January 20, 2022

जिम करने के बाद क्या खाना चाहिए? - what to eat after gym in hindi
जिम करने के बाद क्या खाना चाहिए

शरीर को स्वस्थ, फिट और आकर्षक बनाने के लिए एक्सरसाइज को एक विकल्प ना मानकर शरीर की आवश्यकता पर विचार करें, क्योंकि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है पहला व्यायाम दूसरा पौष्टिक आहार.

January 16, 2022

पालक जूस पीने के फायदे और नुकसान - 13 Benefits and harms of spinach juice in hindi
पालक जूस पीने के फायदे और नुकसान

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन बेहद फायदेमंद होता है और इन्हीं पौष्टिक हरी सब्जियों में पालक सर्वगुण संपन्न सब्जी है.

January 11, 2022

गर्मी में खाने वाली सब्जियां | Best summer vegetables in hindi
गर्मी में खाने वाली सब्जियां | summer vegetables in hindi

गर्मी का मौसम शुरू होते ही अंदर से तन और मन दोनों ही त्राहि-त्राहि कहने लगते हैं क्योंकि हर साल बढ़ते हुए तापमान को देखकर गर्मी को सहना असहनीय हो गया है.

January 8, 2022

फोलिक एसिड युक्त फल एवं सूची | Folic acid rich fruits and list in hindi
फोलिक एसिड युक्त फल एवं सूची | Folic acid rich fruits and list in hindi

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है क्योंकि यही पोषक तत्व शरीर की आंतरिक क्रियाओं को संचालित करने के लिए आवश्यक माने जाते हैं और इन्हीं पोषक तत्वों में से एक है, फोलिक एसिड जिसका अपना ही महत्व है.

जिस तरह कैल्शियम व विटामिन डी हड्डियों और दातों की मजबूती के लिए, आयरन खून की कमी को पूरा करने, प्रोटीन शरीर के विकास के लिए, पोटेशियम हृदय व रक्तचाप को नियंत्रित नियंत्रण करने उसी तरह फोलिक एसिड लीवर, त्वचा, बाल, आंखों, मस्तिष्क के कार्य, भावनात्मक मजबूती एवं तंत्रिका तंत्र को मजबूत रखने के लिए आवश्यक होता है.

यदि आप नियमित रूप से फोलिक एसिड युक्त फलों (Folic acid rich fruits) का सेवन करते हैं, तो आप एनीमिया, थकान, कमजोरी, सांस फूलना, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं से बच सकते हैं.

इसलिए इस लेख के माध्यम से फोलिक एसिड फलों के नाम या फोलिक एसिड युक्त फल, फोलिक एसिड फलों की सूची और इनकी मात्रा के बारे में जानेंगे.

आइए आगे जानते हैं फोलिक एसिड का क्या काम है?


    फोलिक एसिड क्या है? | what is folic acid in hindi

    फोलिक एसिड को विटामिन B9 और फोलेट के नाम से भी जाना जाता है.

    फोलेट और फोलिक एसिड में केवल इतना अंतर है कि फोलेट एक प्राकृतिक विटामिन बी है जो स्वाभाविक रूप से प्राकृतिक खाद पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है, वही फोलिक एसिड एक अप्राकृतिक फोलेट है जिसका उपयोग सप्लीमेंट के रूप में किया जाता है.

    फोलिक एसिड का कार्य शरीर में नई लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने, मस्तिष्क की क्रियाओं, बच्चों के विकास एवं तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से रखने में अहम भूमिका निभाता है.

    इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं भ्रूण की कोशिकाओं के निर्माण में फॉलिक एसिड आवश्यक तत्व माना जाता है. डॉक्टर्स भी गर्भवस्था के दौरान फोलिक एसिड युक्त दवाइयों और खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह देते हैं.

    आइए आगे जानते हैं उन फोलिक एसिड फलों के बारे में जिनसे आप प्राकृतिक रूप से फोलेट की कमी को पूरा कर सकते हैं.

    फोलिक एसिड फलों के नाम | folic acid fruit names in hindi

    अगर आप जानना चाहते हैं कि फोलिक एसिड के स्रोत क्या है, तो इसमें आप फोलिक एसिड युक्त फलों को शामिल कर सकते है.

    फलों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होता है क्योंकि इनमें वह सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर के विकास के लिए आवश्यक माने जाते हैं.

    फल एक प्राकृतिक स्रोत है जिन्हें आप आहार में शामिल करके फोलिक एसिड की कमी को पूरा कर सकते हैं, जो इस प्रकार है.

    1. एवोकाडो (avocado)

    एवोकाडो फल कई विटामिन और खनिज तत्वों से समृद्ध फल है.

    यह फोलिक एसिड के अलावा कार्बोहाइड्रेट, एनर्जी, डाइटरी फाइबर, विटामिन ए, सी, के, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, बीटा कैरोटीन का  उच्च श्रोत है.

    एवोकाडो के नियमित सेवन से फोलिक एसिड की कमी से होने वाली समस्याओं को कम करने के अलावा यह हृदय को स्वस्थ रखने और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम करने में भी सहायक हो सकता है.

    सेवन:

    एवोकाडो का सेवन सूप, सलाद, स्मूदी और सैंडविच में मिलाकर कर सकते है.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम एवोकाडो में 81 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 20% प्रदान करता है.

    2. केला (banana)

    फोलेट की प्राप्ति के लिए आहार में केला फल को शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. केला जितना खाने में स्वादिष्ट होता है उतना ही महत्वपूर्ण पोषक तत्व से भरपूर होता है. (पेट साफ करने वाले फलों के नाम.)

    इसमें भी फोलेट के अलावा नियासिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, ऊर्जा, डाइटरी फाइबर, विटामिन ए, विटामिन बी6, पोटेशियम, कैल्शियम और फास्फोरस का उच्च श्रोत मौजूद होता है.

    ताजा केला पोटेशियम का समृद्ध स्रोत होने के कारण यह शरीर के तरल पदार्थ का महत्वपूर्ण घटक है जो सोडियम के हानिकारक प्रभाव को कम करने और हृदय गति एवं रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है.

    सेवन:

    केले का सेवन केले की सब्जी बनाकर, बनाना शेक पीकर, सलाद, स्मूदी के रूप में कर सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम केले में 20 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 5% आहार प्रदान करता है.

    3. पपीता (Papaya)

    शरीर में फोलिक एसिड की कमी को पूरा करने के लिए पपीता फल फोलेट सूची में शामिल किया जा सकता है. पपीता कई फाइटोन्यूट्रिएंट्स, खनिज और विटामिन का समृद्ध स्रोत है.

    पपीता में फोलिक एसिड के अलावा विटामिन बी6, राइबोफ्लेविन और थियामिन से भरपूर होता है जो शरीर में बाहरी स्रोतों से चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में आवश्यक होते हैं.

    पपीता फल में घुलनशील प्रति 100 ग्राम 1.70 ग्राम डाइटरी फाइबर मौजूद होते हैं जो भोजन को पचाने एवं आसानी से मल त्यागने में मदद करते हैं. पपीता स्वास्थ्य के लिए जितना महत्वपूर्ण है, इसके बीज भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं.

    सेवन:

    पपीता का सेवन सलाद के रूप में, कच्चे पपीते की सब्जी और जूस के रूप में और इसे धोकर खा सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम पपीता में 37 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 9% प्रदान करता है.

    4. संतरा (Orange)

    फोलिक एसिड प्राप्त करने के लिए संतरा को भी आहार में शामिल किया जा सकता है. यदि आप फोलेट, विटामिन सी, ए, पोटैशियम, डाइटरी फाइबर, पेक्टिन, कैल्शियम तत्वों को प्राप्त करना चाहते हैं तो आहार में संतरा फल को अवश्य शामिल करें.

    संतरे में पेक्टिन नामक गुण मौजूद होता है जो जहरीले पदार्थों के साथ-साथ कोलन में कैंसर पैदा करने वाले रसायनों का जोखिम कम करने में मदद करता है.

    अन्य खट्टे फलों की तरह संतरा भी विटामिन सी का एक उत्कृष्ट स्रोत है लगभग प्रति 100 ग्राम संतरे में 58.5 मिलीग्राम विटामिन सी होता है जो दैनिक स्तर का 81% प्रदान करता है.

    सेवन:

    संतरे का उपयोग आप जूस के तौर पर, सलाद में या संतरा फल को वैसे ही खा सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम संतरे में 39 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 10% प्रदान करता है.

    5. कीवी (kiwi)

    किसी भी प्रकार की बीमारी को सही या उसके जोखिम को कम करने के लिए प्रकृति ने हमें हर फल के रूप में दवा प्रदान की है.

    शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पोषक तत्व की आवश्यकता होती है और यह पोषक तत्व फलों में भरपूर मात्रा में होते हैं. ऐसा ही एक कीवी फल है, जो खाने में जितना स्वादिष्ट है उतना ही औषधीय गुणों से भरपूर भी हैं.

    शरीर में खून की कमी को पूरा करने और डेंगू बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टर भी आहार में कीवी फल को खाने की सलाह देते हैं.

    कीवी विटामिन सी से भरपूर होता है, जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को डिटॉक्सिफाई करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक होता है.

    सेवन:

    कीवी फल को आप फ्रूट सलाद, जूस और साधारणतः कीवी फल को ऐसे ही खा सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम कीवी में 25 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 6% प्रदान करता है.

    फोलिक एसिड युक्त फल एवं सूची | Folic acid rich fruits and list in hindi
    फोलिक एसिड पाने के लिए खाएं ये फल.

    6. अमरूद (Guava)

    फोलिक एसिड खाद्य पदार्थों की सूची में अमरूद को विशेष तौर से शामिल कर सकते हैं. अमरूद के सेवन से एक नहीं अनेक फायदे होते हैं. (प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले फल.)

    अमरूद में फोलेट (फोलिक एसिड) भरपूर मात्रा में होता है जो बच्चों के नर्वस सिस्टम, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ और भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक तत्व माना जाता है.

    डायबिटीज रोगियों के लिए भी यह लाभकारी फल है क्योंकि यह शरीर में ग्लूकोस लेवल को नियंत्रित करता है, साथ ही इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर (प्रति 100 ग्राम 5.4 ग्राम) होता हैं जो पाचन तंत्र को को बेहतर बनाने की क्षमता रखता है.

    जो लोग कब्ज की समस्या से गुजर रहे हैं उन्हें आहार में अमरूद का सेवन जरूर करना चाहिए.

    सेवन:

    अमरूद का उपयोग चटनी के रूप में, सलाद में, अमरूद को भूंज कर और इसे फल की तरह खा सकते है.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम अमरुद में 49 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 12.5 प्रतिशत प्रदान करता है.

    7. ब्लैकबेरी (Blackberry)

    अगर आप जानना चाहते हैं कि कौन से फल फोलिक एसिड युक्त से भरपूर होते हैं तो इसमें आप ब्लैकबेरी फल को भी शामिल कर सकते हैं.

    यह फोलेट के अलावा पोटेशियम, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी, के और डाइटरी फाइबर का समृद्ध स्रोत है.

    ब्लैकबेरी के सेवन से कई गंभीर रोगो से बचा जा सकता है जैसे कि डायबिटीज, सूजन, उम्र बढ़ने, कैंसर, तंत्रिका संबंधी रोग और खून की कमी इत्यादि.

    ब्लैकबेरी में फोलिक एसिड की मौजूदगी के कारण यह मानव शरीर में प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट को चयापचय करने में मदद करता है साथ ही तंत्रिका संबंधी रोग को भी दूर करता है.

    सेवन:

    ब्लैकबेरी का उपयोग सलाद के रूप में, पके हुए ब्लैकबेरी को धोकर खा सकते हैं, केक बनाने में भी ब्लैकबेरी का उपयोग कर सकते हैं और ब्लैकबेरी का जूस पी सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम ब्लैकबेरी में 25 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 6% प्रदान करता है.

    8. अनार (Pomegranate)

    फोलिक एसिड वाले फलों के नाम में अनार फल को भी जोड़ सकते हैं.

    फोलेट के प्राप्ति के लिए अनार एक प्राकृतिक स्रोत है जो शरीर में नई लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने, स्वस्थ मस्तिष्क एवं गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है.

    विशेषज्ञों का कहना है कि अनार के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रोल को नियंत्रण करने, प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने, मधुमेह, ह्रदय रोग और कैंसर बीमारियों में सुरक्षा मिलती है.

    सेवन:

    अनार को सलाद में, अनार फल को धोकर खा सकते हैं, जूस बनाकर और फ्रूट रायते में भी इसका उपयोग कर सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम अनार में 38 माइक्रोग्राम फोलेट होता है, जो दैनिक स्तर का 9.5 % प्रदान करता है.

    9. रसबेरी (raspberry)

    रसबेरी में कई खनिज, विटामिंस और फाइटोकेमिकल्स के उच्च स्तर तत्व मौजूद होते हैं.

    वैज्ञानिक अध्ययनों से यह ज्ञात हुआ है कि रसभरी में एंटीऑक्सीडेंट तत्व कैंसर, उम्र बढ़ने, सूजन, मधुमेह, संक्रामक से बचाव करने में अहम भूमिका निभाते हैं.

    रसबेरी में फोलिक एसिड तत्व होने के अलावा विटामिन ए, सी, पोटेशियम, कैल्शियम, कॉपर, मैग्नीशियम, डाइटरी फाइबर और कार्बोहाइड्रेट्स का भी उच्च स्रोत होता है.

    गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए रसभरी का सेवन बेहद लाभदायक होता है क्योंकि इसमें वह सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो गर्भावस्था के दौरान जरूरी माने जाते हैं.

    सेवन:

    रसबेरी का उपयोग आप जूस के रूप में, फ्रूट सलाद, सीधे रसभरी फल का सेवन कर सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम रसबेरी में 21 माइक्रोग्राम फोलेट होता है.

    10. स्ट्रॉबेरी (Strawberry)

    फोलिक एसिड फलों में स्ट्रॉबेरी फल को भी शामिल किया जा सकता है. स्ट्रॉबेरी में अधिक मात्रा में फेनोलिक फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो कैंसर, उम्र बढ़ने, सूजन और तंत्रिका संबंधी रोगों के खिलाफ लाभप्रद होते हैं.

    स्टोबेरी में पर्याप्त मात्रा में फोलेट होता है जो तंत्रिका तंत्र संबंधी और बच्चों के विकास के लिए भी फायदेमंद होता है.

    स्ट्रॉबेरी विटामिन सी का भी उत्कृष्ट स्रोत है जो एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर से हानिकारक मुक्त कणों को खत्म करने में मदद करता है.

    सेवन:

    स्ट्रॉबेरी का सेवन आप सलाद के रूप में, सीधे धोकर खा सकते हैं, स्टोबेरी का जूस बनाकर पी सकते हैं, स्ट्रॉबेरी का जैम बनाकर उपयोग कर सकते हैं.

    मात्रा:

    प्रति 100 ग्राम स्टोबेरी में 24 माइक्रोग्राम फोलेट होता है जो दैनिक स्तर का 6 प्रतिशत प्रदान करता है.

    फोलिक एसिड फलों की सूची एवं इनकी मात्रा – (list of folic acid fruits Per 100 g in hindi)

    फल (Fruits) मात्रा (Quantity)
    एवोकाडो (Avocado) 81 μg
    अमरूद (Guava) 49 μg
    संतरा (Orange) 39 μg
    अनार (Pomegranate) 38 μg
    पपीता (Papaya) 37 μg
    कीवी फल (Kiwi fruit) 25 μg
    ब्लैकबेरी (Blackberry) 25 μg
    स्ट्रॉबेरी (Strawberry) 24 μg
    रसबेरी (raspberry) 21 μg
    केला (banana) 20 μg
    लीची (Lychee) 14 μg
    ग्रेपफ्रूट (grapefruit) 13 μg
    स्टार फ्रूट (Star fruit) 12 μg
    नीबू (Lemon) 8 μg
    नाशपाती (Pear) 7 μg

    निष्कर्ष | Conclusion

    शरीर को स्वस्थ रखने में हर एक पोषक तत्व जरूरी होता है, क्योंकि शरीर के हर एक अंग के लिए अलग-अलग विटामिंस और खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है.

    इस लेख में जाना कि फोलिक एसिड क्या है, फोलिक एसिड (फोलेट) युक्त फल एवं उनकी मात्रा के बारे में. स्वस्थ और संतुलित पोषक तत्वों के लिए फलों को आहार में अवश्य शामिल करना चाहिए.

    फलों के नियमित सेवन से सेहतमंद रहने के साथ-साथ बीमारियों के जोखिम से भी बचा जा सकता है.

    पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

    Q. फोलिक एसिड क्या है?

    A. फॉलिक एसिड एक तरह का पोषक तत्व है जिसे फोलेट या विटामिन बी9 के नाम से भी जाना जाता है. यह गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रखने, भ्रूण के विकास, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, बच्चों के विकास एवं तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से रखने में अहम भूमिका निभाता है.

    Q. फोलिक एसिड और फोलेट में क्या अंतर है?

    A. फोलिक एसिड एक अप्राकृतिक फोलेट है जिसका उपयोग सप्लीमेंट्स के रूप में किया जाता है और फोलेट एक प्राकृतिक पोषक तत्व है जो प्राकृतिक खाद पदार्थ जैसे कि फल और सब्जियों से प्राप्त किया जा सकता है.

    Q. फोलिक एसिड के अन्य नाम क्या है?

    A. फोलिक एसिड को फोलेट और विटामिन B9 के नाम से भी जाना जाता है.

    Q. फोलिक एसिड युक्त फल कौन-कौन से हैं?

    A. फोलेट पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए आप आहार में स्ट्रॉबेरी, अनार, रसबेरी, अमरुद, ब्लैकबेरी, कीवी, संतरा, पपीता, केला और एवोकाडो फल का सेवन कर सकते हैं.

    और भी जाने (know more)..

    January 3, 2022

    पौष्टिक आहार कौन-कौन से हैं - what are nutritious foods in hindi
    पौष्टिक आहार कौन-कौन से हैं - what are nutritious foods in hindi

    स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ आहार बेहद आवश्यक है, हालांकि भोजन जीवन जीने का एक बुनियादी आधार है लेकिन एक निरोगी जीवन जीने और लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक आहार का अपना ही महत्व है.

    December 26, 2021

    कैल्शियम की कमी होने पर क्या खाएं? - deficiency of calcium in hindi
    कैल्शियम की कमी होने पर क्या खाएं? - deficiency of calcium in hindi

    कैल्शियम रिच फूड्स: शरीर को स्वस्थ रखने में पोषक तत्वों की अहम भूमिका होती हैं, जब शरीर में किसी भी पोषक तत्व की कमी होने लगती है तो उससे संबंधित बीमारी के लक्षण महसूस होने लगते हैं.

    December 24, 2021

    किडनी खराब होने पर क्या खाएं - what to eat for kidney failure in hindi
    किडनी खराब होने पर क्या खाएं - what to eat for kidney failure in hindi


    बिगड़ती जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से मानव शरीर में कई तरह की बीमारियां मिल रही है, जिनमें से एक है किडनी फेल होना.

    December 20, 2021

    स्टेमिना बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज | exercises to increase stamina in hindi
    स्टेमिना बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज | exercises to increase stamina in hindi

    किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक करने के लिए शरीर की स्टैमिना का मजबूत होना बेहद आवश्यक है. शरीर की स्टैमिना मजबूत होने से ना केवल सहनशक्ति बढ़ती है बल्कि मानसिक शक्ति में वृद्धि भी होती है.