पोषण तत्व क्या है इसके प्रकार, फायदे और नुकसान - What are the nutritional elements, its types Benefits and Side Effects in Hindi

पोषण तत्व क्या है इसके प्रकार, फायदे और नुकसान

इस लेख को पढ़कर आप जान जाएंगे की पोषण (nutrition) क्या होता हैं और इसके सेवन से हमारे शरीर को क्या फायदे होते हैं. जैसे की गाड़ी को चलाने के लिए पेट्रोल की जरूरत पड़ती है वैसे ही हमें अपने शरीर को जिंदगी भर सही ढंग से चलाने के लिए पोषण की जरूरत होती है.

पोषण क्या है इसकी क्या परिभाषा होती है पहले हम इसे जानते हैं. पोषण की परिभाषा सरल भाषा में यह होती है कि जब हम किसी भी खाद्य पदार्थ को खाते हैं खाने के बाद हमारा शरीर उस खाद्य पदार्थ को पचाता है या पाचन क्रिया होती है.

पाचन क्रिया के द्वारा जो हमारे शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है या जो ऊर्जा का संचालन होता है उससे हमारे शरीर का विकास होता है, ऊतकों का नवीनीकरण होता है, बहुत सी जैविक क्रियाएं होती है, शरीर की मरम्मत होती है, इन सब प्रक्रियाओं को ही हम पोषण कहते हैं.

    पोषण के प्रकार - (Types of nutrition in Hindi)

    पोषण का मतलब उन सभी पोषक तत्वों से होता है जो हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक है, पोषण 8 प्रकार के होते हैं जैसे कि

    1. प्रोटीन (Protien)
    2. विटामिन (Vitamin)
    3. मिनरल (Mineral)
    4. कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate)
    5. वसा (fat)
    6. पानी (water)

    1. प्रोटीन – (Protien in Hindi)


    आजकल की लाइफ इतनी बिजी है कि हम अपने खानपान पर सही से ध्यान नहीं दे पाते हम क्या खा रहे हैं क्या नहीं खा रहे हैं उसमें प्रोटीन की क्या मात्रा है क्या नहीं यह हमें पता नहीं होता है. क्योंकि जो हम खाते हैं या किसी भी चीज का सेवन करते हैं उसका हमारी हेल्थ पर फर्क पड़ता है.

    प्रोटीन हमारे स्वास्थ्य के लिए एक बहुत ही जरूरी पोषण तत्व है प्रोटीन एक प्रकार का माइक्रोन्यूट्रिएंट् है. प्रोटीन हमारे शरीर के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि प्रोटीन की मात्रा से ही हमारे शरीर के अंदर नई कोशिकाओं का निर्माण होता है.

    हमारी हड्डियों के लिए, मांसपेशियों के लिए, त्वचा के लिए, शरीर को ताकत देने के लिए, ऊर्जा प्राप्त करने के लिए, बालों के लिए, नए, सेल्स का निर्माण करने के लिए. सही मात्रा में प्रोटीन लेने से यह हमारे शरीर की कई लोगों से रक्षा भी करता है और हमारे शरीर की अंदरूनी मरम्मत भी करता है.

    प्रोटीन के फायदे  – (Benefits of protein in Hindi)


    पोषण तत्व क्या है इसके प्रकार, फायदे और नुकसान
     पोषक तत्व के सेवन से होने वाले सेहतमंद फायदे (Health benefits resulting from the intake of nutrients.)


    प्रोटीन के नुकसान – (Side Effects of Protein in Hindi)


    अगर हम प्रोटीन की सही मात्रा का सेवन करते हैं तो यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है लेकिन अगर हम इसका सेवन जरूरत से ज्यादा मात्रा में कर लेते हैं तो यह हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

    ज्यादा मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से हमारा वजन भी बढ़ा सकता है, दिल की बीमारी भी हो सकती है, हमारी किडनी पर भी फर्क पड़ सकता है, अधिक मात्रा में सेवन करने से यह डायबिटीज का कारण भी बन सकता है.

    हृदय और लीवर जैसी भी गंभीर समस्याओं से हमें जूझना पड़ सकता है. इसलिए आप हमेशा प्रोटीन का सेवन उतनी ही मात्रा में करें जितना की आपकी आपके शरीर के लिए जरूरी है. हमें हमेशा प्रोटीन का सेवन प्राकृतिक चीजों से ही करना चाहिए.



    पोषण तत्व क्या है इसके प्रकार, फायदे और नुकसान

    2. विटामिन – (Vitamin in Hindi)


    विटामिन हमारे शरीर के लिए या शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही जरूरी पोषण तत्व है. हमारे शरीर में बहुत सारे अंग होते हैं और इन अंगों को अलग-अलग विटामिन की जरूरत होती है हर विटामिंस का अपना अलग-अलग काम होता है.

    अगर हम अपने खान-पान में हर वह चीज का सेवन करते हैं जिसमें अलग-अलग विटामिंस होते हैं तो हमारे शरीर को सारे विटामिंस की पूर्ति होती रहती है. हमारे शरीर को हर एक विटामिंस का मिलना बहुत जरूरी होता है क्योंकि हर विटामिंस का अपना महत्व होता है.

    विटामिंस के प्रकार और उनके फायदे – (Types of vitamins and their benefits in Hindi)

    विटामिंस (Vitamins) फायदे (Benefits)
    विटामिन A या रेटिनोल आंखों के लोगों के लिए, मुंहासे,त्वचा के लिए, और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के लिए बहुत ही फायदेमंद है
    विटामिन B1 या थायमिन मेटाबॉलिज्म, खून के संचार के लिए, हृदय रोग, अपच की समस्या के लिए, मस्तिष्क की देखभाल के लिए
    विटामिन B2 या राइबोफ्लेविन मोतियाबिंद, खून की कमी के लिए, प्रतिरक्षाप्रणाली को मजबूत करने के लिए
    विटामिन B3 या नियासिन कमजोरी दूर करने के लिए, अपच के लिए, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के लिए
    विटामिन B5 तनाव के लिए ,गठिया रोगों के लिए, त्वचा रोग, बालों की देखभाल के लिए, विभिन्न प्रकार के संक्रमण रोगों के लिए
    विटामिन B6 डायबिटीज ,बवासीर ,नींद की कमी ,तनाव , थकान को दूर करने के लिए
    विटामिन B7 या बायोटिन त्वचा के लिए लाभदायक ,मेटाबॉलिज्म, बालों की देखरेख के लिए
    विटामिन B9 या फोलिक एसिड खून की कमी के लिए, गले के दर्द का रोग,मस्तिष्क, गठिया रोगों के लिए लाभदायक, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी लाभदायक
    विटामिन B12 या साइनोकोबालामिन खून की कमी के लिए, धूम्रपान, प्रेगनेंसी, लीवर, गुर्दे संबंधी रोग, हृदय रोगों के लिए
    विटामिन C या एस्कोरबिक एसिड आंखों के लिए, स्कर्वी ,संक्रमण, डायबिटीज, तनाव, हृदय रोग, कैंसर, गुर्दे संबंधी बीमारियों के लिए,बवासीर, सूजन और त्वचा को निखारने के लिए
    विटामिन D सूखा रोग के लिए,दांतों की सड़न, कमजोर दातों के लिए, डायबिटीज ,हड्डियों की मजबूती के लिए, इम्यूनिटी सिस्टम या प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए फायदेमंद है
    विटामिन E या टोकॉफरोल त्वचा की देखभाल के लिए, हृदय रोग, बांझपन, मस्तिष्क की बीमारियों के लिए, आंखों के लिए, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए
    विटामिन K हड्डियों के चयापचय, गुर्दे की पथरी के लिए,खून के थक्के जमने से रोकने के लिए

    विटामिन के नुकसान – (Side Effects of Vitamin in Hindi)


    वैसे तो विटामिन हमारे शरीर के स्वास्थ्य की पूर्ति के लिए बहुत ही जरूरी है और कोई भी विटामिंस हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होते है.लेकिन यदि आप विटामिंस का सेवन जरूरत से ज्यादा करते हैं यह आप को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

    अधिक मात्रा में विटामिन लेने से हमें उल्टी, दस्त, पथरी, चयापचय की परेशानी जैसी बीमारियां भी हो सकती है. विटामिन B की मात्रा ज्यादा लेने से हमें नसों में समस्या पैदा हो सकती है. विटामिन A और D की अधिक मात्रा लेने से हमें जन्म दोष की समस्या हो सकती है.

    विटामिन E और K की अधिक मात्रा में सेवन करने से हमें रक्त स्त्राव का खतरा बढ़ सकता है. रिसर्च के मुताबिक यह ज्ञात हुआ है की मल्टीविटामिन का सेवन करने से भी हमें हार्ट की प्रॉब्लम हो सकती है.

    इसलिए हमेशा विटामिंस का सेवन उतना ही करें जितना आपके लिए जरूरी हो या फिर डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिंस का सेवन करें और हमेशा प्राकृतिक चीजों से ही हमें विटामिन का सेवन करना चाहिए.

    3. मिनरल्स – (minerals in Hindi)


    मिनरल्स को हम हिंदी में खनिज तत्व से भी जानते हैं खनिज तत्व हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी और लाभदायक तत्व हैं. मिनरल्स एक प्रकार के पोषण हैं, खनिज तत्वों को सही मात्रा में सेवन करने से यह हमारे शरीर की कई बीमारियों से रक्षा करते हैं.

    हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को मजबूत करते हैं. जब हम किसी खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं तो इसमें मिनरल्स की मात्रा 50% होनी चाहिए. मिनरल्स कई प्रकार के होते हैं और इसके क्या फायदे होते हैं यह हमने अपनी एक टेबल में नीचे की ओर दर्शाया है.

    खनिज के प्रकार और फायदे – (Types and Benefits of Minerals)

    खनिज के प्रकार (Types of Minerals) खनिज के फायदे (Benefits of Minerals )
    कैल्शियम (Calcium) हड्डियों की मजबूती के लिए, गठिया, नींद की कमी के लिए, मोटापा से, कैंसर, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर से
    क्रोमियम (Chromium) ग्लूकोस को अवशोषित करने के लिए, डायबिटीज, फैटी एसिड, कैस्ट्रोल संश्लेषण करने के लिए
    आयरन (Iron) हिमोग्लोबिन के निर्माण के लिए, मेटाबॉलिज्म, खून की कमी पूरा करने के लिए, बेहतर मस्तिष्क कार्य के लिए, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए, ऑक्सीजन को संचालित करने के लिए, कमजोरी, थकान के लिए
    मैंगनीज (Manganese) शरीर की पाचन क्रिया सही करने के लिए, मस्तिष्क की गतिविधि के लिए ,थकान ,सूजन ,मोच के लिए
    फास्फोरस (Phosphorus) मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए ,स्वस्थ हड्डियों के लिए, मस्तिष्क के कार्य करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए, यौन कमजोरी को दूर करने के लिए
    कॉपर (Copper) गठिया के दर्द को कम करने के लिए, त्वचा की रक्षा करने के लिए, गले में इन्फेक्शन के लिए, हृदय रोग के लिए, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए, मस्तिष्क की गतिविधियों में सुधार करने के लिए
    पोटेशियम (Potassium) रक्तचाप को कंट्रोल करने के लिए, हृदय रोग, मांसपेशी, मस्तिष्क ,डायबिटीज, गुर्दे संबंधी रोग, गठिया रोग के लिए
    जिंक (Zinc) त्वचा की देखभाल के लिए, मुहासे, सर्दी, मोटापा घटाने, गर्भावस्था, आंखों की देखभाल, बालों की देखभाल के लिए, घाव को ठीक करना, शरीर का विकास करने के लिए
    बोरान (Boron) हड्डी की मजबूती के लिए,मस्तिष्क की गतिविधियों के लिए, यौन स्वास्थ्य के लिए ,कैंसर, मांसपेशियों के दर्द में राहत के लिए

    4. कार्बोहाइड्रेट - (Carbohydrate in Hindi)


    कार्बोहाइड्रेट क्या होता हैं इसकी क्या परिभाषा होती है आइए जानते हैं कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन करने से हमारे शरीर को ऊर्जा की प्राप्ति होती है जो कि हमारे स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरूरी है कार्बोहाइड्रेट्स तीन चीजों का मिश्रण होता है कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन जिससे हमें ऊर्जा की प्राप्ति होती है.

    जो लोग जिम जाते हैं या व्यायाम करते हैं उन लोगों के लिए कार्बोहाइड्रेट की का सेवन करना बहुत ही जरूरी है. हर खाद्य पदार्थ में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है.

    इसके सेवन से हमारे शरीर को तुरंत ऊर्जा की प्राप्ति होती है. एक व्यक्ति को 1 दिन में 225 से 335 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है और अगर हम कैलोरी में इसकी मात्रा देखें तो यह 900 से 1300 कैलोरी होती है.


    कार्बोहाइड्रेट के फायदे –(Benefits of carbohydrates in Hindi)


    1. अच्छा महसूस करने के लिए
    2. वजन कम करने के लिए
    3. हृदय के लिए लाभदायक
    4. मस्तिष्क की गतिविधियों को सुधारने और तंदुरुस्त करने के लिए
    5.एक अच्छी नींद के लिए
    6. मजबूत पाचन शक्ति के लिए
    7. ऊर्जा की प्राप्ति के लिए

    कार्बोहाइड्रेट्स के नुकसान – (Side Effect of carbohydrates in Hindi)


    हर पोषण का या पोषक तत्व का सेवन उतना ही करना चाहिए जितना हमारे शरीर के लिए जरूरी है अधिक मात्रा में सेवन करने से हमारे शरीर को कुछ साइड इफेक्ट या नुकसान हो सकते हैं. कार्बोहाइड्रेट की मात्रा का अधिक सेवन करने से हमारे शरीर की कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है.

    कैलोरी की मात्रा बढ़ने से हमारे शरीर का मोटापा बढ़ने लगता है. इससे हमें कुपोषण की भी समस्या हो सकती है, शुगर या डायबिटीज होने का खतरा हो सकता है, हृदय संबंधी रोग भी हो सकते हैं. इसलिए आप इस पोषण का सही मात्रा में सेवन करें.


    5. वसा – (Fat in Hindi)


    वसा अर्थात चिकनाई या चर्बी जो कि हमारे शरीर के लिए आवश्यक होता है.शरीर को क्रियाशील बनाने के लिए और कैलोरी की मात्रा को प्राप्त करने के लिए. वसा का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी है लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से हमारे शरीर को नुकसान हो सकता है.

    इसके सेवन से हमें ऊर्जा भी मिलती है और हमारे शरीर को शक्ति की प्राप्ति होती है. जिससे हम अपने दैनिक कार्यों को अच्छी तरह से कर सकते हैं या यह भी कह सकते हैं कि वह एक तरह का ईंधन है जो कि हमारे शरीर को चलाता है.

    एक हष्ट पुष्ट व्यक्ति के लिए 100 ग्राम वसा का उपयोग करना आवश्यक है. जब भी हम किसी खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं या भोजन करते हैं तो हमें उस समय एक संतुलित आहार का भोजन करना चाहिए जिसमें हर वह पोषण तत्व हो जो हमारे शरीर के लिए जरूरी है.

    वसा के स्रोत – (Sources of fat in Hindi)


    पोषण तत्व क्या है इसके प्रकार, फायदे और नुकसान


    6. पानी – (Water in Hindi)

    पानी एक प्रकार का पोषण तत्व है जो कि हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही जरूरी है वह कहते हैं ना कि ‘जल ही जीवन है’ बिना जल के हम मानव शरीर की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं.

    एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए हमें सही मात्रा में पानी का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि पानी के अंदर ऐसे तत्व होते हैं जो हमें कई बीमारियों से दूर रखते हैं. बहुत से लोग एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए कई प्रकार की दवाइयां मल्टीविटामिंस का यूज करते हैं.

    जिनसे वह स्वस्थ तो रहते हैं लेकिन कभी-कभी उन्हें उनके नुकसान भी सहने पड़ते हैं.अगर आप प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करते हैं तो आप कई बीमारियों से सुरक्षित रहेंगे, आपके शरीर का हाइड्रेट बना रहेगा, आपके चेहरे पर एक चमक रहेगी, आपका वजन भी घटेगा और आपके शरीर के सभी विषैले तत्व बाहर निकलते रहेंगे.

    हमारे शरीर में पानी की लगभग मात्रा 50 से 60% होती है, शरीर को सेहतमंद रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है. हमें प्रतिदिन 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए.


    पानी पीने के फायदे – (Benefits of drinking water in Hindi)


    पोषण तत्व क्या है इसके प्रकार, फायदे और नुकसान

    निष्कर्ष - (The conclusion)

    हमने अपनी इस पोस्ट में पोषण तत्व क्या होते हैं इसके यह कितने प्रकार के होते हैं इनके फायदे क्या हैं और नुकसान. पोषण तत्व पोषक तत्वों का ही मिश्रण होता है.

    पोषण तत्वों के सेवन से ही हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है जिससे हम अपने दैनिक जीवन के कार्यों को करते हैं.

    पोषक तत्व का सही मात्रा में सेवन करना हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है और हमें हमेशा एक संतुलित आहार का भोजन करना चाहिए जिससे हमें हर प्रकार के पोषक तत्वों की प्राप्ति होती रहे.

    और भी पढ़ें

    Share Post

    0 Comments: