पुदीना व इसके जूस के औषधीय गुण, उपाय और नुकसान | pudina ke gun, upay aur nuksan in hindi

 पुदीना व इसके जूस के औषधीय गुण, उपाय और नुकसान

पुदीना जितना अपनी खुशबू के लिए जाना जाता है उससे कहीं ज्यादा वह सेहत के लिए फायदेमंद होता है.  आइए जानते हैं कि कैसे हम पुदीना के जूस के सेवन से अपने वजन को कम कर सकते हैं और इसके घरेलू उपायों के बारे में?

पुदीना अपनी ठंडक के लिए जाना जाता है, इसके सेवन से हमारे शरीर को अंदरूनी ठंडक मिलती है. वह इसलिए क्योंकि पुदीना के अंदर एक मुख्य घटक पाया जाता है जिसको हम मेंथॉल के नाम से जानते हैं.

कई अध्ययनों से यह ज्ञात हुआ है कि पुदीना का उपयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए और कई छोटी-छोटी बीमारियों से बचने के लिए लाभदायक होता है.

पुदीना इसलिए हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसके अंदर ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, एंटीवायरल, एंटीमाइक्रोबियल, एंटीसेप्टिक और एंटी ऑक्सीडेंट और बाहरी वातावरण के संक्रमण से लड़ने की क्षमता होती है.

पुदीना औषधियों से भरा हुआ पौधा है जो कि प्राचीन काल से ही आयुर्वेदिक दवाइयों में और जड़ी-बूटियों के रूप में उपयोग किया जा रहा है. आज भी पुदीना का उपयोग टूथपेस्ट, साबुन, दवाइयों, घर की रसोई में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए और भी कई चीजों में किया जाता है.


    पुदीने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी | Important information about mint in hindi

    1. पुदीने को हम पहाड़ी पुदीना से भी जानते हैं क्योंकि यह पहाड़ी इलाकों में सबसे अधिक होता है.
    2. पुदीने का वानस्पतिक नाम - मेंथा स्पाइकेटा लिंन (Mentha spicata linn) है.
    3. यह लमिएसी कुल का पौधा है.
    4. पुदीना की विभिन्न प्रजातियां यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका और एशिया में भी पाई जाती है.
    5. भारत में इसकी खेती उत्तर प्रदेश, नैनीताल, मुरादाबाद, बरेली और पंजाब में की जाती है. 
    6. पुदीना ठंडी तासीर वाला पौधा है.
    7. पुदीने के अन्य भाषाओं में नाम जैसे कि हिंदी - पहाड़ी पुदीना, पुदीना | तेलुगु – पुदीना | तमिल – पुदीना | बंगाली – पुदीना | पंजाबी - पहाड़ी पोदीना | इंग्लिश – गार्डेन मिंट, लैब मेंट.

    पुदीना के औषधीय गुण या फायदे | Benefits of peppermint in hindi

    जैसा कि हम ऊपर पढ़ चुके हैं की पुदीना एक आयुर्वेदिक पौधा है जिसका उपयोग हम अपने खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए और अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए करते हैं.

    आइए जानते हैं कि पुदीना के उपयोग से हमारी सेहत को क्या फायदे होते हैं?

    1. पुदीना के फायदे पेट के लिए | Benefits of peppermint for stomach


    गलत लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से धीरे-धीरे हमारे पेट में पाचन तंत्र से संबंधित कई समस्याएं उत्पन्न होने लगती है, जैसे कि खट्टी डकार आना, खाना ना पचना, गैस बनना.

    इन सब समस्याओं को कम करने के लिए भी हम पुदीना का उपयोग कर सकते हैं. कई अध्ययनों के अनुसार पुदीना के अंदर ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारी पाचन क्रिया को उत्तेजित करते हैं.

    पुदीना के उपयोग से हमारे पेट की मांसपेशियों को आराम मिलता है और वह हमारे पित्त रस के प्रभाव को बढ़ाता हैं, जिससे हमारी पाचन क्रिया दुरुस्त होती है और हमारे पेट से संबंधित समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं.

    आप अपने आहार में पुदीना की चटनी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं आपके आहार का स्वाद भी बढ़ेगा और आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी.


    2. सांस की बदबू को करें दूर | For bad breath


    पुदीना का सबसे अच्छा इस्तेमाल या उपयोग मुंह में आने वाली दुर्गंध या बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए और फेफड़ों में जमे हुए बलगम को धीरे-धीरे कम करने के लिए किया जाता है.

    बाजार में बहुत से ऐसे प्रोडक्ट आते हैं जिसमें पुदीना का इस्तेमाल ठंडक के लिए और सांस की बदबू को कम करने के लिए उपयोग होता है.

    अध्ययनों से यह ज्ञात हुआ है कि यदि हम पुदीना के पानी से दिन में दो या तीन बार लगातार कुछ दिनों तक कुल्ला करते हैं, तो हमारे मुंह में आने वाली दुर्गंध कम हो जाती है और हमारे गले में होने वाले इन्फेक्शन में भी हमें आराम मिलता है.

     पुदीना व इसके जूस के औषधीय गुण, उपाय और नुकसान

    3. तनाव करें कम | Reduce stress


    दिनभर की दिनचर्या में ऑफिस में घर में काम करते करते हम धीरे-धीरे तनाव महसूस करने लगते हैं और हमें चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है. इस तनाव को काफी हद तक कम करने के लिए हम पुदीने का इस्तेमाल चाय के रूप में कर सकते हैं.

    कई शोधों से यह ज्ञात हुआ है कि हर्बल चाय में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो इन स्थितियों में तनाव को दूर करने के लिए फायदेमंद होती है.

    इसलिए यदि हम पुदीने की चाय का सेवन करते हैं तो हमारा तनाव भी दूर होता है और हमें पेट से संबंधित, मुंह में आने वाली दुर्गंध इन समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है. प्राचीन समय से ही पुदीने का इस्तेमाल हम काढ़ा बनाने, चाय बनाने में करते आ रहे हैं.


    4. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए | To increase immunity


    स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि हमारी प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत रहे जिससे हम छोटी-छोटी बीमारियों और बाहरी संक्रमण से बचे रहें.

    प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आप अपने दैनिक जीवन में पुदीने का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि पुदीने के अंदर कई ऐसे पोषक तत्व (Nutrients) पाए जाते हैं जो हमारी बॉडी के लिए बहुत जरूरी होते हैं, जैसे कि कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन, ऊर्जा (Energy) आदि.

    इसलिए यदि हम पुदीना का उपयोग किसी भी रूप में करते हैं तो हमें सभी पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है और हमारी इम्यूनिटी बूस्ट होती है.


    5. सर्दियों या सर्दी-जुखाम में लाभदायक | Beneficial in winter cold


    पुदीना का पौधा बारहमासी पौधा होता है यह हमें हर सीजन में मिल जाता है. पुदीने का उपयोग हम सर्दियों में होने वाली खांसी-जुखाम को सही करने के लिए भी कर सकते हैं.

    क्योंकि पुदीना के अंदर एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो इन परेशानियों को कम करने के लिए फायदेमंद होते हैं.

    यदि हम सर्दियों में पुदीना की चाय पीते हैं तो इससे हमारी सेहत को कई लाभ मिलते हैं और हमारी बॉडी भी डिटॉक्सिफाई होती है.

    6. मोटापा करे कम | Reduce fat

    पुदीना के जूस से करें वजन कम
    पुदीना के जूस से करें वजन कम | Lose weight with peppermint juice

    गलत जीवनशैली जीने से अपने खानपान पर नियंत्रण ना करने से हमारे शरीर पर अतिरिक्त चर्बी बढ़ने लगती है, जिससे हमारा वजन बढ़ जाता है और हम दिखने में भी भद्दे लगने लगते हैं.

    इस अतिरिक्त चर्बी के भाग को कम करने के लिए हम पुदीना का उपयोग कर सकते हैं.


    7. पुदीना के फायदे त्वचा के लिए | Benefits of peppermint for skin


    पुदीने के जितने फायदे होते हैं उनमें से एक फायदा हमारी त्वचा के लिए भी होता है. हमारी त्वचा पर होने वाले कील मुंहासे छोटी-छोटी फुंसियां और भी त्वचा संबंधी रोगो को कम करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.

    पुदीना के अंदर एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी वायरल, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और बहुत से गुण होते हैं जो इन सारी परेशानियों को दूर करने के लिए लाभदायक होते हैं.

    कई रिपोर्टों से यह ज्ञात हुआ है कि पुदीना के अंदर पाए जाने वाला मेंथॉल इन समस्याओं को कम करने के लिए फायदेमंद होता है. इसलिए बहुत से ऐसे मार्केट में साबुन आते हैं जिनके अंदर मेंथॉल की मात्रा पाई जाती है जो हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं.


    8. बालों के विकास के लिए | For hair growth


    पुदीना के उपयोग से हमारे बालों का विकास होता है, बालों का रूखापन, रूसी, बालों का गिरना इन सब समस्याओं से हमें छुटकारा मिलता है.

    यदि हम पुदीना का घरेलू उपाय अपने बालों में इस्तेमाल करते हैं जैसे कि पुदीने के तेल की कुछ बूंदें जैतून के तेल, नारियल तेल में मिलाएं और उस तेल से अपने बालों की मालिश करें. इसे करने से आपके बालों का विकास भी होगा और बालों की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं.

    9. अस्थमा बीमारी के लिए फायदेमंद | Beneficial for asthma disease


    अस्थमा की बीमारी में आमतौर से लोगों को सांस लेने में समस्या होने लगती है. इस समस्या को कम करने के लिए यदि हम पुदीना का इस्तेमाल करते हैं तो यह हमारे गले, फेफड़े में जमे हुए कफ को और हमारे शरीर में जमे हुए बलगम को बाहर निकालता है.

    पुदीना में पाए जाने वाले एंटीइन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो हमारे शरीर में होने वाली एलर्जी प्रतिक्रियाओं को रोकते हैं.

    10. सिर दर्द में दे राहत | Give relief in headache


    यदि आपको सिर दर्द की शिकायत हो रही है तो आप पुदीने की चाय का इस्तेमाल कर सकते हैं. पुदीने की चाय में एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो हमारे सिर दर्द को कम करते हैं और हमारी एकाग्रता को बढ़ाते हैं.

    पुदीने के अंदर पाए जाने वाला मेंथॉल तत्व हमारी मांसपेशियों को तनावमुक्त रखता है, जिससे हम अपने आप को बहुत आरामदायक महसूस करते हैं.


    पुदीना के घरेलू फायदे या उपाय | Home remedies for peppermint in hindi


    पुदीना के घरेलू उपयोग से कई छोटी-छोटी बीमारियों को सही कर सकते हैं. प्राचीन समय से ही पुदीना का उपयोग जड़ी बूटियों को बनाने में और घरेलू नुस्खों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. आइए जानते हैं इसके घरेलू फायदों के बारे में.

    1. यदि हमें हैजे की बीमारी है तो हम पुदीना, प्याज का रस, नींबू का रस बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से हमारी सेहत को लाभ होता है उल्टी दस्त में भी यह फायदा करता है.

    2. अजीर्ण (Indigestion) होने पर पुदीना का रस पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है. पेट दर्द और पाचन समस्या होने पर 3 ग्राम पुदीने के रस में जीरा, हींग, काली मिर्च कुछ स्वादानुसार नमक डालकर गर्म करके पीने से हमारे पेट दर्द में लाभ होता है.

    3. महिलाओं के प्रसव के समय पुदीने का रस पिलाने से प्रसव आसानी से हो जाते हैं.

    4. बिच्छू के डंक मारने पर पुदीने का अर्क लगाने से जहर का असर कम हो जाता है और हमें दर्द में भी राहत मिलती है.

    5. पुदीने को पानी में उबालकर थोड़ी शक्कर मिलाकर गर्म चाय की तरह पीने से बुखार में फायदा होता है.

    6. पुदीने के पत्ते को पीसकर शहद के साथ मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से अतिसार या जुलाब (Diarrhea) में राहत मिलती है.

    7. गर्मी में लू (Heat stroke) लग जाने पर पुदीने का रस पैरों के तलवों में लगाने से लू का असर कम हो जाता है.

    8. ताजा पुदीना पीसकर चेहरे पर 20 मिनट तक लगाएं फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें यह त्वचा की गर्मी निकाल देता है, क्योंकि पुदीना की तासीर ठंडी होती है इसलिए यह हमारे चेहरे को ठंडक भी पहुंचाता है.

    9. पुदीने का रस निकालकर साबुन के पानी में घोलकर सिर पर डालें. 20 से 25 मिनट तक घोल को लगाने से हमारे बालों का रूखापन और रूसी खत्म हो जाती है.

    10. पुदीने की चाय पीने से हमारे सिर दर्द में काफी राहत मिलती है.

    11. दांतों की समस्या होने पर पुदीने की पत्ती का चूर्ण बनाकर मंजन की तरह लगाने से दांतों का दर्द कम हो जाता है.

    12. कान में दर्द होने पर यदि हम पुदीने के रस की दो-तीन बूंदों को डालने से कान दर्द में राहत मिलती है.

    13. मांसपेशियों में दर्द होने पर यदि हम जैतून के तेल में पुदीने का तेल मिलाकर लगाएं तो इससे हमारी मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द भी कम हो जाता है.

    14. नहाने के पानी में यदि हम पुदीने की पत्तियों का थोड़ा सा रस डाल दें तो इससे नहाने पर हमें काफी सादगी और ताजगी महसूस होती है.

    पुदीने के रस से घटाएं अपना वजन या मोटापा | Reduce your weight with mint juice in hindi 

    पुदीना के सेवन से हमारी सेहत को कई लाभ होते हैं उनमें से एक फायदा वजन घटाने के लिए होता है. समय की कमी के अभाव से गलत लाइफस्टाइल की वजह से हम अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं.

    जिससे हमारे शरीर पर अतिरिक्त चर्बी बढ़ने लगती है, धीरे-धीरे हमारा वजन भी बढ़ जाता है और हम भद्दे दिखने लगते हैं.

    यदि हम पुदीने के जूस का सेवन करते हैं तो इससे हमारा वजन बहुत तेजी से घटता है. इसके लिए हमें पुदीना और धनिया के मिश्रण को मिक्सी में डालकर पीस लेना है और स्वादानुसार इसमें थोड़ा सा नमक मिला लें और इसका सेवन सुबह के समय करें.

    इसका सेवन करने से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और हमारा वजन धीरे-धीरे घटने लगता है. गर्मियों में कुछ ऐसे फल आते हैं जिनमें 95% पानी होता है जैसे कि पुदीना, खीरा, नींबू, तरबूज और अदरक.

    इन सभी फलों में कैलोरी की मात्रा कम होती है और फाइबर की मात्रा अधिक जो हमारे वजन को घटाने के लिए रामबाण औषधि की तरह काम करते हैं. फाइबर वजन कम करने के लिए और पाचन क्रिया को दुरुस्त करने के लिए जरूरी तत्व होता है.

    पुदीना का जूस या शरबत कैसे बनाएं | How to make mint juice or syrup in hindi



    पुदीने का जूस बनाने की विधि बहुत ही सरल है जितनी यह सरल है उतना ही है फायदेमंद है.

    1. सबसे पहले थोड़ा सा पुदीना ले थोड़ी सी शक्कर (Suger) एक नींबू.

    2. पुदीने को मिक्सी में डालकर पीस लें, शक्कर का अलग से घोल बना लें.

    3. शक्कर का घोल बनाने के बाद उसमें पुदीने के रस को डाल दें, उसमें थोड़ा-सा नींबू और हल्का सा काला नमक मिला दे.

    4. आप अपने शरबत में थोड़ा सा फूड कलर भी मिला सकते हैं इससे आपका शरबत दिखने में अच्छा लगेगा.

    5. गर्मियों में अक्सर बहुत से लोग नींबू का या पुदीने का शरबत बनाकर पीते हैं आप भी इस विधि को अपनाएं और पुदीने का शरबत जरूर पिए.

    पुदीना के पोषक तत्व की मात्रा – (peppermint Nutrient Value Per 100 g in hindi)

    According to the USDA National Nutrients Database

    पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity) अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Dieatry Allowance - The estimated amount of a nutrient per day for good health)
    ऊर्जा (Energy) 70 Kcal 3.5 %
    कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 14.79 g 11 %
    प्रोटीन (Protein) 3.75 g 7 %
    टोटल फैट (Total fat) 0.94 g 3 %
    कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) 0 mg 0 %
    फाइबर (Dietary Fiber) 8 g 20 %
    फोलटेस (Folates) 114 µg 28 %
    नियासिन (Niacin) 1.706 mg 10.5 %
    पैंटोथैनिक एसिड (pantothenic acid) 0.338 mg 6.5 %
    पाइरिडोक्सिन (pyridoxine) 0.129 mg 6.5 %
    राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.266 mg 20 %
    थायमिन (Thiamin) 0.082 mg 7 %
    विटामिन (Vitamin A) 4248 IU 141 %
    विटामिन (Vitamin C) 31.8 mg 53 %
    सोडियम (Sodium) 31 mg 2 %
    पोटेशियम (Potassium) 569 mg 12 %
    आयरन (Iron) 5.08 mg 63.5 %
    मैग्नीशियम (Megnesium) 80 mg 20 %
    मैग्नीज (Manganese) 1.176 mg 51 %
    जिंक (Zinc) 1.11 mg 10 %
    कैल्शियम (Calcium) 243 mg 24 %


    पुदीना के नुकसान | Loss of peppermint in hindi

    हर चीज के अपने फायदे भी होते हैं और नुकसान चाहे वह फल हो या कोई पौधा आइए जानते हैं पुदीना के क्या नुकसान हो सकते हैं?

    1. यदि आप पुदीने का उपयोग अधिक मात्रा में करते हैं तो यह आप को नुकसान पहुंचा सकता है.

    2. छोटे बच्चों के चेहरों पर पुदीना के तेल का उपयोग हमें नहीं करना चाहिए.

    3. यदि आपको पथरी की शिकायत है तो हमें पुदीने के उपयोग का का सेवन डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए.

    4. यदि आपको शुगर की समस्या है तो आपको पुदीने का सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह लेकर ही करना चाहिए.

    5. गर्भावस्था के दौरान पुदीने का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही करें.

    6. पुदीने का इस्तेमाल अपनी त्वचा पर करने के बाद यदि आपको कोई एलर्जी महसूस होती है तो आप इसका इस्तेमाल ना करें.

    सारांश | Summary in hindi

    इस पूरे लेख को पढ़ने के बाद हमें यही निष्कर्ष मिलता है कि हमें गर्मियों के दिनों में पुदीने का उपयोग चाय, चटनी, जूस के रूप में जरूर करना चाहिए, क्योंकि इसके उपयोग से हमारी सेहत को कई सेहतमंद लाभ होते हैं.

    हमने अपनी इस लेख में बताया है कि कैसे हम पुदीने के जूस के उपयोग से अपने वजन को कम कर सकते हैं, पुदीने के जूस बनाने की क्या विधि होती है?

    धन्यवाद.
    यह जरूर पड़े..


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