प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने के 14 आसान उपाय, कारण और लक्षण | increase immunity, causes and symptoms in hindi

प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने के 14 आसान उपाय, कारण और लक्षण

प्रतिरक्षा क्षमता (Immunity) क्या होती है? इसके बारे में थोड़ा बहुत तो आप सभी लोग जानते ही होंगे. लेकिन हम अपनी इस पोस्ट में प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होने के कारण, लक्षण, प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत या बढ़ाने के लिए क्या उपाय होते हैं? हर एक चीज विस्तृत रूप से जानेंगे.

किसी भी इंसान की प्रतिरक्षा क्षमता मजबूत होना बहुत जरूरी होता है. आपने देखा होगा कि जब मौसम बदलता है, सर्दियों से गर्मी आती है, गर्मियों से सर्दी तो बहुत से लोग बीमार पड़ने लगते हैं.

उन्हें कई तरह की छोटी-छोटी बीमारियां होने लगती है, जैसे की जुखाम, खासी, सिर दर्द, बुखार आदि. यदि आपकी प्रतिरक्षा क्षमता मजबूत है, तो आप हमेशा स्वस्थ और छोटी-छोटी बीमारियों से बचे रहेंगे.


हमारी प्रतिरक्षा क्षमता मजबूत होने से यह फायदा होता है, कि किसी भी बीमारी से लड़ने में हमारा शरीर अंदर से हमारी मदद करता है, जिससे हम किसी भी तरह के रोगाणु या बैक्टीरिया से जल्दी संक्रमित नहीं होते हैं.

आपने देखा होगा कि बच्चे और वृद्ध लोग बहुत जल्दी बीमार पड़ते हैं, क्योंकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम इतना मजबूत नहीं होता है.

    प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होने के कारण – (Due to weakened immunity in hindi)

    प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होने का मुख्य कारण हमारी जीवनशैली ही है, क्योंकि हम अपने दिनचर्या में क्या खा रहे हैं? क्या पी रहे हैं? किस तरह से अपने दिनचर्या को खत्म कर रहे हैं. इन सब का ही फर्क हमारी प्रतिरक्षा क्षमता पर पड़ता है. आइए जानते हैं विस्तार में.

    1. अनावश्यक चर्बी या मोटापा बढ़ना – (Unnecessary fat or obesity in hindi)


    बहुत से लोग अपनी लाइफ स्टाइल पर अपने खाने पीने पर ध्यान नहीं देते हैं. जिसकी वजह से शरीर पर धीरे-धीरे चर्बी चढ़ने लगती है और हमारा वजन भी बढ़ने लगता है. मोटापा बढ़ने से हमें कोई भी फायदा नहीं है केवल और केवल नुकसान ही होता है.

    जैसे कि मोटापा बढ़ने से बहुत सी बीमारियां हमें अपनी चपेट में लेने लगती हैं, हमारी प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर हो जाती है, आलस बढ़ जाता है. इसलिए अपने वजन को हमेशा संतुलित बनाए रखें.


    2. धूम्रपान का सेवन – (Smoking intake in hindi)


    विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 15 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं. हर साल 1 लाख लोगों की मौत तंबाकू से होती है.

    वह इसलिए क्योंकि धूम्रपान करने से हमारा स्वसन तंत्र, फेफड़े कमजोर होने लगते हैं, हमारी प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होने लगती है. जिसके कारण हम किसी भी बीमारी से लड़ने में सक्षम नहीं रहते हैं और हमारे शरीर को बहुत नुकसान पहुंचता है.

    3. शारीरिक श्रम न करना – (No physical effort in hindi)


    हमें अपनी दिनचर्या में या जिस प्रकार भी अपनी लाइफ स्टाइल जीते हैं, उसमें से थोड़ा सा समय निकालकर हमें थोड़ी सी कसरत या शारीरिक व्यायाम जरूर करना चाहिए.

    शारीरिक व्यायाम ना करने की वजह से धीरे-धीरे हमारा मोटापा बढ़ने लगता है, आलसी होने लगते हैं, प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर हो जाती है, किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में हम कमजोर पड़ने लगते हैं, और हम शारीरिक रूप से ना ही मानसिक रूप से फिट रहते हैं.


    4. तनाव महसूस करना – (Feeling stressed in hindi)

     

    यदि हम किसी भी वजह से अपने काम या घर की समस्याओं से परेशान रहते हैं, तनाव महसूस करते हैं, तो हम अंदर ही अंदर धीरे-धीरे खोखले होने लगते हैं. हमारे अंदर की अंदरूनी शक्ति कमजोर होने लगती हैं, और बहुत सी बीमारियां हमें अपनी गिरफ्त में ले लेती है.

    5. पर्याप्त नींद ना लेना – (Not getting enough sleep in hindi)


    यदि हम अपने आप को तनाव में रखते हैं, तनाव महसूस करते हैं खुश नहीं रहते हैं. तो धीरे-धीरे बहुत सी बीमारियां हमें अपनी गिरफ्त में लेने लगती है. क्योंकि पर्याप्त नींद ना लेने से हमारी प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर पड़ने लगती है, सिरदर्द थकान जैसी समस्याएं होने लगती है.

    6. खान-पान पर ध्यान ना देना – (Ignoring food and drink in hindi)


    बहुत से लोग अपने खाने पीने पर ध्यान नहीं देते हैं, क्योंकि आहार ही हमारे शरीर का ईंधन होता है. जितनी अच्छी पौष्टिक चीजें, फल, सब्जियां, विटामिंस का हम सेवन करेंगे उतनी ही हमारी प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ेगी. 

    सही आहार न लेने से हमारे शरीर के अंदर विटामिन, खनिज तत्वों की कमी होने लगती है, हम कमजोर पड़ने लगते हैं और किसी भी संक्रमण से लड़ने की हमारे अंदर ताकत नहीं होती है.

    खासकर गर्भवती महिलाओं को अपने खानपान पर सही से ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यदि उन्हें सही रूप में आहार नहीं मिलेगा तो बच्चे की भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है.

    7. ज्यादा पेन किलर और एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन – (Consumption of more pen killers and antibiotics in hindi)


    लंबे समय तक किसी बीमारी के होने से यदि हम ज्यादा पेन किलर दवाइयों का या एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करते हैं, तो यह हमारी प्रतिरक्षा क्षमता को धीरे-धीरे कमजोर करती है, क्योंकि पेन किलर दवाइयों का हमारे शरीर पर काफी बुरा असर पड़ता है.

    8. अधिक चीनी का सेवन – (More sugar intake in hindi)


    अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने से हमारे शरीर को काफी नुकसान होता है. जैसे कि दांतों का सड़ना, डायबिटीज, इम्यून सिस्टम का खराब होना और हमारे मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ता है.

    ज्यादा मात्रा में चीनी का सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर की कोशिकाएं बैक्टीरिया से लड़ने में कमजोर पड़ने लगती है.

    9. कम पानी पीने से – (Drinking less water in hindi)


    हमें अपनी 1 दिन की दिनचर्या में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पी लेना चाहिए. यदि हम पानी का सेवन कम करते हैं, तो हमारे शरीर के अंदर पानी की कमी होने लगती है और हमारे शरीर के अंदर मौजूद विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते हैं. इससे हमारी प्रतिरक्षा क्षमता भी कमजोर पड़ने लगती है.

    प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर होने के लक्षण – (Symptoms of weakened immunity in hindi)

    यदि आपके शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर हैं, तो आप किसी भी संक्रमण या कोई भी छोटी बीमारी से बहुत जल्द संक्रमित हो जाएंगे. इम्यून सिस्टम के कमजोर होने के कुछ लक्षण हमारे शरीर में दिखाई देते हैं जैसे कि.

    • बार-बार बीमार होना
    • जुखाम, खांसी,
    • गला खराब होने की शिकायत
    • स्किन रैशेज जैसी समस्या
    • डायरिया 
    • दांतों और मसूड़ों की समस्या
    • मुंह में छाले र दर्द 
    • भूख ना लगना 
    • बेचैनी बनी रहना सीने में दर्द 
    • कोई भी काम करके जल्दी थक जाना.

    प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने के 14 आसान उपाय, कारण और लक्षण

    प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए इन पोषक तत्वों को अपने आहार में जरूर शामिल करें – (To increase immunity, include these nutrients in your diet in hindi) 
    शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए हमें अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि आहार ही शरीर का ईंधन होता है, जिससे हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है.

    जिससे हम अपने दिनचर्या के कामों को अच्छे से समाप्त कर पाते हैं. आइए जानते हैं, कि प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए हमें किन पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए.

    1- विटामिन A 


    विटामिन A के अंदर भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हमारी कोशिकाओं को नुकसान होने से बचाते हैं और हमारे इम्यून सिस्टम को ही मजबूत करते हैं.

    विटामिन A के स्रोत जैसे कि गाजर, लाल शिमला मिर्च, कद्दू, आम, संतरा, पपीता, खरबूजा, दूध, पनीर और दही आदि.

    2- विटामिन E


    विटामिन E के अंदर एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं.

    विटामिन E के सेवन के लिए हमें कीवी, बादाम, मूंगफली, जैतून, सूरजमुखी का तेल, सोयाबीन का तेल, बादाम का तेल, सरसों और कद्दू आदि का सेवन करना चाहिए.

    3- विटामिन C


    विटामिन C के अंदर भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के अंदर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं.

    विटामिन C में एंटीहिस्टामाइन तत्व भी मौजूद होते हैं, जो हमारी से शरीर की किसी भी प्रकार की एलर्जी से बचाव करते हैं और हमारी प्रतिरक्षा क्षमता को भी बढ़ाते हैं.

    विटामिन C के जो स्रोत होते हैं जैसे कि नींबू, संतरा, अंगूर, पपीता, आंवला, ब्रोकोली, हरी मिर्च, लाल व पीली शिमला मिर्च और टमाटर आदि.

    4- विटामिन D


    विटामिन D के वायरल इनफेक्शन एवं श्वास नली संबंधित संक्रमण को रोकने में फायदेमंद होते हैं. विटामिन D हमारी हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी होता है.

    विटामिन D के कुछ स्रोत होते हैं, जिनसे हमें विटामिन D की प्राप्ति होती है जैसे कि मशरूम, सूर्य की रोशनी में बैठे रहना, दूध और मछली आदि.


    5- आयरन (Iron)


    आयरन का सेवन हमारे शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए, खून की कमी को पूरा करने के लिए और लाल रक्त कोशिकाएं को बनाने में मदद करता है.

    आयरन के कुछ स्रोत होते हैं, जिनसे हमारे शरीर में आयरन की कमी पूरी होती है जैसे की गहरी हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल व दलहन, मांसाहारी भोजन, अंकुरित दलहन, अंडे, मेवा, फल, मछली, और गुड़ आदि.

    6- सेलेनियम पोषक तत्व

     

    सेलेनियम पोषक तत्व के अंदर भी अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो हमारी कई तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए भी फायदेमंद है.

    जैसे कि बांझपन, गठिया रोग, फेफड़ों के कैंसर, त्वचा के कैंसर इन सब में फायदेमंद तत्व है. यह हमें टूना मछली, झींगा, चिकन, केले, चावल, आलू और मशरूम आदि स्रोतों से प्राप्त होता है.

    7- ओमेगा-3


    ओमेगा-3 खासकर मछलियों के अंदर पाया जाता है. इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए ओमेगा 3 का सेवन बहुत ही लाभदायक साबित होता है.

    इसके सेवन से हमारी आंखें, इम्यून सिस्टम, पेट की बीमारियां और हड्डियों से जुड़ी बीमारियां में फायदेमंद होता है. इसके जो स्रोत होते हैं, जैसे कि मछली का तेल, अलसी के बीज, अखरोट, अलसी का तेल, सोयाबीन का तेल, और दूध आदि.

    प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने के 14 आसान उपाय, कारण और लक्षण

    प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत करने के बेहतरीन उपाय – (Best ways to strengthen immunity in hindi) 

    हम यहां प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए कुछ उपायों और घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं, जिसे आप अपनी दैनिक दिनचर्या में अपनाकर अपने शरीर की क्षमता को बढ़ा सकते हैं और अपने आपको कई छोटी-छोटी बीमारियों, वायरल, इंफेक्शन से बचा सकते हैं.

    1- लहसुन (Garlic)


    लहसुन एक प्रकार की औषधि है, जो कि हमारे इम्यून सिस्टम को बहुत जल्द मजबूत करती है. क्योंकि लहसुन के अंदर भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण और एलिसिन नामक तत्व पाया जाता है.

    जो हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं और संक्रमण से लड़ने में अंदरूनी शक्ति को बढ़ाते हैं. इसलिए आप सुबह हमेशा एक कच्चे लहसुन की कली के छोटे-छोटे टुकड़े करके पानी से पी ले.

    2- नारियल पानी (coconut water)


    नारियल पानी का सेवन करने से हमारे इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत होता है, क्योंकि नारियल पानी के अंदर एंटीऑक्सीडेंट गुण, अमीनो एसिड, B कॉम्प्लेक्स विटामिन, विटामिन C और भी बहुत से ऐसे तत्व होते हैं जो हमारे सेहत के लिए लाभदायक होते हैं.

    3- दाल (lentils)


    हमें अपने आहार में दाल को जरूर शामिल करना चाहिए. क्योंकि दाल के अंदर सबसे अधिक मात्रा में प्रोटीन होते हैं. दाल का सेवन करने से हमें एक अच्छी मात्रा में प्रोटीन की प्राप्ति होती है. जिससे हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली भी मजबूत होती है.

    4- ग्रीन टी (Green tea)


    ग्रीन टी के सेवन से हम अपनी सेहत का हर तरह से ध्यान रख सकते हैं, क्योंकि ग्रीन टी के एक नहीं कई फायदे हैं, इसके सेवन से हमारी त्वचा निखरती है, हमारा मोटापा कम होता है, डायबिटीज मरीजों के लिए भी यह फायदेमंद है और प्रतिरक्षा क्षमता को बहुत जल्दी बढ़ाती है.

    ग्रीन टी के अंदर एक पॉलीफेनॉल तत्व उपस्थित होता है, जो हमारे शरीर को बाहरी संक्रमण से लड़ने में मदद करता है.

    5- हल्दी (turmeric)


    हल्दी हमारी सब्जियों का स्वाद तो बढ़ाती ही है, लेकिन यह प्राचीन काल से औषधि के रूप में भी उपयोग की जा रही है. क्योंकि हल्दी के अंदर काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं और हमारी प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाते हैं.

    हल्दी प्रतिरक्षा क्षमता बूस्टर कहलाती है. हल्दी के और भी कई फायदे होते हैं, जैसे कि यह हमारी त्वचा को निखारती है, कैंसर से लड़ने में भी है मदद करती है, हमारे खून को शुद्ध करती है. हल्दी के अंदर करक्यूमिन तत्व पाया जाता है जो हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है.

    6- व्यायाम जरूर करें (Do exercise)


    हर रोज व्यायाम करना हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. यदि आप प्रतिदिन आधे घंटे व्यायाम करते हैं, तो आप कई बीमारियों से भी बचे रहेंगे, मानसिक और शारीरिक रूप से भी फिट रहेंगे.

    व्यायाम करने से हमारे शरीर को कई फायदे होते हैं जैसे कि ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है, वजन कम करने में फायदेमंद, प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए आदि.


    7- दालचीनी (Cinnamon)


    दालचीनी का प्रयोग हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि इसके अंदर मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कई तरह की बीमारियों से लड़ने में हमारी मदद करता है.

    दालचीनी के सेवन से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं, जैसे कि कैंसर, हृदय रोग, जोड़ों में दर्द, मोटापा बढ़ना, सर्दी-खांसी, सिरदर्द इन सब में दालचीनी का घरेलू उपयोग बहुत फायदेमंद होता है.

    8- अदरक (Ginger)


    अदरक का उपयोग हमारी सेहत को सेहतमंद रखने के लिए बहुत जरूरी होता है, क्योंकि अदरक के अंदर एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाते हैं और हम बाहरी कई बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं.

    9- शहद (honey)


    शहद जितना खाने में स्वादिष्ट होता है उतना ही हमारी सेहत के लिए वरदान होता है. क्योंकि शहद के अंदर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन A B C, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, आदि गुणकारी तत्व होते हैं.

    जो हमारे शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाते हैं और हमें रोगों से लड़ने में हमारे शरीर की मदद करते हैं.

    शहद के और भी कई सेहतमंद फायदे होते हैं, जैसे की आंखों के लिए, खून को बढ़ाने के लिए, कैंसर, त्वचा संबंधी बीमारियों और वजन को कम करने के लिए फायदेमंद साबित होता है.

    10- फलों का सेवन (Fruit intake)


    हमें अपने आहार में फलों का सेवन जरूर करना चाहिए और यदि हम मौसम के हिसाब से फलों का सेवन करते हैं, तो यह हमारी सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी साबित होते हैं.

    क्योंकि मौसम के हिसाब से हमें हर विटामिन और खनिज तत्वों की प्राप्ति होती रहती है, जिससे हमारी प्रतिरक्षा क्षमता बूस्ट होती है.

    11- तुलसी (Basil)


    यह तो आप सभी जानते हैं कि हम तुलसी जी की पूजा करते हैं. लेकिन तुलसी एक औषधि के रूप में भी उपयोग की जाती है. तुलसी के बीजों का या इसके पत्तों का सेवन करने से हमारे शरीर को बहुत फायदे होते हैं.

    जैसे कि मासिक धर्म, सर्दी खांसी, दस्त, त्वचा और कैंसर के इलाज में भी तुलसी को फायदेमंद बताया है. सुबह-सुबह प्रतिदिन 4-5 तुलसी के पत्तों का सेवन करने से हमारा इम्यून सिस्टम भी बढ़ता है.

    12- योगा (Yoga)


    योगासन करना भी व्यायाम जितना जरूरी होता है, योगा करने से हमारे मन को शांति मिलती है, हम तनाव मुक्त रहते हैं और अंदरूनी शक्ति भी बढ़ती है.

    इसलिए सुबह जल्दी उठकर विशेषज्ञों के अनुसार हमें योगासन जरूर करना चाहिए.

    13- अलसी (Linseed)


    अलसी का सेवन करना हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि अलसी में अल्फा-लिनोलेनिक, एसिड, ओमेगा-3 और फैटी एसिड तत्व पाए जाते हैं.

    जो हमारी शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बूस्ट करते हैं और बाहरी संक्रमण से लड़ने में हमारे शरीर की मदद करते हैं.

    14- कॉफी या चाय (Coffee or tea)


    तुलसी, सौंठ, काली मिर्च, गुड और प्याज का एक छोटा टुकड़ा गिलोय मिलाकर चाय बनाएं यह स्वादिष्ट भी होगा और सेहतमंद भी, इससे आपकी प्रतिरक्षा क्षमता भी बढ़ेगी.

    15- अंकुरित अनाज और सलाद (Sprouted Cereals and Salads)


    शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए आप अंकुरित अनाज जैसे मूंग, चना, दालों का अच्छी मात्रा में सेवन करें. अनाज के अंकुरित हो जाने से उनके अंदर पौष्टिक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, और यह हमारी सेहत को अधिक फायदा पहुंचाते हैं.

    अपने आहार में सलाद का उपयोग अवश्य करें क्योंकि सलाद में उपयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के फल जैसे ककड़ी, टमाटर, प्याज, खीरा, चुकंदर, गाजर इन सबसे हमें अलग-अलग तरह के विटामिन मिलते हैं, जो हमारी प्रतिरक्षा क्षमता को बूस्ट करते हैं.

    परामर्श – (Consultation in hindi)

    हमने अपनी इस पोस्ट में बताया है कि प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए. इसके कमजोर होने के क्या कारण होते हैं? हमें किस तरह का आहार लेना चाहिए?

    यदि आप इन सब चीजों को का अनुसरण करते हैं, तो वास्तव में आपकी प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ेगी और हमेशा मजबूत रहेगी. हर व्यक्ति की अंदरूनी शक्ति मजबूत होना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि आजकल के वातावरण, प्रदूषण में इतनी बीमारियां, संक्रमण, वायरस हो चुके हैं कि उनसे बच पाना बहुत मुश्किल है.

    इसलिए आप विशेष अपने खानपान पर अच्छे से ध्यान रखें, अपनी लाइफ स्टाइल में थोड़े बदलाव लाएं, व्यायाम जरूर करें और हमेशा अपनी सेहत का ध्यान रखें. धन्यवाद

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