंदर फेनोलिक यौगिक तत्व पाए जाते हैं जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.

    इसके लिए आप अमरूद के पत्तों का सेवन कर सकते हैं या अमरूद के पत्तों की चाय बनाकर भी पी सकते हैं. इससे खून में शुगर का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है.

    2. डेंगू बुखार - अमरूद के पत्तों का सेवन डेंगू बुखार में भी बहुत फायदेमंद होता है. अमरूद के नियमित पत्तों का सेवन करने से रक्त में प्लेटो की संख्या में वृद्धि होती है जिससे डेंगू बुखार से लड़ने में मदद मिलती है. 

    3. कैंसर - कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से लड़ने में भी अमरूद के पत्ते बहुत फायदेमंद होते हैं, क्योंकि अमरूद के पत्तों के अंदर लाइकोपीन नामक एंटी-ऑक्सीडेंट होता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है.

    4. इम्यून सिस्टम - अमरूद के पत्तों का रोज सेवन करने से शरीर का इम्यून सिस्टम (Immune system) मजबूत होता है क्योंकि अमरूद के पत्तों के अंदर पर्याप्त मात्रा में विटामिन C पाया जाता है जो बाहरी रोगों से लड़ने में मदद करता है.

    5. पाचन तंत्र - अमरूद के पत्तों के अंदर डाइटरी फाइबर जैसे तत्व पाए जाते हैं जो छोटी आंतों के लिए की सफाई के लिए बहुत ही लाभदायक होते हैं. इससे पाचन शक्ति मजबूत होती है और पेट भी अच्छे से साफ होता है.

    6. इन्फ्लेमेशन - नियमित रोजाना अमरूद  के एक पत्ते का सेवन करने से शरीर में इन्फ्लेमेशन कम होता है. इन्फ्लेशन का मतलब शरीर में सूजन का होना.

    7. बैक्टीरियल - अमरूद के पत्तों के अंदर एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो शरीर के अंदर मौजूद विषैले तत्वों को खत्म करने में मदद करते हैं. जब शरीर के अंदर खराब बैक्टीरिया नहीं होंगे तो ना ही जल्द बीमार होंगे और स्वस्थ भी रहेंगे. 

    8. एलर्जी - केवल रोजाना एक अमरूद का पत्ता खाने से एलर्जी ऐसी समस्याओं से भी निजात पा सकते हैं. अमरूद के पत्ते खाने से शरीर में हिस्टामाइन पदार्थ का उत्पादन होता है जो एलर्जी ऐसी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है.

    9. रोटावायरस - एक शोध में पाया गया है की अमरूद के पत्तों का रोजाना सेवन करने से रोटावायरस जैसी बीमारी से भी बच सकते हैं. 

    अमरूद की तासीर | Taseer of guava fruit in hindi

    किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पहले उसकी तासीर जरूर जानी चाहिए. अमरूद फल की तासीर ठंडी होती है, इसलिए अमरूद का सेवन करने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए.

    अमरुद खाने के बाद यदि पानी पीते हैं तो इससे जुखाम-खांसी होने का खतरा हो सकता है.

    अमरूद की चटनी कैसे बनाते हैं | How to make guava sauce? 

    ▪ 250 ग्राम अमरूद, हरी पत्ती धनिया, हरी मिर्च, एक चम्मच भुना हुआ जीरा, थोड़ी सी पिसी हुई कालीमिर्च, एक अदरक का टुकड़ा और आवश्यकतानुसार काला नमक.

    ▪ इन सब चीजों को एक मिक्सी के जार में डाल दें और इसे ग्राइंड कर ले.

    ▪ इस चटनी को मिक्सी के जार से निकालकर अच्छे से मिला ले और आप की चटनी तैयार है.

    अमरूद खाने के नुकसान | Side effects of guava in hindi

    फल सेहत को स्वस्थ रखने के लिए टॉनिक के रूप में काम करते हैं क्योंकि इनसे हर वह जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होता है जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक हैं. लेकिन किसी भी फल या खाद पदार्थ की अधिकता शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है.

    तो आइए जानते हैं अमरूद खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

    1. गर्भवती महिलाओं को अमरूद का सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जो महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकता है.

    2. अमरूद के अंदर फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके अधिक सेवन से हमें पाचन संबंधी समस्या, सूजन, गैस और मल त्यागने में परेशानियां हो सकती है.

    3. अगर आपकी पाचन शक्ति कमजोर है तो अमरूद का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए. कभी भी अमरुद खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए नहीं तो जुखाम-खांसी जैसी बीमारियों के शिकार हो सकते है.

    4. यदि सर्दी-खांसी की समस्या ज्यादा है तो अमरूद का सेवन कम करना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है.

    सारांश | Summary In hindi 

    अमरूद एक ऐसा फल है जो औषधि के रूप में बहुत उपयोगी है क्योंकि इसके अंदर कई तरह के विटामिंस पाए जाते हैं जो शरीर की अंदरूनी शक्ति को बढ़ाने के लिए जरूरी होते हैं.

    इस पूरे लेख में यह जाना कि अमरूद खाने के फायदे और नुकसान, अमरूद के पत्तों के फायदे, अमरूद के लाभ, तासीर और पोषक तत्वों के बारे में. 

    इसलिए अपने आहार में अमरूद को जरूर शामिल करना चाहिए.

    पूछे जाने वाले सवाल | FAQ

    Q. अमरूद के अंदर प्रोटीन की मात्रा कितनी होती है?
    A. हर 100 ग्राम अमरूद के अंदर प्रोटीन की मात्रा 2.55 ग्राम होती है.

    Q. अमरूद खाने का सही समय क्या है?
    A. अमरूद खाने का सही समय दोपहर में होता है लेकिन हम खाली पेट भी अमरूद का सेवन कर सकते हैं.

    Q. अमरूद का वैज्ञानिक नाम क्या है?
    A. अमरूद का वैज्ञानिक नाम सीडियम गुआवा है.

    Q. अमरूद खाने से क्या-क्या फायदे होते हैं?
    A. अमरूद के सेवन से कई लाभकारी फायदे होते हैं जैसे कि कैंसर, वजन कम करने के लिए, पाचन शक्ति बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, आंखों के लिए, गर्भावस्था में, ब्लड प्रेशर, सर्दी-जुखाम, मासिक धर्म और स्वस्थ त्वचा के लिए आदि.

    Q.अमरूद के पत्तों के क्या फायदे होते हैं?
    A.अमरूद के पत्तों को चबाने से मुंह की दुर्गंध कम होती है, मसूड़ों के दर्द में आराम मिलता है और फोड़े-फुंसियों पर अमरूद की पत्तियों का लेप लगाने से फायदा होता है.

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