विटामिन डी के आहार, स्रोत, फायदे और नुकसान | Source, benefits and side effects of Vitamin D in hindi

विटामिन डी के आहार, स्रोत, फायदे और नुकसान | Source, benefits and side effects of Vitamin D in hindi
विटामिन डी के आहार, स्रोत, फायदे और नुकसान | Source, benefits and side effects of Vitamin D in hindi
सूर्य की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत होती है.

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार प्रतिदिन का आहार विटामिन डी से भरपूर होना चाहिए क्योंकि शरीर को स्वस्थ और हड्डियों की मजबूती एवं निर्माण के लिए विटामिन डी जरूरी पोषक तत्व होता है.

कैल्शियम की कमी के उपाय, कारण, लक्षण और रोग | calcium deficiency and symptoms in hindi

कैल्शियम की कमी के उपाय, कारण, लक्षण और रोग | calcium deficiency and symptoms in hindi
कैल्शियम की कमी के रोग, कारण, लक्षण और उपाय | calcium deficiency and symptoms in hindi
कैल्शियम की कमी के कारण, लक्षण, इससे होने वाले रोग तथा कमी के उपाय.

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हर तरह के पोषक तत्वों (Nutrients) की आवश्यकता होती है, जब शरीर में किसी भी प्रकार के पोषक तत्व की कमी होने लगती है तो इसके लक्षण दिखने और महसूस होने लगते हैं.

इन्हीं में से एक पोषक तत्व कैल्शियम होता है जो कि शरीर की हड्डियों और दांतों की देखभाल के लिए बहुत उपयोगी होता है.

इस लेख में हम जानेंगे कैल्शियम की कमी के लक्षण, कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग और उपायों के बारे में.

जैसे पेट्रोल वाहन के लिए ईंधन का काम करती है उसी तरह पोषक तत्व भी शरीर के लिए ईंधन का काम करते हैं अगर शरीर को सही रूप से ईंधन ना मिले तो हमें कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.


    शरीर में कैल्शियम का काम | Work of calcium in the body in hindi

    कैल्शियम शरीर की हड्डियों और दातों की मजबूती और उनके रखरखाव के लिए जरूरी खनिज है. जब शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है तो हड्डियों और दातों से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है.

    कैल्शियम का शरीर के अंदर कार्य हृदय की गति को नियमित करना, खून का थक्का जमाने के लिए जिससे शरीर पर लगे घाव जल्दी भर सके, शरीर की शक्ति, कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए तथा शरीर के अंदरूनी अंगों और तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक होता है.

    कैल्शियम के और भी कार्य होते हैं जैसे कि मांसपेशियों के दबाव, कैंसर जैसी बीमारियों के विरुद्ध सहायक और शरीर के अंदर मौजूद एंजाइम (एक तरह का प्रोटीन) की गतिविधियों के लिए आवश्यक होता है.

    मांसपेशियों को स्थानांतरित करने के लिए और दिमाग से शरीर के विभिन्न अंगों तक संदेश पहुंचाने के लिए शरीर को कैल्शियम की आवश्यकता पड़ती है.

    हम जो आहार ग्रहण करते हैं उसका 99% कैल्शियम शरीर की हड्डियों और दातों के लिए एकत्रित हो जाता है तथा बाकी 1% शरीर के खून और मांसपेशियों मे होता है.

    कैल्शियम की कमी का कारण | Cause of calcium deficiency in hindi

    जब शरीर बीमार होने लगता है, तो शरीर में किसी तरह के विटामिंस या पोषक तत्व की कमी होने लगती है. तो आइए जानते हैं कैल्शियम की कमी होने के क्या कारण है?

    1. पर्याप्त भोजन ना करना

    आजकल की जिंदगी इतनी भागदौड़ वाली हो गई है कि हम अपने खानपान का भी ध्यान नहीं रख पाते हैं, सही रूप से संतुलित आहार नहीं लेते हैं.

    जिस वजह से शरीर को पर्याप्त मात्रा में खनिज तत्वों की प्राप्ति नहीं होती है जो कैल्शियम की कमी के कारण हो सकता है.

    2. अपर्याप्त मात्रा में कैल्शियम का सेवन


    हम जो आहार ग्रहण करते हैं यदि उसमें कैल्शियम युक्त पदार्थों का सेवन ना करें तो शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है.

    3. पोषक तत्व की कमी


    रिसर्च के अनुसार विटामिन डी, मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्व कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाते हैं अर्थात शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी, कैल्शियम की कमी का कारण बन सकता है.

    4. प्रोटीन की कमी


    कैल्शियम की कमी होने का प्रमुख कारण पर्याप्त मात्रा में शरीर को प्रोटीन ना मिल पाना.

    5. अनुवांशिक कारण होना


    बहुत से लोगों में कैल्शियम की कमी के कारण अनुवांशिक भी हो सकता है जैसे कि परिवार में कोई पहले से इस बीमारी से पीड़ित होता आ रहा हो.

    6. रजोनिवृत्ति


    जो महिलाएं अधिक स्पोर्ट्स खेलती हैं वे कम एस्ट्रोजन के स्तर के कारण रजोनिवृत्ति में कैल्शियम की कमी का सामना करती हैं.

    7. अनाज


    संशोधित अनाज का सेवन करने से कैल्शियम की कमी हो सकती है क्योंकि अनाज को संशोधित करने पर सारे पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं.

    8. अन्य कारण


    बहुत दिनों तक सूरज की रोशनी न लेने से, विटामिन C की कमी से, अधिक मात्रा में सोडियम युक्त पदार्थ ग्रहण करने से, शराब का अधिक सेवन.

    कैल्शियम की कमी के लक्षण | Symptoms of calcium deficiency in hindi

    जब शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है तो कैल्शियम की कमी के संकेत या लक्षण महसूस होने लगते हैं. कैल्शियम की कमी को ह्य्पोकेसेमिया भी कहा जाता हैं.

    महिलाओं में अधिकतर कैल्शियम की कमी देखी जाती है लेकिन आज के समय में गलत खानपान और जीवनशैली की वजह से किसी भी उम्र के लोगों में कैल्शियम की कमी देखी जा सकती हैं.

    और इससे होने वाली बीमारियां जैसे कि हड्डियां, दांत कमजोर होना, जोड़ों में दर्द, ओस्टियोपोरोसिस की बीमारी आदि. इसलिए हमें कैल्शियम की कमी से होने वाले लक्षणों के बारे में अवश्य जानना चाहिए जिससे हम सचेत रहें.

    1. घबराहट होना


    जब शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है तो दिल की धड़कन असामान्य हो जाती है जिस कारण हमें घबराहट, बेचैनी महसूस होने लगती है.

    2. मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी


    कैल्शियम की कमी से शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या होने लगती है क्योंकि मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी कैल्शियम की आवश्यकता होती है.

    जब यह आवश्यकता कम होने लगती है तो मांसपेशियों में ऐंठन कमजोरी महसूस होने लगती है जिससे पूरे शरीर में दर्द शुरू हो जाता हैं.

    3. जोड़ों में दर्द


    हड्डियों के जोड़ों में कैल्शियम की सबसे अधिक मात्रा होती है लेकिन जब यह खनिज तत्व हड्डियों के अंदर कम होने लगता है तो शरीर के हर एक जोड़ों में दर्द उत्पन्न हो जाता है जिससे हमें उठने, बैठने और काम करने में समस्या का सामना करना पड़ता है.

    4. उंगलियों में झुनझुनी


    कैल्शियम की कमी से उंगलियों में झुनझुनी होने लगती है यह एक आम लक्षण होता है.

    कैल्शियम की कमी के रोग, कारण, लक्षण और उपाय | calcium deficiency and symptoms in hindi
    कैल्शियम की कमी के लक्षण | Calcium deficiency symptoms

    5. पैरों में झुनझुनी


    जब शरीर में कैल्शियम खनिज तत्व की कमी होने लगती है तो पैरों में भी झुनझुनापन और सुन्नता महसूस होने लगती है इसके अलावा होंठ, जीभ, मुँह के आसपास भी सुन्नता महसूस होती है.

    6. जल्दी थकावट महसूस करना


    जब हम किसी काम को करते हैं या घर में ही सीढ़ियां चढ़ने, उतरने में हाँफने लगते हैं तो बहुत जल्द थकान महसूस करने लगते हैं यह भी कैल्शियम की कमी का एक संकेत हो सकता है.

    7. भूख न लगना


    कैल्शियम की कमी से हमें पर्याप्त मात्रा में भूख नहीं लगती है ऐसा होने पर एक बार चेकअप जरूर करवाएं.

    8. बालों का टूटना


    दांत, नाखून कमजोर, नाखून टूटने की समस्या, बालों का टूटना झड़ना भी कैल्शियम की कमी के लक्षण है.

    9. अन्य लक्षण


    ▪ निगलने में कठिनाई होना
    ▪ खराश या फिर जुखाम होना
    ▪ याददाश्त कमजोर होना
    ▪ मिर्गी के दौरे
    ▪ त्वचा का सूखापन और नींद ना आना

    कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग | Calcium deficiency diseases in hindi

    जब शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी होती है तो रोग भी उसी पोषक तत्व की कमी से जुड़ा होता है. जब शरीर में कैल्शियम खनिज तत्व की कमी हो जाती है तो कई तरह के रोग होने लगते हैं जैसे कि

      ▪ हृदय रोग (heart disease) - हृदय की गति नियमित करने के लिए, कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने एवं नियंत्रण और हृदय की देखभाल के लिए कैल्शियम खनिज तत्व की आवश्यकता होती है, इसलिए इसकी कमी से हृदय से जुड़ी हुई बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है.

      ▪ कैंसर (Cancer) - कैल्शियम की कमी से प्रोस्टेट और कोलोन कैंसर (एडिनोमा ट्यूमर) का खतरा बढ़ सकता है.

      ▪ हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) - कई अध्ययनों के अनुसार कैल्शियम की कमी से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत भी हो सकती है.

      ▪ ओस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) - जब शरीर में कैल्शियम मिनरल्स की कमी होने लगती है तो हड्डियां इतनी कमजोर होने लगती हैं कि उनके टूटने का डर बढ़ जाता है.यह बीमारी पुरुष और महिला दोनों में एक समान रूप से देखी जा सकती है. वृद्धों में इस बीमारी का होना आम बात है.

    कैल्शियम की कमी के रोग, कारण, लक्षण और उपाय | calcium deficiency and symptoms in hindi
    कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग | Calcium deficiency diseases

      ▪ दांतों की समस्या (Dental problems) - कैल्शियम की कमी से दांतों की संरचना बिगड़ जाती है, दांत समय से पहले गिरने लगते हैं और दातों में कमजोरी तथा दर्द भी होने लगता है. क्योंकि कैल्शियम की कमजोरी की कमी सीधा हमारे दांतों पर असर डालती है.

     ▪ हड्डियां कमजोर पड़ना (Weakness of bones) - कैल्शियम का संबंध हड्डियों की मजबूती से होता है लेकिन जब शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है तो हड्डियों की क्षमता और सहन शक्ति कमजोर पड़ने लगती है.

    कैल्शियम की कमी के उपाय | Calcium deficiency remedies in hindi

    हम जान चुके हैं कि कैल्शियम की कमी से किस तरह के रोग होते हैं, इन रोगों से बचने के लिए किस तरह के उपाय करने चाहिए. तो आइए जानते हैं कैल्शियम की कमी कैसे पूरी करें?

      ▪ कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ: आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनके अंदर कैल्शियम की मात्रा अधिक हो जैसे कि दूध, हरी सब्जियां, दही, ब्रोकोली इत्यादि.

      ▪ पर्याप्त नींद लेना: पर्याप्त मात्रा में नींद ना लेने से शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है इसलिए कम से कम 6-7 घंटे जरूर सोए जिससे शरीर में कैल्शियम की कमी ना हो.

      ▪ डेयरी उत्पाद: डेयरी उत्पाद में दही, दूध, पनीर का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इनके अंदर कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन बी, विटामिन ए, पोटेशियम फॉस्फोरस अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो कि कैल्शियम की कमी को पूरा करने में सहायक होते हैं.

      ▪ मछली: कैल्शियम का बहुत ही अच्छा स्रोत होता है खासकर की सार्डिन और सालमन मछली के अंदर अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है इनके अंदर प्रोटीन, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व होते हैं जो कई बीमारियों के जोखिम को भी कम करते हैं.

      ▪ ड्राई फ्रूट्स: कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए आहार में सूखे मेवा जैसे कि बादाम, अंजीर, अखरोट शामिल कर सकते हैं क्योंकि इसके अंदर मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है.

      ▪ घरेलू खाद्य पदार्थ: हम कुछ घरेलू चीजों का सेवन करके भी कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते हैं जैसे कि जीरा, अदरक, अश्वगंधा, तिल, आंवला इत्यादि.

    निष्कर्ष | The conclusion

    इस पूरे लेख को पढ़कर यही जानकारी मिलती है कि कैल्शियम दातों एवं हड्डियों की मजबूती के लिए तथा शरीर की अन्य क्रियाओं को करने के लिए कितना जरूरी होता है.

    हमने जाना कि कैल्शियम की कमी के कारण, लक्षण एवं कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग तथा कैल्शियम की कमी कैसे पूरी की जाए?

    कैल्शियम की पूर्ति से हड्डियों और दातों की बीमारियों का जोखिम तो कम होता ही है इसके अलावा कई और गंभीर बीमारियों से भी सुरक्षित रहते हैं.

    खासकर जब महिलाएं गर्भवती होती है तो उन्हें कैल्शियम की मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

    कैल्शियम संबंधित सवाल | FAQ

    Q. कैल्शियम की कमी के क्या लक्षण है?

    A. शरीर में कैल्शियम की कमी होने से कई तरह के लक्षण दिखने लगते हैं जैसे कि भूख न लगना, हाथ पैरों में झुनझुनी होना, बालों का टूटना, हाथ- पैरों के जोड़ों में दर्द, हड्डियां कमजोर होना और जल्दी थकावट महसूस करना इत्यादि.

    Q. कैल्शियम की कमी से कौन से रोग होते हैं?

    A. कैल्शियम की कमी होने पर कई तरह के रोग हो सकते हैं जैसे कि कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर, ओस्टियोपोरोसिस और दांतों की समस्या इत्यादि.

    Q. कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें?

    A. कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए जैसे कि दूध, दही, हरी सब्जियां, ब्रोकोली ,पनीर, प्रोटीन, मछली और ड्राई फ्रूट्स इत्यादि.

    Q. शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर क्या होता है?

    A. शरीर में कैल्शियम की कमी होने से हड्डियां और दांत कमजोर पड़ने लगते हैं तथा कई तरह की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है.

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    यदि आपको संसार के समस्त सुखों का आनंद लेना है तो आपको स्वस्थ और फिट रहना पड़ेगा, क्योंकि एक स्वस्थ व्यक्ति ही संसार के सुखों का आनंद ले सकता है.

    इस लेख में विस्तृत रूप से जानेंगे कि सुबह सैर करने के फायदे, सैर करने का सही समय और मॉर्निंग वॉक टिप्स आदि.

    यदि हम अपने बुजुर्गों के समय की बात करें तो उस समय इतने वाहन नहीं हुआ करते थे वह अधिकतर अपना सफर पैदल ही तय किया करते थे जिस कारण वह स्वस्थ और निरोगी जीवन जीते थे.

    चलना ही जिंदगी है चलती ही जा रही है पैदल चलना चाहे तेजी से चलना किसी तरह से भी चलना शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है.

    सुबह की सैर एक तरह की एक्सरसाइज होती है जो तन-मन को चुस्त, दुरुस्त और आकर्षक बनाए रखता है. आधुनिक युग में व्यायाम का एक सरल, सहज रूप प्रातः काल की सैर होती है.

    ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सुबह टहलने (सुबह टहलने के लाभ) से शुद्ध वायु और ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है जिससे स्वास्थ्य और बुद्धि का विकास होता है.


      प्रातः काल की सैर के फायदे | Benefits of morning walk in hindi

      यदि आपको एक स्वस्थ जीवन जीना है तो व्यायाम को जिंदगी का एक हिस्सा बना लीजिए.

      सुबह टहलना शरीर और मन के लिए टॉनिक की सामान्य कार्य करता है इससे मन और शरीर तरोताजा, खुशनुमा और मानसिक एवं भावनात्मक परेशानियों से दूर रहते हैं.

      आइए जानते हैं मॉर्निंग वॉक करने के फायदे.

      1. वजन घटाने में (Weight Loss)

      गलत जीवनशैली और खानपान मोटापे के कारण बन जाती है जिससे शरीर के अधिकांश भाग पर चर्बी बढ़ने लगती है फिर इस चर्बी को कम करने के लिए हम कई तरह के उपाय करते हैं.

      विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हम प्रातः काल टहलते हैं तो हम वजन को कम कर सकते हैं यदि हम सुबह उठकर 30 मिनट रोज टहलते हैं और एक प्रॉपर डाइट या संतुलित आहार लेते हैं तो इससे फैट कम करने में अच्छे परिणाम देखे जा सकते हैं.

      शरीर 20% एक्सरसाइज 10% जीवन शैली और 70% खानपान पर निर्भर करता है. प्रात टहलने से जीवन के वर्षों में वृद्धि भी हो सकती है.

      2. दिमाग तेज करने के लिए (To sharpen your mind)

      प्रातकाल टहलने से दिमाग तेज होता है और याददाश्त भी सुधरती है जब हम सुबह मॉर्निंग में टहलते हैं तो हृदय तेजी से ब्लड पंपिंग करता है जिससे पूरे शरीर में ब्लड सरकुलेशन अच्छा होता है.

      शारीरिक गतिविधियों से मस्तिष्क की कोशिकाओं की सुरक्षा उनकी मरम्मत और नई कोशिकाओं के निर्माण के लिए न्यूरोट्रैफिक गतिविधि बढ़ती है. टहलने से नर्व ग्रोथफैक्टर का उत्पादन बढ़ जाता है जो याददाश्त के लिए आवश्यक तत्व होता है.

      जो लोग प्रतिदिन व्यायाम करते हैं उनका दिमाग और जो लोग व्यायाम नहीं करते हैं उनके दिमाग की तुलना में बेहतर होता है.

      3. कोलेस्ट्रॉल करे नियंत्रण (Cholesterol control)

      गलत खान-पान और जीवनशैली की वजह से कोशिकाओं के अंदर खराब कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) की मात्रा बढ़ने लगती है जिससे कोशिकाओं के अंदर ब्लड सरकुलेशन सही ढंग से नहीं होता है.

      यदि हम प्रतिदिन टहलते हैं या किसी भी प्रकार का व्यायाम करते हैं तो कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रण करने में मदद मिलती है और हृदय से जुड़ी हुई कई बीमारियों से बच सकते हैं.

      4. तनाव मुक्त रहने में (Stress Free Living)

      सुबह की सैर करना काम के दबाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है. 30 मिनट पैदल चलने से काम पर अधिक फोकस करने में मदद मिलती है और थकान भी महसूस नहीं होगी.

      प्रातः काल जब टहलते हैं तो शुद्ध वायु और ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है जिससे शरीर के अंदर खून का संचार तेजी से होता है, नई ऊर्जा और रसायन बीटा एंडोर्फिन का उत्पादन होता है जो दिमाग की नसों को रिलैक्स महसूस करवाता है जिससे सुखद अनुभूति का आनंद मिलता है.

      रिसर्च बताती है कि जो लोग अधिक कैलोरी खर्च करते हैं ऐसे लोग तनाव और गुस्से से काफी दूरी बनाए रखते हैं.

      5. हृदय की देखभाल (Heart Care)

      सुबह की सैर करना ह्रदय के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि सुबह शुद्ध हवा और ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है तथा शरीर के अंदर नई ऊर्जा का उत्सर्जन होता है.

      सुबह 30 मिनट टहलने से हार्ट से जुड़ी हुई बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी नियंत्रण रहता है.

      टहलने से हृदय की गति दर बढ़ जाती है जिस कारण पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन तेज होने से, शरीर की कोशिकाएं भी स्वस्थ रहती हैं.

      6. ऊर्जावान (Energetic)

      सुबह की सैर का फायदा एक यह भी है कि हम दिन भर एनर्जीटिक महसूस करते है. प्रतिदिन की दिनचर्या को हम बिना थकान और कमजोरी के आसानी से खत्म कर लेते हैं.

      सुबह टहलने से शरीर के सारे अंग क्रियाशील हो जाते हैं जिस कारण शरीर में नई ऊर्जा का उत्सर्जन होता है जो दिल और दिमाग की कोशिकाओं को स्वस्थ और तरोताजा महसूस करवाता है.

      7. बढ़ाएं प्रतिरोधक क्षमता (Increase immunity)

      सुबह सैर करने से शरीर के सारे अंग क्रियाशील हो जाते हैं जिस कारण पसीना आने से शरीर के अंदर मौजूद विषैले पदार्थ (Toxic substances) बाहर निकल जाते हैं.

      रिसर्च बताती है कि सुबह 30 मिनट टहलने से रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को बढ़ाने में भी मदद मिलती है.

      टहलने से शरीर के सारे अंगों को फायदा पहुंचता है जिस कारण शरीर की अंदरूनी शक्ति बढ़ती है और हम बाहरी संक्रमण से संक्रमित होने से बचे रहते हैं.

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      सुबह की सैर करने के 14 सेहतमंद फायदे.

      8. हड्डियों की मजबूती (Bone strength)

      यदि हम सुबह रोज 30 मिनट टहलते हैं तो इससे सीधा दबाव हमारी हड्डियों व मांसपेशियों पर पड़ता है जिससे यह मजबूत होती हैं और शरीर में शक्ति का संचार होता है. 

      प्रातः काल की सैर से हड्डियों का घनत्व बढ़ता है जिससे जोड़ों की तकलीफ घटती हैं, हड्डियों मे मजबूती, हड्डी टूटने की घटना कम होती है तथा बुढ़ापे तक हड्डियां क्रियाशील बनी रहती हैं.

      हड्डियों से होने वाली बीमारी जैसे कि गठिया रोग और ओस्टियोपोरोसिस समस्याओं का भी जोखिम कम होता है.

      9. मधुमेह रोगियों के लिए (Diabetes patients)

      मधुमेह जैसी बीमारियां गलत जीवनशैली और खानपान की वजह से हो जाती हैं. ऐसे लोग जो डायबिटीज बीमारी से परेशान रहते हैं उनके लिए प्रातः काल टहलना बहुत ही आवश्यक है.

      रिसर्च बताती है कि प्रातः काल 30-35 टहलने से शरीर के अंदर ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करके मधुमेह जैसी बीमारियों को कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

      डॉक्टर्स भी डायबिटीज मरीजों को प्रातः काल टहलने की सलाह देते हैं.

      10. बढ़ाये मानसिक व शारीरिक शक्ति (Increased mental and physical strength)

      मॉर्निंग वॉक (Morning walk) करने से शरीर की मानसिक व शारीरिक शक्ति में मजबूती आती है क्योंकि प्रातःकाल की सैर से शरीर की मांसपेशियां व हड्डियां मजबूत होती हैं जो शारीरिक शक्ति (physical activity) को बढ़ाती हैं.

      शरीर में ब्लड सर्कुलेशन का संचार तेजी से होता है जिससे ऊर्जा का उत्सर्जन होता है जो दिमाग की कोशिकाओं को रिलैक्स महसूस करवाती है, जिस कारण तनाव मुक्त रहकर दिनभर ऊर्जावान बने रहते हैं तथा फेफड़े व हृदय की भी शक्ति बढ़ती है.

      11. कैंसर (Cancer)

      प्रातः काल टहलने से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है. कई शोध बताते हैं कि मॉर्निंग वॉक करने से करने से महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर, अंडाशय कैंसर, एंडोमेट्रियम कैंसर जैसे जोखिमों को कम किया जा सकता है.

      जो लोग प्रातः काल टहलते हैं उनकी सेहत दूसरों की तुलना में अच्छी रहती है इसलिए यह कहा जा सकता है कि कैंसर जैसी बीमारियों में सुबह टहलना फायदेमंद होता है.

      12. स्वस्थ त्वचा (Healthy Skin)

      स्वस्थ त्वचा पाने के लिए अंदरूनी और बाहरी स्थिति दोनों ही अच्छी होनी चाहिए. सुबह टहलने से हमें शुद्ध हवा, ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है जो हमारी अंदरूनी प्रतिक्रियाओं और शक्ति को बढ़ाती है.

      ब्लड सर्कुलेशन तेज होने से त्वचा की कोशिकाएं की मरम्मत होती है उन्हें सुरक्षा मिलती है जिससे चेहरे पर ग्लो आता है.

      स्वस्थ त्वचा पाने के लिए धूम्रपान, प्रदूषण, अनिद्रा इन सब से बचें तथा एक संतुलित आहार लें और सभी पोषक तत्वों (Nutrients)  को अपने आहार में शामिल करें.

      13. बीमारियों से बचने में (Prevent diseases)

      प्रातः काल की सैर करने से शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं जैसे कि रोग मुक्त रहना, सुबह टहलना एक तरह का व्यायाम होता है जो अंदरूनी और बाहरी शक्ति को मजबूत करता है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.

      यदि शरीर की इम्यूनिटी पावर मजबूत होगी तो हम बाहरी संक्रमण से संक्रमित होने से बचे रहेंगे क्योंकि किसी भी बीमारी या वायरस से बचने या लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) का मजबूत होना बहुत जरूरी है.

      14. रहे अनिद्रा की बीमारी से दूर (Far from insomnia)

      जीवन शैली इतनी व्यस्त हो गई है कि लोगों का जीवन तनावग्रस्त हो चुका है और यही तनाव धीरे-धीरे व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेता है जिससे कई तरह की खतरनाक बीमारियां उत्पन्न होने लगती है जैसे कि अनिद्रा. 

      नींद ना आने का सबसे बड़ा कारण तनाव ही होता है. सुबह टहलने से पूरे दिन शरीर ऊर्जावान, तनावमुक्त और खुशनुमा महसूस करता है जिससे हम तनाव मुक्त रहकर एक अच्छी और पर्याप्त नींद का आनंद ले सकते हैं.

      मॉर्निंग वॉक का सही टाइम | Morning Walk right time in hindi

      सुबह की सैर करने का फायदा तब होता है जब हम सूरज की पहली किरण के साथ वॉक करें. यदि हम सुबह 4-5 बजे के बीच में टहलते हैं तो हमें मॉर्निंग वॉक का ज्यादा फायदा नहीं मिलता है क्योंकि उस समय सूरज से मिलने वाला विटामिन डी से हम वंचित रह जाते हैं.

      इसलिए हमें हल्की धूप में टहलना चाहिए जिससे शुद्ध ऑक्सीजन, सूरज की धूप मिलती रहे. विटामिन D भी शरीर के लिए जरूरी होता है जिससे हड्डियां, बालों की मजबूती तथा डिप्रेशन, डायबिटीज, हृदय रोग जैसी बीमारियों का जोखिम कम होता है.

      प्रातः काल (मॉर्निंग वॉक) की सैर के 14 फायदे | benefits of morning walk in hindi

      सुबह टहलने की टिप्स | Morning walk tips in hindi

      मॉर्निंग वॉक करते समय या करने के पहले कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है जिससे शरीर को फायदा हो ना कि नुकसान. तो आइए जानते हैं सुबह की सैर करते समय सावधानियां.

         घूमने जाने से पहले एक या दो गिलास पानी पीना चाहिए जिससे शरीर का तापमान और सैर के दौरान पानी की आवश्यकता ना पड़े.

        ▪ टहलने के लिए शांत वातावरण, हवादार स्थान, बाग बगीचों, पार्क या खुली छत पर घूमे जिससे आपको साफ-सुथरी हवा और ऑक्सीजन की प्राप्ति होती रहे.

        ▪ जिस क्षेत्र में यातायात व वाहनों का आवागमन, प्रदूषण अधिक हो ऐसे स्थान पर सैर करने के लिए बिलकुल न जाएं.

        ▪ टहलने के लिए अकेले या फिर अपने परिवार के लोगों के साथ भी जा सकते हैं, लेकिन घूमते समय एक दूसरे से ज्यादा बातचीत ना करें.

        ▪ टहलने के समय हमें आरामदायक सूती कपड़े पहनने चाहिए जिससे सुबह की शुद्ध हवा शरीर को मिलती रहे, पेन्ट, जींस या टाइट कपड़े नहीं पहनना चाहिए.

        ▪ मॉर्निंग वॉक करते समय पैरों में जूते अवश्य पहने क्योंकि नंगे पांव घूमने से हमें चोट लग सकती है.

        ▪ सुबह कि सैर हमें बिना किसी तनाव के प्रसन्न होकर घूमना चाहिए, घूमते समय आप संगीत भी सुन सकते है. 

        ▪ गर्भवती महिलाओं को भी धीमी गति से घूमना चाहिए किंतु डॉक्टर्स के परामर्श लेने के बाद.

        ▪ सुबह टहलने से शरीर का वजन संतुलित रहता है और ब्लड प्रेशर, कब्ज, डायबिटीज, मूत्र संबंधी समस्याएं भी नियंत्रित रहती हैं.

        ▪ सुबह की सैर के लिए कम से कम प्रतिदिन 30 मिनट जरूर घूमे.

        ▪ प्रतिदिन टहलते समय सावधानियां बरतें, कभी भी अपने साथ आभूषण, मोबाइल, या अधिक रुपए ना रखें. 

      सारांश | Summary

      इस लेख को पढ़कर यह जानकारी मिलती है कि सुबह की सैर (सुबह की सैर के फायदे) शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कितनी महत्वपूर्ण है. प्रातः काल की सैर एक तरह का व्यायाम होता है जिसके सेहतमंद परिणाम मिलते हैं.

      मॉर्निंग वॉक करने से कई तरह की बीमारियों का जोखिम कम होता है तथा दिन भर शरीर स्वस्थ, फिट और ऊर्जावान रहता है.

      मैं आशा करता हूं कि यह जानकारी आपके काम आए और आप भी प्रतिदिन प्रातः काल की सैर पर जरूर जाएं.

      स्वस्थ रहना है तो व्यायाम जरूर करें.

      पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

      Q. प्रातःकाल सैर करने के क्या फायदे होते है?

      A. सुबह-सुबह सैर करने से कई सेहतमंद फायदे होते हैं जैसे कि वजन घटाने, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण करने, स्ट्रेस फ्री रहने, हृदय, फेफड़ों की देखभाल, ऊर्जावान, इम्यूनिटी पावर बढ़ाने में, हड्डियों की मजबूती, मानसिक शक्ति को बढ़ाने में इत्यादि.

      Q. सुबह कम से कम कितने किलोमीटर टहलना चाहिए?

      A. सुबह कम से कम 3- 4 किलोमीटर और सप्ताह में 4-5 दिन टहले तथा 1-2 दिन बॉडी को रेस्ट दें.

      Q. मॉर्निंग वॉक का सही समय क्या है?

      A. मॉर्निंग वॉक सूरज की हल्की धूप के साथ करना चाहिए जिससे हमें विटामिन डी की प्राप्ति होती है.

      Q. टहलने के पहले क्या करना चाहिए?

      A. मॉर्निंग वॉक करने के पहले शरीर को थोड़ा वार्म अप करना चाहिए या स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए जिससे बॉडी वार्म अप हो जाए और मॉर्निंग वॉक करने में आसानी रहे.

      Q. मॉर्निंग वॉक के बाद क्या करना चाहिए?

      A. मॉर्निंग वॉक के बाद फ्रेश होकर एक प्रोटीन युक्त और हेल्दी नाश्ता करना चाहिए जिससे आप पूरे दिन एनर्जीटिक महसूस करें.

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      सुबह के व्यायाम जो रखे आपको स्वस्थ और खुश.

      सुबह के समय व्यायाम या मॉर्निंग एक्सरसाइज करने से स्वास्थ्य (Health) को अनमोल फायदे होते हैं. एक्सरसाइज मनुष्य के शरीर और मन के लिए एक टॉनिक के रूप में कार्य करता है.

      जिससे शरीर और मन ना सिर्फ स्वस्थ रहते हैं बल्कि हमेशा तरोताजा, ऊर्जावान और खुशनुमा बने रहते हैं.

      अच्छा स्वास्थ्य जीवन के समस्त सुखों का आधार है.

      सुबह के व्यायाम करने के बहुत अच्छे फायदे देखने को मिलते हैं जिससे हम कई गंभीर बीमारियों से भी बचे रहते हैं.

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