October 23, 2021

ठंड के मौसम में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं - What to eat and what not to eat in winter in hindi?

ठंड के मौसम में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं - What to eat and what not to eat in winter in hindi?
ठंड के मौसम में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं - What to eat and what not to eat in winter in hindi?

सर्दियों के मौसम में क्या खाएं और क्या नहीं सबसे ज्यादा चिंता इस बात की रहती है. दरअसल सर्दियों में खानपान का विशेष तौर से ध्यान रखना पड़ता है थोड़ी सी ही लापरवाही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है.

October 15, 2021

सुबह के नाश्ते में क्या खाना चाहिए | what to eat for breakfast in hindi?

सुबह के नाश्ते में क्या खाना चाहिए | what to eat for breakfast in hindi?
सुबह के नाश्ते में क्या खाना चाहिए | what to eat for breakfast in hindi

एक स्वस्थ दिनचर्या की शुरुआत करने के लिए सुबह का नाश्ता बेहद आवश्यक होता है. दरअसल जब आप सुबह सोकर उठते हैं तो शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है और यह ऊर्जा आपको सुबह का हेल्दी नाश्ता (healthy breakfast) करने से मिल सकती है.

October 10, 2021

पेट साफ करने वाले फल (फ्रूट्स) | stomach clearing fruits in hindi

पेट साफ करने वाले फल (फ्रूट्स) | stomach clearing fruits in hindi
पेट साफ करने वाले फल (फ्रूट्स) | stomach clearing fruits in hindi

अक्सर लोग यह पूछते हैं कि पेट साफ ना होने पर क्या करें? क्योंकि 100 में से 90% लोग केवल पेट ना साफ होने की समस्या से ही परेशान और बेचैन रहते है.

जब सुबह के समय पेट सही ढंग से साफ नहीं होता है तो इसका सीधा असर हमारी दिनचर्या और कार्यप्रणाली पर देखा जा सकता है, क्योंकि पेट साफ ना होने पर मूड और व्यवहार दोनों पर प्रभाव पड़ता है जिसमे ना तो किसी काम को करने में मन लगता है ना ही खाने पीने में.

जिस वजह से बहुत से लोग पेट साफ होने के लिए दवाइयों का उपयोग करने लगते हैं तत्पश्चात उनमें किडनी से संबंधित बीमारियां देखी गई हैं. अब सवाल यह है कि अगर दवाइयों का उपयोग न करें तो ऐसा क्या खाएं जिससे पेट साफ होने में मदद मिले.

इसलिए इस आर्टिकल के द्वारा वह सभी फलों के बारे में बता रहे हैं जिनके अंदर फाइबर तत्व की भरपूर मात्रा होती है जो पेट न साफ होने की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं.

पेट साफ करने वाले फ्रूट्स के बारे में जानने से पहले पेट साफ ना होने के क्या कारण हो सकते हैं उनके बारे में जान लेते हैं?


    पेट साफ ना होने के क्या कारण होते हैं | What are the reasons for not having a clean stomach?

    पेट का साफ ना होना हमारी खराब जीवनशैली, रहन-सहन और खान-पान पर निर्भर करता है क्योंकि जैसा हम खाएंगे वैसा ही हम पाएंगे. पेट साफ ना होने के कारण कुछ इस प्रकार हैं.

    ➭ अधिक मात्रा में फास्ट फूड खाना.

    ➭ आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना जिनमें वसा, शर्करा तथा सोडियम की भरमार मात्रा होती है जो कब्ज पैदा करते हैं.

    ➭ बार-बार चाय और सॉफ्ट ड्रिंक पीना.

    ➭ कुछ ना कुछ खाने चबाने की आदत.

    ➭ रात्रि में अधिक देर से भोजन करना एवं भोजन करने के बाद तुरंत सो जाना.

    ➭ अधिक मात्रा में दूध, गरिष्ठ भोजन, तिल और दही का सेवन करना.

    ➭ अधिक मात्रा में गर्म तासीर वाले फलों का सेवन करना.

    ➭ तंबाकू, गुटखा, पान मसाला, अंडे, मेंदा युक्त बनी हुई चीजों का अधिक मात्रा में सेवन करना.

    ➭ आहार में फाइबर तत्व की कमी का आभाव.

    ➭ शरीर में पानी का कम होना.

    ➭ किसी भी तरह का शारीरिक व्यायाम ना करना.

    ➭ शरीर में कैल्शियम और पोटेशियम की मात्रा का कम होना.

    ➭ सही समय पर भोजन ना करना.

    ➭ आहार में फल और हरी सब्जियों की कमी.

    तनाव और पर्याप्त नींद का अभाव होना.

    पेट साफ करने वाले फलों के नाम | stomach cleansing fruits names in hindi

    पेट साफ ना होना या कब्ज जैसी समस्याएं आज के समय में आम बात हो गई है, क्योंकि बिगड़ती जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से कई लोग इन बीमारियों से जूझ रहे हैं.

    इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए लोग कई तरह की दवाएं, चूर्ण और घरेलू नुस्खे अपनाते हैं.

    इसके अलावा यदि आप आहार में प्राकृतिक मौसमी फलों का सेवन करते हैं तो इनसे मिलने वाले मिनरल्स और खनिज तत्व दवाइयों के रूप में पेट का साफ ना होना साथ ही पेट से संबंधित समस्याओं से भी छुटकारा दिला सकते हैं.

    तो आइए विस्तार से जानते हैं पेट साफ करने के लिए किन फलों का सेवन लाभदायक है?

    1. सेब (Apple)

    पेट साफ करने के लिए आहार में सेब का सेवन बहुत ही फायदेमंद है. सेब के अंदर फाइबर तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होता है लगभग प्रति 100 ग्राम 2.40 ग्राम. 

    पेट से संबंधित बीमारियां जैसे कि अपच, गैस बनना, कब्ज की समस्या और पाचन क्रिया में सुधार के लिए फाइबर तत्व सहायक होते हैं.

    फाइबर तत्व के मौजूद होने से शरीर में एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल को आंत में अवशोषण को रोकने में मदद करता है.

    इसके अलावा सेब में कई तरह के विटामिंस और मिनरल्स मौजूद होते हैं जो स्वस्थ स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है. इसलिए आहार में प्रतिदिन एक सेब का सेवन जरूर करें.

    अंग्रेजी में कहा गया है कि एन एप्पल ए डे कीप्स डॉक्टर अवे अर्थात एक सेब रोज खाओ और डॉक्टर को दूर भगाओ.

    2. संतरा (orange)

    पेट साफ करने के लिए आहार में संतरा फल को जरूर शामिल करें. दरअसल संतरे में फाइबर तत्व मौजूद होता है जो कब्ज, ऐठन और गैस बनना जैसी समस्याओं को कम करने के लिए उपयोगी हो सकता है.

    प्रति 100 ग्राम संतरे में 2.50 ग्राम फाइबर की मात्रा होती है जो पाचन क्रिया में सुधार करके आसानी से मल त्यागने में मदद करते हैं.

    3. अमरूद (Guava)

    पेट साफ करने वाले फ्रूट्स में नियमित रूप से अमरूद का सेवन किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं.

    वह इसलिए क्योंकि इसमें घुलनशील फाइबर 5.4 ग्राम प्रति 100 ग्राम मात्रा पाई जाती है जो पेट से संबंधित और कोलन कैंसर बीमारियों को दूर करने में फायदेमंद है.

    अमरूद में और भी कई तरह के विटामिंस और खनिज तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक होते हैं इसलिए अपनी डाइट में अमरूद फल का नियमित रूप से सेवन जरूर करें.

    4. पपीता (Papaya)

    कच्चा और पका पपीता दोनों का सेवन पेट को साफ करने, कब्ज की समस्या और पेट के कीड़े खत्म करने में असरदार साबित हो सकते है.

    इसमें काफी मात्रा में पेप्सिन एवं पेपेन नामक पाचक एंजाइम पाए जाते हैं जो पेट को साफ करने के लिए असरदार माने जाते हैं.

    इसके अलावा पपीता में लगभग प्रति 100 ग्राम 1.70 ग्राम डाइटरी फाइबर मौजूद होता है जो पाचन क्रिया में सुधार के लिए आवश्यक तत्व माना जाता है.

    पेट का साफ ना होना या कब्ज से पीड़ित रोगियों को प्रतिदिन सुबह पपीते का सेवन दूध के साथ करना चाहिए. खाना खाने के बाद पपीता खाने से कब्ज की शिकायत भी दूर होती है.

    अतः पेट की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आहार एवं डाइट में पपीते का सेवन अवश्य करें.

    पेट साफ करने वाले फल (फ्रूट्स) | stomach clearing fruits in hindi
    पेट साफ करने वाले फलों के नाम.

    5. नाशपाती (Pear)

    जो लोग पेट का साफ ना होना जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं उनके लिए आहार में नाशपाती फल का सेवन भी लाभकारी साबित हो सकता है.

    अन्य फलों की तरह नाशपाती फल में भी कई तरह के विटामिन, मिनरल्स और फाइबर तत्व मौजूद होते है जो मल को चिकना कर आसानी से त्यागने में मददगार साबित हो सकते हैं.

    लगभग प्रति 100 ग्राम नाशपाती में 3.10 ग्राम फाइबर की मात्रा होती है जो अन्य फलों की तुलना में अधिक है, इसलिए पेट को साफ करने की डाइट में नाशपाती फल को जरूर शामिल करें.

    6. केला (banana)

    अगर पेट साफ नहीं हो रहा है तो ऐसे में केले का सेवन करना काफी लाभदायक साबित हो सकता है.

    केले में लगभग प्रति 100 ग्राम 2.6 ग्राम फाइबर एवं लैक्सेटिव का प्रभाव मौजूद होने से मल त्यागने में मदद करते है, जिससे कब्ज की समस्या भी धीरे-धीरे कम होती है.

    प्रतिदिन 7 से 8 दिन तक कच्चे केले की सब्जी के सेवन से पेट के कीड़े भी मर जाते हैं.

    7. आलूबुखारा (plum)

    पेट साफ करने के लिए आहार में आलूबुखारा फल को भी शामिल किया जा सकता है क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर, सॉर्बिटॉल और फ्रुक्टोज तत्व पाचन क्रिया को दुरुस्त करके आसानी से मल त्यागने में सहायक होते हैं.

    अगर साधारणता बात की जाए तो फलों से मिलने वाले विटामिंस और मिनरल्स शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत आवश्यक होते हैं.

    जिस तरह गाड़ी को चलने के लिए पेट्रोल की आवश्यकता होती है उसी तरह शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिनकी प्राप्ति के लिए फल एक बेहतरीन स्रोत होते हैं.

    इसलिए भोजन के साथ-साथ आप आहार में फलों का सेवन जरूर करें.

    8. कीवी (kiwi)

    कीवी फल का सेवन सेहत को स्वस्थ रखने के लिए बेहद लाभदायक है.

    इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, के, सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम आयरन, जिंक और साथ ही फाइबर तत्व की मौजूदगी से पाचन क्रिया को दुरुस्त करके पेट साफ करने में लाभकारी साबित होता है.

    कई अध्ययनों से यह ज्ञात हुआ है कि कीवी फल का नियमित सेवन करने से मल त्यागने की आवर्ती में बढ़ोतरी हुई है साथ ही पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली में भी सुधार देखा गया है.

    प्रति 100 ग्राम कीवी में 3 ग्राम फाइबर तत्व की मात्रा पाई जाती है जो फाइबर तत्व की प्राप्ति के लिए बेहतर स्रोत है. इसलिए पेट साफ नहीं होता है या कब्ज की समस्या के निदान के लिए डाइट में कीवी फल का सेवन अवश्य करें.

    पेट साफ करने वाले फलों में फाइबर की मात्रा(प्रति 100 ग्राम)

    फल फाइबर
    अमरूद 5.4 g
    केला 2.6 g
    कीवी 3 g
    पपीता 1.70 g
    संतरा 2.50 g
    सेब 2.40 g
    नाशपाती 3.10 g
    आलूबुखारा 1.40 g

    पेट साफ करने के लिए यह भी खाएं | Eat this to clean the stomach in hindi

    पेट साफ करने के लिए या कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आहार में कुछ और भी खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं जो इस प्रकार हैं.

    ➭ आहार में चोकर रहित आटा खाएं, छिलके वाली मूंग की दाल और जौ का सेवन करें.

    ➭ हरी सब्जियों में लौकी, तुरई, पत्ता गोभी, पालक, परवल, करेला और मेथी की भाजी खाएं.

    ➭ सूखे मेवे में आप काजू, बादाम, मुनक्का, अंजीर, छुहारे और खजूर का सेवन कर सकते है.

    ➭ नियमित रूप से मौसमी फलों का सेवन करें.

    ➭ आहार में उन सभी खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमे फाइबर तत्व मौजूद हो.

    निष्कर्ष | Conclusion

    आज के समय में पेट का साफ ना होना यह कब्ज जैसी समस्याएं बच्चों और बूढ़ों किसी भी उम्र में देखी जा सकती हैं.

    इन समस्याओं को कम करने के लिए आप आहार में उन फलों का सेवन करें जिनके अंदर फाइबर तत्व पाया जाता हो, क्योंकि सुबह के समय आसानी से मल त्यागने एवं पाचन क्रिया को दुरुस्त करने के लिए फाइबर तत्व सहायक होते हैं.

    बहुत से लोग यह पूछते हैं कि पेट साफ कैसे करें, तो इसका साधारण सा उत्तर यह है कि आप अपनी जीवन शैली, रहन-सहन और खान-पान का विशेष तौर से ध्यान रखें जो आपकी हर समस्या का हल है.

    सामान्य प्रश्न | FAQ

    Q. पेट साफ करने के लिए कौन से फल खाने चाहिए?

    A. पेट साफ ना होने पर आहार में अमरूद, सेब, पपीता, केला, कीवी और नाशपाती फलों का सेवन जरूर करे.

    Q. पेट साफ ना होने के क्या कारण है?

    A. पेट साफ ना होने पर आहार में अमरूद, सेब, पपीता, केला, कीवी और नाशपाती फलों का सेवन जरूर करे. अगर अच्छे से पेट साफ नहीं होता है तो इसके कुछ कारण हो सकते हैं जैसे कि आहार में फाइबर युक्त भोजन की कमी, फल एवं हरी सब्जियों की कमी, शारीरिक व्यायाम ना करना, अधिक मात्रा में फास्ट फूड, गरिष्ठ भोजन, दूध, और दही का सेवन करना, बार- बार चाय, कॉफी पीना, शरीर में पानी की कमी का होना और कुछ भी खाने एवं चबाने की आदत आदि.

    Q. मल को नरम बनाने के लिए क्या करना चाहिए?

    A. मल को नरम बनाने के लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक पाई जाती हो जैसे कि नाशपाती, कीवी, सेब, आलूबुखारा, पालक, बादाम, काजू , अंजीर और खजूर आदि.

    Q. पेट साफ करने के लिए क्या खाएं?

    A. पेट साफ करने के लिए फाइबर युक्त फलों एवं हरी सब्जियों का सेवन, लौकी, तोरई, पत्ता गोभी, मूंग की दाल, बादाम, अंजीर, खजूर और मौसमी फलों का सेवन करे.

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    स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi?

    स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi?
    स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

    शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए प्रतिदिन व्यायाम (Exercise) करना बेहद जरूरी है. संसार के समस्त सुखों में स्वास्थ्य को सबसे पहला सुख माना गया है. उपनिषद भी कहता है - पहला सुख निरोगी काया.

    मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए एक्सरसाइज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लेना चाहिए. एक्सरसाइज शरीर के लिए टॉनिक के समान काम करता है जिससे शरीर और मन स्वस्थ होते हैं तथा हम कई गंभीर बीमारियों से भी बचे रहते हैं.

    इसलिए इस लेख मे हम स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के महत्व को जानेंगे की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज क्या है, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के फायदे, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कौन-कौन सी है और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करते हैं?


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज क्या है | What is stretching exercise in hindi

      अधिकतर काम के दबाव के कारण लोगों की दिनचर्या इतनी व्यस्त रहती है कि उनके पास वर्कआउट या जिम जाने का समय नहीं रहता है. ऐसे में आप सुबह के समय थोड़ा सा वक्त निकाल कर घर पर ही स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं.

      किसी भी प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी को करने के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना जरूरी होता है क्योंकि स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की मांसपेशियों में गर्माहट आ जाती है.

      आपने देखा होगा कि जब हम जिम में एक्सरसाइज करने के लिए जाते हैं तो कई जिम ट्रेनर वर्कआउट करने के बाद में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के लिए कहते हैं, जिससे मांसपेशियों को आराम मिले और हम चोटिल ना हो.

      इसके अलावा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (stretching exercise in Hindi) करने से शरीर को कई फायदे होते हैं जैसे कि शरीर का लचीलापन (Flexibility) बना रहता है, मांसपेशियों की जकड़न (Tightness) कम होती है, शरीर के जोड़ों के मुड़ने की क्षमता बढ़ती है, मांसपेशियों की लंबाई और शरीर के पोस्चर में सुधार आता है.

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें | How to do stretching exercises in hindi?

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज घर पर ही बड़ी आसानी से सुबह या शाम के वक्त कर सकते हैं. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन आता है जिससे आप तनाव मुक्त महसूस करते हैं.

      एक बेहतर दिनचर्या की शुरुआत के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना बेहद फायदेमंद है. आइए जानते हैं स्ट्रेच एक्सरसाइज करने के तरीके?

      1. ओवरहेड स्ट्रेच (Overhead stretch in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      ओवरहेड स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से कमर, पीठ, गर्दन और कंधे की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता है जिस कारण मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है और रिलैक्स महसूस होता है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ ओवरहेड स्ट्रेच करने के लिए अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई से अलग करके सीधे खड़े हो जाएं.

        ▪ बाहों को सीधे ऊपर की ओर ले जाएं और हथेलियों को ऊपर की ओर रखते हुए उंगलियों को आपस में मिला लें.

        ▪ कंधों को नीचे दबाते हुए बाहों को ऊपर उठाएं कुछ समय के लिए रुके फिर मांसपेशियों में होने वाले खिंचाव को छोड़ दें.

        ▪ इसी तरह से यह विधि 3-4 बार दोहराएं.

      2. साइड स्ट्रेच (Side stretch in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      साइड स्टेज एक्सरसाइज करने से पसलियों के बीच की इंटरलॉक मांसपेशियों को तनाव मुक्त करके फेफड़ों को प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता बढ़ती है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ साइड स्ट्रेच एक्सरसाइज करने के लिए पहले सीधे और दोनों पैरों को थोड़ा सा फैलाकर खड़े हो जाएं.

        ▪ अपने बाएं हाथ को कमर पर रखें तथा दाएं हाथ को सीधा लेकर बाएं तरफ झुके.

        ▪ दाएं हाथ को कमर पर रखें तथा बाएं हाथ को सीधा लेकर दाएं तरफ झुके.

        ▪ इसी तरह कम से कम 30-40 सेकंड करें और इस प्रक्रिया को 3-4 बार करें.

      3. बटरफ्लाई स्ट्रेच (butterfly stretch in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      बटरफ्लाई स्ट्रेच सबसे आसान स्ट्रेच एक्सरसाइज में से एक है. इस एक्सरसाइज को करने से आंतरिक जांघों, कूल्हों और कमर पर असर पड़ता है. वर्कआउट करने के बाद शरीर को रिलैक्स करने के लिए यह एक अच्छा व्यायाम है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ बटरफ्लाई स्ट्रेच एक्सरसाइज करने के लिए अपनी पीठ सीधी और पैरों को अपने सामने की ओर रखकर बैठे.

        ▪ अब पैरों को अपने पास खींचे तथा अपने घुटनों को मोड़ लें, पैरों के तलवों को एक दूसरे से मिला लें.

        ▪ अपने हाथों को पैर के पंजों के ऊपर रखें इसके बाद अपने ऊपरी शरीर को आगे की ओर धीरे-धीरे ले जाएं.

        ▪ लगभग 30-40 सेकंड तक इस पोजीशन में रहे और इस विधि को 3-4 बार करें.

      4. नी टू चेस्ट (Knees to chest in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      अधिकतर बहुत से लोगों को कमर, कूल्हों और पीठ के निचले हिस्से में कठोरता और दर्द का अनुभव होता है. इस स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से कमर के नीचे भाग की मांसपेशिया मजबूत होती है जिससे कमर और कूल्हों के दर्द को कम करने में मदद मिलती है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ इस एक्सरसाइज के लिए जमीन पर सीधे लेट जाएं.

        ▪  कंधों को आराम से रखें जबकि एक घुटने को धीरे-धीरे ऊपर लाते हैं और दूसरे पैर को फर्श पर सीधा छोड़ दें.

        ▪ अपने घुटने को अपने हाथों से पकड़े और इसे अपने सीने की और 10 सेकेंड के लिए खींचे.

        ▪ अब अपने पैर को नीचे करें और विपरीत दिशा में इस व्यायाम को दोहराएं. इस प्रक्रिया को 2-4 बार करें.

      5. आर्म एंड शोल्डर स्ट्रेच (Arm and shoulder stretch in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      हाथ और कंधे की स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से पीठ, कंधे और हाथ की मांसपेशियों की ताकत बढ़कर इनके कार्य करने की क्षमता बढ़ती है. इस एक्सरसाइज को करने से शरीर के पोस्चर और हड्डियों में सुधार आता है तथा चोट लगने का जोखिम भी कम होता है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ इस एक्सरसाइज करने के लिए पहले आप सीधे खड़े हो जाएं.

        ▪ फिर दाहिने हाथ को बाएं हाथ की तरफ ले जाएं और इसे अपने बाएं कंधे पर तिरछा रखें.

        ▪ बाएं हाथ से दाएं हाथ को अंदर की तरफ स्ट्रैच करें फिर बाएं हाथ के साथ उस पर दबाव बढ़ा कर अपने दाएं हाथ को अपने सीने के करीब खींचे.

        ▪ 10 सेकंड के लिए इस स्ट्रैच को बनाए रखें और फिर इसी प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं.

      6. चेस्ट स्ट्रेच (Chest stretch in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      चेस्ट एक्सरसाइज करने के कई तरीके होते हैं. चेस्ट एक्सरसाइज करने से सीने की मांसपेशियों में खिंचाव आता है साथ ही हमारे कंधे और हाथों की मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है तथा फेफड़े और हृदय के कार्य करने की क्षमता भी बढ़ती है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ यह एक्सरसाइज करने के लिए अपने पैरों को थोड़ा सा फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं.

        ▪ अपनी पीठ को सीधा करें अपने हाथों की उंगलियों को अपने कूल्हे के पीछे ले जाकर उंगलियों को आपस में फंसा लें.

        ▪ धीरे-धीरे अपनी इंटरलॉक उंगलियों को ऊपर की ओर यानी छत की ओर धकेल जब आप अपनी बाहों को उठाते हैं तो सांस लें और सांस छोड़ें.

        ▪ जब आपकी बाहें चरम सीमा पर पहुंच जाएं यानी कि और ऊपर ना जा सके तो उस स्थिति में 15-30 सेकंड के लिए रुके रहे. इस स्थिति में अपने नाक और मुंह से गहरी सांस लेते रहे.

        ▪ अब आप अपनी प्रारंभिक स्थिति में लौट आए और गहरी सांस लें इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं.

      7. ट्राइसेप्स स्ट्रेच (Triceps stretch in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      ट्राइसेप्स एक्सरसाइज करने से हाथ, कंधे और गर्दन की मांसपेशियों की अकडन दूर होती है, मांसपेशियां लंबी होती है और शरीर तनाव मुक्त होता है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई से अलग करके सीधे खड़े हो जाएं.

        ▪ अपने दाएं हाथ को उठाकर ऊपरी पीठ के मध्य भाग तक ले जाएं.

        ▪ फिर बाएं हाथ से कोहनी को पकड़े और धीरे से खींचे.

        ▪ 10 से 12 सेकंड के लिए रुके फिर इसी तरह दूसरी तरफ दोहराएं.

      8. नैक स्ट्रेच (Neck stretch in hindi)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      नेक स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से गर्दन के आसपास की मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है, मांसपेशियों की गतिशीलता बढ़ती है और गर्दन के दर्द में भी आराम मिलता है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ पैरों को कूल्हों की चौड़ाई से अलग रखें और दोनों हाथों को नीचे की ओर रखें.

        ▪ सिर को दाई और झुकाए तथा दाहिने कान को दाहिने कंधे से छूने की कोशिश करें ऐसा करते हुए गर्दन और कंधे के बाएं और खिंचाव महसूस करें.

        ▪ सिर को बाएं और झुकाए बाएं कान को बाएं कंधे से छूने की कोशिश करें फिर गर्दन और कंधे के दाहिने हिस्से में खिंचाव महसूस करें.

        ▪ हर बार 10 सेकेंड के लिए इस स्थिति में रहें इस प्रक्रिया को 3 बार दोहराएं.

      9. फॉरवर्ड बैंड (stretch exercise for height)


      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi

      प्रभावी (effective) :

      इस एक्सरसाइज को करने से पिंडली की मांसपेशियों की ताकत और क्षमता में सुधार होता है तथा यह एक्सरसाइज रीड की हड्डी को फैलाता है जिससे हाइट बढ़ने में मदद मिलती है.

      कैसे करें (how to do) :

        ▪ सीधे खड़े होकर अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं.

        ▪ अब धीरे-धीरे झुके और अपने पैरों को उंगलियों से छूने की कोशिश करें.

        ▪ झुकते समय घुटने मुड़ने नहीं चाहिए.

        ▪ घुटनों को बिना झुकाए पैरों को छूना मुश्किल होता है लेकिन नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे यह हो सकता है.

        ▪ इसे नियमित रूप से दिन में 4-5 बार करने से लाभ होता है.

      10. कोबरा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (cobra stretching exercise)

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi
      प्रभावी (effective) :

      इस एक्सरसाइज को करने से पीठ और पेट की मांसपेशियों में फैलाव आता है साथ ही अकड़न दूर होकर मांसपेशियों में होने वाले दर्द मे राहत मिलती है.

      कैसे करें (how to do) :

      ▪ इस एक्सरसाइज को करने के लिए अपने हाथों को सीधे कंधों के नीचे फर्श पर आगे की ओर रखते हुए पेट के बल लेट जाएं.

      ▪ पैरों को अपने पीछे फैलाएं और पैर की उंगलियों को इंगित करें.

      ▪ जैसे ही आप सांस छोड़ते हैं अपने सीने को ऊपर उठाएं और अपने कूल्हों को फर्श पर धकेले.

      ▪ इस एक्सरसाइज को करने के दौरान अपने हिप्स को ऊपर ना उठाएं.

      ▪ 20 से 30 सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें.

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के फायदे | Benefits of stretching exercises in hindi

      शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए व्यायाम (Exercises) करना बेहद जरूरी है यदि दिन की शुरुआत व्यायाम के साथ करते हैं तो दिन भर ऊर्जावान, तनावमुक्त तथा मन प्रसन्न चित्त रहता है.

      आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के क्या फायदे होते हैं?

      1. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर के जोड़ों के मुडने की और उनके कार्य करने की क्षमता में सुधार आता है. 

      2. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ती है तथा हम दिन भर ऊर्जावान महसूस करते हैं. 

      3. वर्कआउट करने से पहले स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से चोट लगने की संभावनाएं कम होती है.

      4. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों का लचीलापन और मजबूती बढ़ती है जिससे मांसपेशियां प्रभावी रूप से सक्रिय होती हैं और इनके कार्य करने की क्षमता बढ़ती है.

      5. सुबह के समय एक्सरसाइज करने से दिन भर तनाव या सुस्ती महसूस नहीं होती है और अपनी पूरी दिनचर्या को प्रसन्न चित्त होकर खत्म कर सकते हैं.

      6. जब जिम में वर्कआउट करने जाते हैं तो जिम इंस्ट्रक्टर वर्कआउट करने के बाद स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के लिए कहते हैं क्योंकि वर्कआउट से होने वाले दर्द को कम करने मे यह लाभदायक है.

      7. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शरीर में कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद करते है जिससे हृदय रोग जैसी बीमारियों से बच सकते हैं.

      8. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है बल्कि मांसपेशियों के दर्द और अकड़न को कम करके मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

      9. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज मांसपेशियों के दर्द, पीठ के निचले हिस्से के दर्द और कमर दर्द को कम करने में मदद करती है.

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें, कब करें और इसके फायदे | How to do stretching exercises, when to do and its benefits in hindi
      आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने का समय और टिप्स.

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कब करना चाहिए | When to do stretching exercises in hindi?

      किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज को करने से पहले इसके समय के बारे में जान लेना चाहिए. तो आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कब कर सकते हैं?

      वैसे तो स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने का कोई निश्चित समय नहीं है. आप जब चाहे अपने शरीर को स्ट्रेच कर सकते हैं बस इतना ध्यान देना चाहिए कि जब बॉडी को स्ट्रेच कर रहे हो तो हाथ पैरों को फैलाने के पर्याप्त जगह होनी चाहिए.

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज किसी भी समय की जा सकती है जैसे कि

        ▪ सुबह सोकर उठने के बाद.

        ▪ सोने से पहले.

        ▪ दिन में किसी भी समय.

        ▪ ऑफिस में ब्रेक के दौरान.

        ▪ शरीर के सुस्त पड़ने के दौरान.

        ▪ एक्सरसाइज करने के बाद.

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने की टिप्स | stretching exercises tips in hindi

      स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है अन्यथा इससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है तो आइए जानते हैं स्ट्रैचिंग करते समय बरतने वाली सावधानियां.

      1. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज एक तरह का वार्मअप नहीं है. इसलिए वर्कआउट के पहले स्ट्रेचिंग करने से शरीर की मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है.

      2. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शरीर की क्षमता अनुसार ही करना चाहिए अन्यथा शरीर की मांसपेशियों में अधिक खिचाव उत्पन्न हो सकता है.

      3. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बहुत ही धीरे-धीरे और शांत तरीके से करनी चाहिए यदि आप झटके के साथ या बहुत जल्दी-जल्दी एक्सरसाइज करते हैं तो इससे मांसपेशी में चोट लगने की संभावना बढ़ सकती है.

      4. स्ट्रेचिंग इस तरह करना चाहिए की मांसपेशियों में हल्का सा खिचाव महसूस हो यदि आपको अधिक दर्द महसूस होता है तो इस तरह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज ना करें.

      5. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज 20-30 सेकंड तक की करें.

      6. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करते समय नाक से सांस ले और छोड़ते रहे.

      7. स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से पहले 5-10 मिनट के लिए हल्की वॉकिंग, जोगिंग और साइकिलिंग करनी चाहिए जिससे शरीर की मांसपेशियों में गर्माहट आ जाए.

      8. हर व्यक्ति के अनुवांशिक गुण और शरीर की मांसपेशियों का लचीलापन अलग होता है इसलिए हमेशा शरीर की क्षमता के अनुसार ही स्ट्रेचिंग करें.

      9. स्ट्रेचिंग करते समय गर्दन, कमर के निचले हिस्से, कंधों और जोड़ो जैसी प्रमुख मांसपेशियों का ध्यान रखते हुए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए जिससे शरीर को पूरी तरह फायदा मिले.

      10. सप्ताह में कम से कम 2 या 3 दिन बार नियमित रूप से स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से लाभ मिलता है.

      11. जो व्यक्ति स्पोर्ट्स खेलते हैं उन्हें उसी तरह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए जैसे फुटबॉल प्लेयर को हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच करना चाहिए.

      आखिरी शब्द | last word

      यदि जीवन को स्वस्थ और रोग मुक्त रखना है तो एक्सरसाइज को जीवन का हिस्सा बना लीजिए. कई विशेषज्ञों के अनुसार एक्सरसाइज करने से शरीर की मानसिक और शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ-साथ बीमारियों का भी जोखिम कम होता है.

      इस लेख के द्वारा जाना कि स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज क्या है, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें या तरीके, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के फायदे, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कब करना चाहिए और जरूरी टिप्स आदि?

      शरीर की मांसपेशियों की अकड़न दूर करने और लचीलापन बढ़ाने के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बेहद लाभदायक होती है.

      पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

      Q. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कौन-कौन सी होती है?

      A. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कई तरह की होती है जैसे कि साइड स्ट्रेच, ओवरहेड स्ट्रेच, नेक स्ट्रेच, आर्म एंड सोल्डर स्ट्रेच, चेस्ट स्ट्रेच और बटरफ्लाई स्ट्रेच इत्यादि.

      Q. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से क्या फायदा होता है?

      A. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन और इनके कार्य करने की क्षमता बढ़ती है. एक्सरसाइज करते समय मांसपेशियों में हल्का सा खिंचाव महसूस होता है जिससे शरीर और मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है तथा वर्कआउट करने के दौरान चोट लगने की संभावना भी कम होती है.

      Q. हाइट बढ़ाने के लिए कौन सी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए?

      A. हाइट बढ़ाने के लिए फॉरवर्ड बैंड स्ट्रेच एक्सरसाइज सबसे आसान एक्सरसाइज है जिसे करने से हाइट बढ़ने में मदद मिलती है.

      ▪ सीधे खड़े होकर अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं.
      ▪ अब धीरे-धीरे झुके और अपने पैरों को उंगलियों से छूने की कोशिश करें.
      ▪ झुकते समय घुटने मुड़ने नहीं चाहिए.
      ▪ घुटनों को बिना झुकाए पैरों को छूना मुश्किल होता है लेकिन नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे यह हो सकता है.
      ▪ इसे नियमित रूप से दिन में 4-5 बार करने से लाभ होता है.

      Q. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज किस समय करना चाहिए?

      A. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने का कोई निश्चित समय नहीं है इसे आप सुबह उठने के बाद, सोने से पहले, ऑफिस में काम करने के दौरान और वर्कआउट करने के बाद कर सकते हैं.

      धन्यवाद.

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      जीवन का आनंद वही व्यक्ति ले सकता है जो शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो और स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम और पौष्टिक आहार बहुत आवश्यक है.