अमरूद खाने के फायदे और नुकसान | Benefits and harms of eating guava in hindi

अमरूद खाने के फायदे और नुकसान | Benefits and harms of eating guava in hindi
अमरुद जरूर खाएं क्यों? इसके 12 आश्चर्यजनक फायदे, गुण, उपयोग और नुकसान

अमरुद की  ORAC वैल्यू  2550 per 100 gm  होती है. ORAC (oxygen radical absorbance capacity) का मतलब ऑक्सीजन रेडिकल अवशोषण क्षमता है. यह किसी भी खाद्य पदार्थ की कुल एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को मापने का पैमाना है. अमरुद की ORAC वैल्यू अधिक होने से इसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा पाई जाती है.

आज इस लेख के जरिए अमरूद के बारे में विस्तृत रूप से जानेंगे जैसे कि अमरूद खाने के फायदे और नुकसान, अमरूद के पोषक तत्वों की मात्रा, अमरूद के पत्ते के फायदे, अमरूद की तासीर, अमरूद के घरेलू उपयोग और अमरूद खाने का सही समय आदि.

जिस प्रकार भोजन सेहत के लिए जरूरी है उसी प्रकार फलों का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है. क्योंकि फलों के सेवन से वह सारे पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है जो भोजन से प्राप्त नहीं होते हैं.

अमरूद खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही अमरूद खाने से लाभ होते हैं क्योंकि इसके अंदर कई तरह के विटामिंस पाए जाते हैं जैसे कि.

रस्सी कूदने के फायदे और नुकसान | Benefits of jumping rope in hindi

रस्सी कूदने के फायदे और नुकसान | Benefits of jumping rope in hindi
रस्सी कूदने का सही समय, तरीका, 12 फायदे और नुकसान | Benefits of jumping rope
रस्सी कूदना दूसरी एक्सरसाइज की तुलना में अधिक कैलोरी जलाता है.

रस्सी कूदना कार्डियो एक्सरसाइज की एक बेहतरीन एक्सरसाइज है. विश्व स्तर के बड़े-बड़े एथलीट और जिम ट्रेनर भी बॉडी को फिट रखने के लिए रस्सी कूदने (स्किपिंग रोप) की सलाह देते हैं.

व्यायाम (एक्सरसाइज) करने के फायदे और नियम | The benefits of exercise in hindi

व्यायाम (एक्सरसाइज) करने के फायदे और नियम | The benefits of exercise in hindi
व्यायाम (एक्सरसाइज) करने के फायदे और नियम | The benefits of exercise in hindi

जिस तरह जीवन जीने के लिए आहार जरूरी है उसी तरह स्वस्थ और फिट रहने के लिए व्यायाम करना (एक्सरसाइज करने के फायदे) बेहद जरूरी है. लेकिन अत्यधिक व्यस्तता और आलसीपन की वजह से व्यायाम लोगों की जिंदगी से गायब होता जा रहा है.

आजकल की जिंदगी इतनी आधुनिकरण हो गई है कि हर कोई मेहनत करने से बचता है जिस कारण शरीर शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से ही कमजोर होने लगता है तथा कई तरह की गंभीर बीमारियों का जोखिम भी बढ़ने लगता है.

व्यायाम ही एक ऐसा रास्ता है जो आपको एक स्वस्थ जीवन जीने में मदद करता है.

इसलिए स्वस्थ, निरोगी जीवन और हमेशा एक्टिव रहने के लिए व्यायाम को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना ले. आइए जानते हैं व्यायाम क्यों आवश्यक है और व्यायाम के लाभ.


    व्यायाम क्यों आवश्यक है | why exercise is necessary in hindi?

    शरीर को स्वस्थ और रोग मुक्त रखने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करना बेहद आवश्यक है. व्यायाम करने से एक नहीं अनेक लाभ होते हैं जैसे कि मांसपेशियां मजबूत होती हैं, शारीरिक गतिविधियां बढ़ती है, तन-मन चुस्त-दुरुस्त रहता है, भावनात्मक विकृतियाँ दूर होती है, शरीर सदा तरोताजा, ऊर्जावान और खुशनुमा बना रहता है.

    इसलिए सप्ताह में कम से कम चार-पांच दिन या उससे अधिक नियमित रूप से एक्सरसाइज जरूर करें. एक सर्वेक्षण के अनुसार सप्ताह में कम से कम 35-40 मिनट की एक्सरसाइज करने से मौत का खतरा उन लोगों की तुलना में 30-35 प्रतिशत कम हो जाता है जो लोग व्यायाम नहीं करते है या सुस्त जीवन जीते हैं.

    एक्सरसाइज करने के फायदे | benefits of exercising in hindi

    कई लोग यह जानने की कोशिश करते हैं कि व्यायाम का क्या महत्व है और व्यायाम क्यों करना चाहिए? इसलिए आज इस लेख में विस्तृत रूप से व्यायाम के लाभ के बारे में जानेंगे.

    1. वजन कम करने में एक्सरसाइज के फायदे (losing weight)

    गलत खान-पान और जीवनशैली की वजह से शरीर का मोटापा बढ़ता जाता है जिस वजह से गंभीर बीमारियों का भी जोखिम बढ़ने लगता है. मोटापा स्वास्थ्य व सौंदर्य का दोनों का शत्रु होता है.

    जिस तरह मोटापा कम करने के लिए एक निश्चित डाइट फॉलो करनी पड़ती है उसी तरह मोटापा कम करने के लिए एक्सरसाइज करना भी बहुत जरूरी है.

    एक्सरसाइज करने से अधिक मात्रा में कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ता है जिस कारण शरीर पर चढ़ी हुई चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है.

    मोटापा कम करने के लिए आप कई तरह की एक्सरसाइज कर सकते हैं जैसे कि स्विमिंग, रनिंग, पैदल चलना, साइकिलिंग, प्लैंक एक्सरसाइज और बेसिक क्रंच इत्यादि.

    2. मांसपेशियों व हड्डियों की मजबूती के लिए (Strength of muscles and bones)

    व्यायाम करने से शरीर की मांसपेशियों में मजबूती आती है, शरीर की अकड़न दूर होती है और हड्डियां भी मजबूत होती हैं जिससे जोड़ों के दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है.

    हड्डियों की मजबूती के लिए स्वस्थ आहार जरूरी है जैसे की कैल्शियम से भरपूर भोजन, विटामिन डी, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ नियमित व्यायाम भी जरूरी है.

    इसके लिए आप पैदल चलना, जोगिंग करना, साइकिलिंग, सीढ़ियां चढ़ना और रस्सी कूदना जैसे सरल व्यायाम के लाभ पा सकते है.

    3. वजन बढ़ाने में एक्सरसाइज के फायदे (Benefits of exercise in gaining weight)

    बहुत से लोग दुबलेपन या वजन कम होने से परेशान रहते हैं. वह हर तरह की डाइट को फॉलो करते हैं लेकिन डाइट के साथ-साथ नियमित रूप से कुछ ऐसी एक्सरसाइज करनी चहिये जो शरीर का वजन बढ़ाने मे सहायक हो और जिनसे मांसपेशियों में मजबूती आए.

    पुश-अप्स, बेंच-प्रेस, पुल-अप्स, लंजेस, बेंच-डिप्स और ओवरहेड-प्रेस आदि जैसी एक्सरसाइज वजन बढ़ाने में सहायक है.

    4. तनाव दूर करने में (to relieve stress)

    आजकल की भागदौड़ की जिंदगी इतनी उलझन भरी और अव्यवस्थित हो गई है की हर कोई ना चाह कर भी तनाव का शिकार हो रहा है. तनावग्रस्त मनुष्य कभी भी स्वस्थ और खुश नहीं रह सकता है और तनाव के कारण धीरे-धीरे कई गंभीर बीमारियां का जोखिम भी बढ़ने लगता है.

    इसलिए जहां तक हो सके तनाव को अपने आप से दूर रखें और दैनिक जीवन में व्यायाम को अपनाएं. नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से स्ट्रेस लेवल कम होता है और शरीर में एंडोर्फिन नामक तत्व का विकास होता है जो मूड को बेहतर बनाता है जिससे आप अपने आपको खुश महसूस करते हैं. नियमित व्यायाम करने से मानसिक और शारीरिक तौर पर भी मजबूती मिलती है.

    5. ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में (Increase energy levels)

    प्रतिदिन नियमित रूप से व्यायाम करने से ऊर्जा का स्तर बढ़ता है जिससे थकान और कमजोरी महसूस नहीं होती है.

    व्यायाम करने से फिजिकल एक्टिविटी बढ़ती है जिससे मांसपेशियों में मजबूती आती है, शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का सही रूप से उपयोग होता है जिससे आप दिन भर अपने आपको एनर्जेटिक महसूस करते हैं.

    व्यायाम (एक्सरसाइज) करने के फायदे और नियम | The benefits of exercise in hindi
    व्यायाम (एक्सरसाइज) करने के 10 अचूक फायदे.

    6. बढ़ाये रोग प्रतिरोधक क्षमता (increase immunity)

    किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी या बाहरी संक्रमण से बचने के लिए शरीर की इम्युनिटी पावर का मजबूत होना बहुत जरूरी है. रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी भी बीमारी से लड़ने में या मौसम परिवर्तन के होने से छोटी-छोटी बीमारियों से बचने के लिए रक्षा कवच की तरह काम करती है.

    प्रतिदिन नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर की इम्युनिटी पावर का लेवल बढ़ता है और साथ ही ऊर्जा का स्तर भी बढ़ता है.

    7. रहे हमेशा खुश (be happy always)

    जिंदगी में खुश रहना सबसे बड़ी बात है यदि आप खुश रहते हैं तो हर काम में मन लगता है और आप हमेशा स्वस्थ भी रहते हैं.

    प्रतिदिन नियमित रूप से 20-30 मिनट व्यायाम करने से स्ट्रेस लेवल को कम करने में मदद मिलती है जिस कारण आप स्वस्थ तथा खुश रहते हैं. व्यायाम करने से शरीर के अंदर एंड्रोफिन नामक तत्व का उत्पादन होता है जो मूड को बेहतर बनाने में सहायक है.

    8. बीमारियों का जोखिम करे कम (reduce the risk of diseases)

    एक्सरसाइज करने का सबसे अच्छा फायदा है यह है कि आप कई गंभीर बीमारियों के जोखिम से बचे रहते हैं. नियमित रूप से व्यायाम करने से शरीर मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होता है.

    शरीर का संतुलन बना रहता है, हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं, ओस्टियोपोरोसिस, डायबिटीज की बीमारी का खतरा कम रहता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित में रहता है, हृदय तथा फेफड़े स्वस्थ रहते हैं.

    व्यायाम करने से शरीर के ऊपर अनावश्यक चर्बी नहीं बढ़ती है जिस कारण मोटापे से संबंधित बीमारियों का खतरा कम रहता है.

    9. त्वचा के लिए व्यायाम के फायदे (Benefits of exercise for the skin)

    सुंदर और आकर्षक दिखने के लिए स्वस्थ आहार और विटामिन के साथ नियमित रूप से व्यायाम करना और भी फायदेमंद होता है जैसे कि सोने पर सुहागा.

    नियमित रूप से व्यायाम करने से हृदय की गति बढ़ जाती है जिससे शरीर के हर एक भाग में रक्त का संचार दुरुस्त रूप से होता है, त्वचा को ऑक्सिजनेटेड खून की आपूर्ति होती है और शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर भी नियंत्रण रहता है जिस कारण त्वचा पर निखार आता है और कील-मुहांसों, झुर्रियों से छुटकारा मिलता है.

    10. अच्छी नींद के लिए (to sleep well)

    जिन लोगों को नींद की बीमारी या अनिद्रा की समस्या होती है उन लोगों के लिए व्यायाम करना बहुत फायदेमंद है. कई शोधों के अनुसार यह पाया गया कि हफ्ते में 5-6 दिन 40 से 50 मिनट व्यायाम करने से नींद की गुणवत्ता में 60 से 65% सुधार होता है.

    व्यायाम करने से स्ट्रेस लेवल कम होता है जिससे दिल और दिमाग दोनों स्वस्थ और आजाद रहते हैं जिस कारण आप एक अच्छी नींद का एहसास कर सकते हैं.

    11. लंबे जीवन के लिए (for long life)

    गलत खानपान, जीवन शैली और पर्यावरण के वजह से लोगों के जीवन की अवधि बहुत कम होती जा रही है. यदि आप एक स्वस्थ और दीर्घायु जीना चाहते हैं तो व्यायाम (व्यायाम के फायदे) को अपने जीवन का एक हिस्सा बना लें.

    प्रतिदिन कम से कम 30 से 35 मिनट व्यायाम जरूर करें क्योंकि इसके एक नहीं अनेक फायदे (एक्सरसाइज के फायदे) होते हैं. व्यायाम करने से आप कई गंभीर बीमारियों से बचे रहेंगे और शरीर हमेशा स्वस्थ तथा फिट रहेगा. जब आपका शरीर रोगमुक्त और स्वस्थ रहेगा तो आप एक दीर्घायु का जीवन जी सकते हैं.

    एक्सरसाइज करने के नियम | rules of exercise in hindi

    एक्सरसाइज करने के पहले कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है जिससे एक्सरसाइज के दौरान शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान ना पहुंचे. आइए जानते हैं एक्सरसाइज करते समय सावधानियां या व्यायाम करने का तरीका. 

    1. वार्म अप (Warm-up)

    हमेशा एक्सरसाइज करने के पहले हल्का-फुल्का वार्म अप जरूर करना चाहिए. वार्म अप करने से मांसपेशियां लचीली हो जाती हैं जिससे चोट लगने का डर कम होता है. वार्म अप करने के लिए आप जोगिंग, जंपिंग, इधर-उधर हाथ पैर हिलाना इस तरह की हल्की फुल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं.

    2. स्ट्रैचिंग जरूर करें (do stretching)

    एक्सरसाइज करने के पहले और बाद में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए क्योंकि एक्सरसाइज करने के दौरान मांसपेशियों और शरीर में किसी भी प्रकार की चोट लगने का खतरा कम होता है.

    स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज में आप आर्म स्ट्रेच, बटरफ्लाई स्ट्रेच, चेस्ट स्ट्रेच, ओवरहेड स्ट्रेच और साइड स्ट्रेच आदि एक्सरसाइज कर सकते हैं.

    3.एक्सरसाइज की अधिकता से बचें (Avoid excessive exercise)

    एक्सरसाइज के शुरुआती समय में अधिक वर्कआउट नहीं करना चाहिए. जब हम जिम में जाकर एक्सरसाइज शुरू करते हैं तो जोश में आकर इतना अधिक वर्कआउट कर लेते हैं कि बाद में वर्कआउट करने के लायक नहीं रहते है.

    इसलिए जिम ट्रेनर की बात माने और हमेशा उन्हीं के अनुसार धीरे-धीरे वर्कआउट शुरू करें.

    4. शरीर की अवस्था रखें सही (keep body position right)

    एक्सरसाइज करने के दौरान शरीर की सही अवस्था और संतुलन का होना बहुत आवश्यक है. यदि किसी भी एक्सरसाइज को गलत तरीके से करते हैं तो इसका गलत असर शरीर पर पड़ता है और चोट लगने का खतरा भी रहता है. इसलिए सदैव ट्रेनर की देखरेख में ही किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज को करें.

    5. रखें डाइट का ध्यान (Keep Diet care)

    एक्सरसाइज करने से शरीर की ताकत तभी बढ़ेगी जब आप एक सही आहार, प्रोटीन तथा पोषक तत्व पदार्थों का सेवन करेंगे. एक्सरसाइज करने से शरीर हर तरह के पोषक तत्व वाले खाद पदार्थों का अवशोषण करने की क्षमता बढ़ जाती है.

    इसलिए अपने आहार में हाई प्रोटीन युक्त भोजन जरूर शामिल करें. खाना खाने के बाद तुरंत वर्कआउट नहीं करना चाहिए और वर्कआउट करने के बाद भी तुरंत कुछ नहीं खाना चाहिए.

    6. नियमित व्यायाम करें (exercise regularly)

    जब आप व्यायाम करना शुरू करते हैं तो प्रतिदिन नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए. यदि आप 4 दिन व्यायाम करते हैं और फिर 3 दिन व्यायाम नहीं करते हैं तो शरीर को व्यायाम का पूर्ण रूप से फायदा नहीं मिलेगा.

    7. क्षमता अनुसार व्यायाम करें (exercise to capacity)

    जब आप एक्सरसाइज करना शुरु करते हैं तो हमेशा इस बात को ध्यान रखें कि शरीर की क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करें, व्यायाम करने की अधिकता भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है. शुरुआती समय में धीरे-धीरे व्यायाम करें और फिर व्यायाम करने का समय और गति को ट्रेनर के अनुसार बढ़ाते जाएं.

    आखिरी शब्द | last word

    जीवन में खुश तभी रह सकते हैं जब हम पूर्ण रूप से स्वस्थ, तनाव मुक्त, फिट हो और फिट रहने के लिए व्यायाम करना बहुत जरूरी है. एक्सरसाइज करने के एक नहीं अनेक लाभ होते हैं अतः व्यायाम को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं और घर पर ही या जिम जाकर व्यायाम जरूर करें.

    इस लेख के द्वारा एक्सरसाइज करने के फायदे और एक्सरसाइज करने के नियम के बारे में जाना. किसी ने सच कहा है कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है जब आप स्वस्थ होंगे तभी जिंदगी का पूर्ण रूप से आनंद ले पाएंगे इसलिए व्यायाम को जरूर अपनाएं.

    पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQs

    Q. एक्सरसाइज करने से क्या फायदे होते हैं?

    A. नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं. गंभीर बीमारियों का जोखिम कम होता है, तनाव मुक्त रहकर हमेशा खुश रहते हैं, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है. वजन कम करने में भी एक्सरसाइज के अचूक फायदे होते हैं.

    Q. एक्सरसाइज करने के क्या नियम है?

    A. एक्सरसाइज करने से पहले कुछ सावधानियां बरतनी पड़ती हैं जैसे कि वार्म अप, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, सही अवस्था में व्यायाम करना, ट्रेनर के अनुसार और नियमित रूप से व्यायाम करना. शुरुआती समय में धीरे-धीरे एक्सरसाइज करें बाद में समय और गति को बढ़ाते जाएं. एक्सरसाइज हमेशा क्षमता अनुसार ही करें.

    Q. व्यायाम कब करना चाहिए?

    A. सुबह या शाम के समय आप व्यायाम कर सकते हैं, रात के समय व्यायाम नहीं करना चाहिए. खाना खाने के 2 या 3 घंटे बाद व्यायाम करें और व्यायाम करने के तुरंत बाद कुछ नहीं खाए.

    Q. एक्सरसाइज करने के बाद कब खाना या पीना चाहिए?

    A. एक्सरसाइज करने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है ऐसे में तुरंत कुछ खाना या पीना शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. कम से कम 25 से 30 मिनट बाद ही कुछ खाएं या पिये.

    Q. एक्सरसाइज करने के पहले वार्म अप करना क्या जरूरी है?

    A. जी हां एक्सरसाइज करने से पहले यदि आप वॉर्मअप करते हैं तो इससे शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं जिससे व्यायाम करने में आसानी होती है और चोट लगने का भी डर कम होता है.

    और भी पढ़ें...

    शहद खाने के फायदे और नुकसान | Benefits of honey in hindi

    शहद खाने के फायदे और नुकसान | Benefits of honey in hindi
     
    शहद (Honey) खाने के फायदे | Benefits of honey in hindi

    शहद की ORAC वैल्यू  3.1 से 16.3 माइक्रोमोल ट्रोलक्स एक्विवैलेन्ट/ग्राम (micromol trolox equivalent/gram) होती है. ORAC का मतलब किसी भी खाद्य पदार्थ की एंटी-ऑक्सीडेंट क्षमता को मापना है.

    शहद खाने में जितना स्वादिष्ट और मीठा होता है उससे कहीं ज्यादा शहद के लाभ होते हैं. आज अपने इस लेख में जानेंगे कि शहद खाने के फायदे और नुकसान, शहद की तासीर और पोषक तत्वों के बारे में.

    प्राचीन काल के समय से ही शहद का उपयोग सेहत को स्वस्थ रखने के लिए किया जा रहा है. इसीलिए आज के समय में भी हर आयुर्वेदिक दवाइयों में जहां तक की एलोपैथिक दवाइयों में भी शहद का उपयोग किया जा रहा है.

    यदि स्वस्थ और फिट रहना चाहते हैं तो शहद का सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि शहद के अंदर वह सारे जरूरी पोषक तत्व (Nutrients) पाए जाते हैं जो शरीर को अंदरूनी शक्ति प्रदान करते हैं और बाहरी संक्रमणो से शरीर की रक्षा करते हैं.

    शहद के अंदर कई विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं जैसे कि सोडियम, पोटेशियम, विटामिन A, कैल्शियम, विटामिन D, विटामिन C, आयरन, विटामिन B-6, कैलोरी (Energy) आदि. 

    यदि हम शहद का सेवन करते हैं तो कई छोटी-छोटी बीमारियों से भी बच सकते है जैसे कि तनाव कम करने में, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हड्डियों के रोग, प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए, हृदय रोग, कैंसर, त्वचा से संबंधित रोग आदि.

    आइए आगे जानते हैं शहद से संबंधित जानकारियों के बारे में.



      शहद से संबंधित कुछ रोचक तथ्य | Some interesting facts related to honey in hindi 

      • शहद या मधु एक मीठा चिपचिपाहट वाला अर्ध तरल पदार्थ या द्रव्य होता है.
      • शहद की तासीर गर्म होती है.
      • शहद मधुमक्खियों के छत्ते के मकरंदकोशो से प्राप्त मधुरस से तैयार किया जाता है.
      • शहद का उपयोग हम किसी भी रूप में कर सकते हैं वह हमारे लिए फायदेमंद ही होता है.
      • जो असली शहद होता है वह पानी में घुलता नहीं है.
      • शहद के अंदर एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं.
      • शहद का सबसे अधिक मात्रा में उत्पादन करने वाले देश चीन, तुर्की, संयुक्त राज्य, रूस और भारत का नाम भी इसमें शामिल है.
      • प्राचीन काल से ही शहद उपयोग में लाया जा रहा है जिसके संदर्भ हमें हिंदू धर्म के ऋग्वेद ग्रंथ में भी मिलते हैं.
      • कई अलग-अलग धर्मों में भी शहद के प्रमाण मिलते हैं जो अपनी गुणवत्ता और अपने असाधारण गुणों से कई बीमारियों से बचने के लिए और हष्ट पुष्ट रहने के लिए अपनी भूमिका निभाता है.
      • जिस शहद के अंदर प्रोटीन की मात्रा अधिक होगी वह शहद अधिक गाढ़ा होता है.
      • जो शहद गहरा होता है उसमें ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.
      • शहद खराब नहीं होता और उसे ठीक से बंद करके रखने पर लंबे समय तक रखा जा सकता है.

      शहद के औषधीय गुणों के फायदे | Benefits of honey in hindi

      आइए जानते हैं की यदि आप अपने दैनिक जीवन में शहद का उपयोग करते हैं तो सेहत को क्या-क्या लाभ होते हैं, और किन-किन बीमारियों से अपने स्वास्थ्य की देखभाल कर सकते हैं.

      1. वजन या मोटापा कम करने में शहद के फायदे | Reducing weight or obesity

      यदि आप अपने मोटापे या निरंतर वजन बढ़ने से परेशान हैं तो आप अपने दैनिक जीवन में शहद का उपयोग कर सकते हैं.

      क्योंकि कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि शहद के अंदर ऐसे खनिज तत्व और विटामिंस पाए जाते हैं जो शरीर से अतिरिक्त चर्बी को धीरे-धीरे खत्म करते हैं.

      वजन को नियंत्रण रखने में मदद करते हैं और साथ ही शरीर का कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम करते है. आगे चर्चा करेंगे कि हमें शहद का उपयोग वजन घटाने के लिए कैसे करना है?

      2. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में शहद के फायदे | Increasing body Immunity 

      यदि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो मौसम परिवर्तन से होने वाली छोटी-छोटी बीमारियों से हमेशा बचे रहेंगे जैसे कि सर्दी, खांसी जुखाम आदि. 

      यदि आप प्रतिदिन शहद का सेवन करते हैं तो शरीर को अंदरूनी शक्ति प्राप्त होती है, क्योंकि शहर के अंदर अच्छी मात्रा में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण तीव्र गति से करते हैं.

      3. शरीर को बनाए ऊर्जावान | keeping the body energetic

      हम अपनी दिनचर्या में कई ऐसे शारीरिक और मानसिक काम करते हैं जिससे हमें धीरे-धीरे थकान महसूस होने लगती है और शरीर की सारी ऊर्जा खत्म हो जाती है.

      ऐसे में शहद का सेवन करना बहुत ही उपयोगी होता है, यदि सुबह के समय शहद का सेवन करते हैं तो इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स और विटामिंस शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखते हैं.

      हर 100 ग्राम शहद के अंदर 304 कैलोरी मात्रा होती है.

      4. तनाव कम करने में शहद के फायदे | Benefits of honey in reducing stress

      तनाव या चिंता का होना एक आम बात है जो कि ज्यादा सोचने से या दिनभर की दिनचर्या को खत्म करने से उत्पन्न होने लगता है. जब आप तनाव को महसूस करते हैं तो ना ही आप स्वस्थ रह सकते हैं और ना ही खुश.

      कई रिपोर्टों के अनुसार यह ज्ञात हुआ है कि कच्चे शहद के अंदर बहुत से ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो चिंता और स्ट्रेस लेवल को कम करने के फायदेमंद होते हैं.

      शहद बच्चों के लिए भी फायदेमंद होता है क्योंकि इसके सेवन से बच्चों को अच्छी नींद आती है.

      5. खराब कोलेस्ट्रॉल को करें नियंत्रण | Control bad cholesterol

      जब शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है तो यह हृदय की धमनियों को धीरे-धीरे ब्लॉक करने लगता है, हृदय सही रूप से ब्लड की पंपिंग नहीं कर पाता है जिस कारण ह्रदय संबंधित बीमारियां होने लगती है.

      कोलेस्ट्रोल एक प्रकार का वसा है जो लीवर द्वारा उत्पन्न होता है. कोलेस्ट्रोल दो प्रकार का होता है लो डेंसिटी लिपॉप्रोटीन (Low density lipoprotein) जिसे खराब कोलस्ट्रोल से जानते हैं और हाई डेंसिटी लिपॉप्रोटीन (High density lipoprotein) जिसे अच्छे कोलेस्ट्रॉल के नाम से जानते हैं.

      शहद का नियमित सेवन करने से शरीर के अंदर खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल नियंत्रण रहता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल का निर्माण होता है.

      6. हड्डियों की मजबूती के लिए | Strengthening of bones

      उम्र के साथ-साथ हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं, तथा शरीर गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का शिकार होने लगता है.

      हड्डियों की मजबूती के लिए भी शहद का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि शहद के अंदर कई तरह के विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन डी और anti-inflammatory गुण पाए जाते हैं जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं.

      शहद (Honey) खाने के फायदे | Benefits of honey in hindi
      शहद खाने के 12 अनमोल फायदे | Benefits of eating honey

      7. बालों की देखभाल के लिए शहद के फायदे | Hair strength and care

      बालों और त्वचा की देखभाल के लिए शहद का उपयोग प्राचीन समय से ही किया जा रहा है. बाजार में भी कई ऐसे आयुर्वेदिक प्रोडक्ट मौजूद हैं जिनमें शहद का उपयोग किया जाता है.

      शहद (शहद के फायदे) बालों की कई समस्याओं को खत्म करते हैं जैसे कि रूसी, बालों का टूटना, रूखापन, बालों का झड़ना आदि.

      शहद बालों के लिए इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसके अंदर एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो बालों की देखभाल और उनकी ग्रोथ के लिए आवश्यक होते हैं.

      8. उच्च रक्तचाप में शहद के फायदे | Benefits of honey in high blood pressure

      गलत खानपान और गलत लाइफस्टाइल जीने से शरीर में कई गंभीर बीमारियां धीरे-धीरे पनपने लगती हैं. इनमें से एक है उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन बीमारी.

      यदि हम शहद का सेवन करते हैं तो यह शरीर में रक्त के स्तर को नियंत्रण करता है और शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है. जिससे काफी हद तक उच्च रक्तचाप (high blood pressure) की बीमारी से बचा जा सकता है.

      9. त्वचा के लिए शहद के फायदे | Benefits of honey for the skin

      निखरती और सुंदर त्वचा के लिए शहद का उपयोग प्राचीन समय से ही करते आ रहे हैं. आज भी बाजार में उपलब्ध कई ऐसे प्रोडक्ट आते हैं जिनमें शहद का उपयोग त्वचा को निखारने के लिए किया जाता है.

      शहद के उपयोग से चेहरे की कई समस्याएं खत्म होती हैं जैसे कि मुहांसों का कम होना, चेहरे की झुर्रियों को कम करने में मददगार, होठों को नरम और लाल बनाने में फायदेमंद और त्वचा को साफ और प्राकृतिक निखार देने में भी मदद करता है.

      शहद त्वचा के लिए इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसके अंदर एक अच्छी मात्रा में विटामिन C, एंटी-ऑक्सीडेंट गुण, एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो चेहरे की हर तरह से देखभाल करते हैं.

      जब त्वचा को निखारने के लिए घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं तो इसमें शहद एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

      10. शहद के फायदे कैंसर के लिए | Benefits of honey for cancer

      कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में भी शहद बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि शहद के अंदर anti-cancer गुण पाए जाते हैं जो कैंसर सेल्स को विकसित होने से रोकता है और शरीर स्वस्थ रहता है.

      11. एसिडिटी या गैस की समस्या के लिए | For acidity

      गलत खानपान की वजह से धीरे-धीरे गैस या एसिडिटी की समस्या होने लगती है यह समस्या कभी-कभी एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है. 

      नियमित रूप से शहद का सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण एसिडिटी की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं.

      शहद के अंदर प्रोबायोटिक या सहायक बैक्टीरिया भी प्रचुर मात्रा में होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं और एलर्जी को भी कम करते हैं.

      12. हृदय रोग में फायदेमंद | Beneficial in heart disease

      हृदय संबंधित बीमारी में भी शहद बहुत फायदेमंद होता है. शहद के उपयोग से शरीर की कोशिकाओं में जमा हुआ खराब कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम होता है, हृदय को शक्ति और ऊर्जा मिलती है. जिससे हृदय संबंधित कई बीमारियों से बच सकते हैं.

      शहद (Honey) खाने के फायदे | Benefits of honey in hindi


      शहद के घरेलू उपाय | Home remedies for honey in hindi

      शहद शरीर पर अलग तरह से असर डालता है यह निर्भर करता है कि आप इसका सेवन किस प्रकार कर रहे हैं. आइए जानते हैं शहद के घरेलू उपयोग के बारे में.

      शहद का उपयोग खून बढ़ाने के लिए - अगर शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पिया जाए तो उसका खून में लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) की संख्या में अच्छा असर पड़ता है.

      लाल रक्त कोशिकाएं मुख्य रूप से शरीर के अंदर विभिन्न अंगों तक खून में ऑक्सीजन पहुंचाती हैं. शहद और गुनगुने पानी का मिश्रण रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है जिससे खून की कमी या एनीमिया जैसी बीमारियों से बच सकते हैं.

      शहद चीनी से कम नुकसानदायक - शरीर पर सफेद चीनी के हानिकारक प्रभावों के बारे में बहुत कुछ बताया गया है, शहद इसका एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. 

      शहद के अंदर सिंपल शुगर होती है मगर वह सफेद चीनी से काफी भिन्न होती है. इसके अंदर करीब 30 फ़ीसदी ग्लूकोस और 40 फ़ीसदी फ्रक्टोज होता है.

      योग करने के लिए फायदेमंद - जो लोग नियमित रूप से योग करते हैं उनके लिए शहद का उपयोग बहुत ही फायदेमंद होता है. क्योंकि यह आपके रक्त में संतुलन लाता है, आपके शरीर को अधिक जीवंत बनाता है और अंदर से एक ऊर्जा प्रदान करता है.

      सुबह अभ्यास शुरू करने से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा सा शहद मिलाकर लेने पर शरीर सक्रिय हो जाता है. 

      शहद एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर - शहद का सेवन लाभदायक एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की संख्या को बढ़ाता है. शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बेहतर बनाता है.

      कई अध्ययनों में जख्मों की चिकित्सा में भी शहद के इस्तेमाल पर विचार किया गया है. एक अध्ययन में भाग लेने वाले सभी लोगों के जख्मों से सारा बैक्टीरिया नष्ट हो गया.

      एक और अध्ययन में शहद के इस्तेमाल से 15 मरीजों के जखम और पैर के अल्सर ठीक हो गए. पारंपरिक चिकित्सा में शहद के लाभ में स्वास्थ संबंधी संक्रमण का उपचार भी शामिल है. 

      दिल के लिए फायदेमंद - दिल के लिए फायदेमंद एक अनार का ताजा रस लेकर उसमें एक बड़ा चम्मच शहद मिलाएं रोजाना सुबह खाली पेट ले. इससे आपके दिल की देखभाल भी होती है और कई बीमारियों से भी बचते हैं. 

      सर्दी जुखाम में शहद के फायदे - अगर आप सर्दी जुखाम से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं या आपको हर सुबह बंद नाक से जूझना पड़ता है. तो नीम, काली मिर्च, शहद और हल्दी का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है.

      काली मिर्च के 10 से 12 दानों को दरदरा कूट लें और उन्हें 2 छोटे चम्मच शहद में रात भर भिगो कर रखें सुबह खूब अच्छी तरह चबाते हुए काली मिर्च के दाने खा लें.आप शहद में थोड़ी हल्दी भी मिला सकते हैं.

      खांसी में शहद के फायदे – (1) एक नींबू पानी में उबालें फिर निकालकर कांच के गिलास में निचोड़े. इसमें 30ml ग्लिसरीन और 90ml शहद मिलाकर अच्छी तरह से मिलाए इसकी एक- एक चम्मच 4 बार लेने से खांसी बंद हो जाती .

      (2) 12 ग्राम शहद दिन में तीन बार लेने से कफ निकल जाता है और खांसी ठीक हो जाती है. काली मिर्च और शहद मिलाकर पीने से खांसी और कफ में काफी आराम मिलता है.

      पेट के रोग - कम भूख लगना, कब्ज, अपच, गैस आदि को दूर करने के लिए तीन चम्मच पिसा हुआ आंवला रात को एक गिलास पानी में भिगो दें. 

      सुबह इसे छानकर चार चम्मच शहद मिलाकर पीने से पेट के रोगों में काफी आराम मिलता है.

      थकावट - थकावट को दूर करने के लिए दो चम्मच शहद आधे गिलास गर्म पानी में नींबू का रस निचोड़ कर पी लें. सारी थकावट दूर हो जाएगी और आप पुनः ताजगी को महसूस करेंगे.

      हिचकी - दो चम्मच प्याज के रस में इतना ही शहद मिलाकर खाने से हिचकी बंद हो जाती है केवल शहद लेने से भी हिचकी बंद होने में मदद मिलती है.

      कब्ज के लिए - कब्ज दूर करने के लिए दूध और शहद बहुत फायदेमंद होता है. प्रातः व रात को सोने से पहले 50 ग्राम शहद ताजा पानी या दूध में मिलाकर पिए. शहद का पेट पर संतोषजनक प्रभाव पड़ता है और धीरे-धीरे कब्ज की बीमारी भी खत्म होने लगती है.

      त्वचा के लिए – नींबू, शहद, बेसन और तिल के तेल का उबटन (Scrub) लगाने से त्वचा में प्राकृतिक निखार आकर्षण बढ़ता है. क्योंकि शहद त्वचा को कोमल ,सुंदर और आकर्षक बनाता है.

      शक्ति वर्धक - शहद (खाने के फायदे और नुकसान) ह्रदय को शक्ति देने के लिए विश्व की समस्त औषधियों में सर्वोत्तम है. शहद हृदय को शक्ति प्रदान करता है वही स्वस्थ हृदय को मजबूत और शक्तिशाली बनाता है.

      शहद की एक चम्मच गर्म पानी में डालकर पिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन लेने से हृदय मजबूत बनता है और हृदय को पर्याप्त कैलोरी की प्राप्ति होती है. 

      गर्भावस्था - शहद में प्रोटीन होता है, प्रोटीन का सेवन गर्भावस्था में करने से फायदा होता है. शहद में कुछ हार्मोन होते हैं जो गर्भावस्था महिलाओं के रंग रूप को बनाए रखते हैं. 

      गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खून की कमी आ जाती है इस दौरान शहद का उपयोग महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है. महिलाओं को दो चम्मच शहद प्रतिदिन पीने से रक्त की कमी नहीं होती है.

      सर्दी खांसी बुखार – सर्दी-खांसी होने पर एक चम्मच शहद में चौथाई चम्मच पिसी हुई पीपल मिलाकर रोजाना तीन बार खाएं.

      पीलिया - प्रतिदिन तीन बार एक-एक चम्मच शहद को पानी के गिलास में मिलाकर पीने से पीलिया में लाभ होता है.

      फेफड़ों के रोग - फेफड़ों से संबंधित बीमारियां जैसे निमोनिया, टीवी, दमा और ब्रोंकाइटिस आदि में शहद का सेवन लाभदायक होता है. 

      जल जाने पर - जले हुए अंगों पर शहद का लेप करने से जलन कम होती है, घाव होने पर जब तक ठीक ना हो शहद लगाते रहे. घाव ठीक होने पर जले हुए हुए के सफेद दाग बने रहते हैं.

      इन पर शहद लगाकर पट्टी बांधते रहे धीरे-धीरे यह सफेद दाग मिटने लगेंगे. 

      गले में - यदि आपके गले में सूजन हो तो एक चम्मच शहद दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है और यदि आपके गले की आवाज बैठ गई है तो एक कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद डालकर गरारे करने से आपकी आवाज खुल जाती है.

      शहद के पोषक तत्वों की मात्रा – (Honey Nutrient Value Per 100 g in hindi)

      पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity)
      ऊर्जा (Energy) 304 Kcal
      कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 82.4 g
      प्रोटीन (Protein) 0.3 g
      शुगर (Sugar) 82.12 g
      कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) 0 mg
      फाइबर (Dietary Fiber) 0.2 g
      फोलटेस (Folates) 2 µg
      नियासिन (Niacin) 0.121 mg
      राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.038 mg
      विटामिन (Vitamin C) 0.5 mg
      सोडियम (Sodium) 4 mg
      पोटेशियम (Potassium) 52 mg
      आयरन (Iron) 0.42 mg
      मैग्नीशियम (Megnesium) 2 mg
      मैग्नीज (Manganese) 0.08 mg
      जिंक (Zinc) 0.22 mg
      कैल्शियम (Calcium) 6 mg
      कॉपर (Copper) 0.036 mg

      शहद की तासीर कैसी होती है | Honey taseer in  hindi

      किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पहले उसकी तासीर के बारे में जानना जरूरी होता है, शहद की तासीर गर्म होती है या ठंडी.

      शहद की तासीर गर्म प्रकृति की होती है इसलिए उसका अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है.

      असली शहद की पहचान कैसे करें | How to identify pure honey in hindi?

      1. कांच के गिलास में साफ पानी ले इसमें पतले तार की तरह शहद को गिराए यदि शहद शुद्ध होगा तो यह गिलास की सतह पर बैठ जाएगा जबकि अशुद्ध शहद पानी में घुल जाता है.

      2. थोड़े से शहद को एक रुई में भिगो लें फिर रुई को जलाएं यदि शहद नकली होगा तो यह जलेगा ही नहीं.

      3. असली शहद सर्दी में के मौसम में जम जाता है जबकि गर्मी के मौसम में यह पिघलने लगता है. लेकिन यदि आप जो शहद उपयोग में ला रहे हैं यदि वह हर मौसम में एक जैसा ही रहता है तो आपका यह शहद मिलावटी है. 

      4. शुद्ध शहद पर जब मक्खी बैठती है तो यह शहद में फंसती नहीं है जबकि मिलावटी शहद में मक्खी फसकर रह जाती हैं.

      सुबह गुनगुने पानी के साथ शहद खाने के फायदे.

      शहद एक गुणकारी प्राकृतिक औषधि है जिसके अंदर कई ऐसे विटामिंस पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

      रोजाना फल, सब्जी, रोटी यह सब तो खाते ही हैं लेकिन यदि सुबह के टाइम खाली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच शहद का सेवन करते हैं तो यह सोने पर सुहागा होता है.

      खाली पेट गुनगुने पानी के साथ शहद के सेवन से कई फायदे होते हैं जैसे कि वजन कम करने के लिए, पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए, दिन भर ऊर्जावान रहने के लिए,हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में भी फायदेमंद होता है.

      शहद के नुकसान | Side effects of honey in hindi

      शहद एक प्राकृतिक औषधि है लेकिन किसी भी औषधि का सेवन अधिक मात्रा में करने से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है. तो आइए जानते हैं कि शहद से हमें क्या नुकसान हो सकते हैं?

      1. अधिक मात्रा में शहद का सेवन करने से शरीर में कुछ साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं जैसे की उल्टी, जी घबराना, डायरिया जैसी शिकायत हो सकती है.

      2. शहद का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. 

      3. शहद का अधिक मात्रा में सेवन करने से एलर्जी की भी समस्या हो सकती है.

      4. जो भी डायबिटिक मरीज होते हैं उन्हें शहद का सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए.

      5. 1 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए क्योंकि इसमें बोटुलिज़्म बैक्टीरिया के जीवाणु होते हैं जो बच्चों को बीमार कर सकते हैं.

      पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

      Q. शहद खाने के क्या फायदे होते हैं?

      A. शहद खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है लेकिन शहद एक औषधि की तरह हमारे स्वास्थ्य के लिए काम करता है. शहद खाने से कई लाभ होते हैं.

      जैसे कि मोटापा कम करने में, ब्लड प्रेशर, चेहरे और बालों की देखभाल के लिए, हड्डियों की मजबूती, तनाव कम करने में, खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण करने के लिए, हृदय रोग, कैंसर जैसी बीमारियों में भी बहुत फायदेमंद होता है.

      Q. असली शहद की पहचान कैसे करें?

      A 1. थोड़े से शहद को एक रुई में भिगो लें फिर रुई को जलाएं यदि शहद नकली होगा तो यह जलेगा ही नहीं. 

      2. असली शहद सर्दी में के मौसम में जम जाता है जबकि गर्मी के मौसम में यह पिघलने लगता है. लेकिन यदि  आप जो शहद उपयोग में ला रहे हैं यदि वह हर मौसम में एक जैसा ही रहता है तो आपका यह शहद मिलावटी है.

      3. शुद्ध शहद पर जब मक्खी बैठती है तो यह शहद में फंसती नहीं है जबकि मिलावटी शहद में मक्खी फसकर रह जाती हैं.

      Q. शहद खाने से हम किन बीमारियों से बच सकते हैं?

      A. शहद के उपयोग से हम कई छोटी-छोटी बीमारियों से बच सकते हैं जैसे कि बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी, जुखाम, गले में हिचकिचाहट, फंगल इन्फेक्शन, दिल के रोग,ब्लड प्रेशर आदि.

      Q. शहद के अंदर कौन-कौन से विटामिंस होते हैं?

      A. शहद के अंदर कई विटामिंस पाए जाते हैं जैसे कि ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन C, सोडियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, कैलशियम और कॉपर आदि.

      Q. सुबह गर्म पानी के साथ नींबू और शहद लेने के क्या फायदे होते हैं?

      A.एसिडिटी कम करने में, त्वचा में निखार लाने के लिए, ऊर्जा की प्राप्ति ,वजन घटाने में सहायक, बॉडी डिटॉक्सिफाई करने के लिए, और रक्त का शुद्धिकरण करने के लिए आदि.

      Q.क्या हम रात में शहद का सेवन कर सकते हैं?

      A. हां, रात में सोने से पहले हम शहद का सेवन कर सकते हैं.

      Q. क्या शहद को गर्म पानी के साथ देना सही है?

      A. हां, गर्म पानी के साथ शहद लेने से हमारे शरीर को क्या फायदे होते हैं जैसे कि प्रतिरक्षा प्रणाली का मजबूत होना ,वजन कम होना, बॉडी का डिटॉक्सिफाई होना और ऊर्जा की प्राप्ति आदि.

      अंतिम शब्द | Last word in hindi

      इस पूरे लेख को पढ़कर हमें यह निष्कर्ष मिलता है कि शहद खाने से हमारे शरीर को क्या-क्या फायदे (शहद के लाभ) होते हैं और अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से हमें क्या नुकसान हो सकते हैं?

      हमने जाना कि शहद के अंदर किस प्रकार के विटामिंस या पोषक तत्व (nutrients) पाए जाते हैं और इसकी तासीर किस प्रकार की होती है?

      प्राचीन समय से ही शहद प्राकृतिक जड़ी बूटी के रूप में उपयोग किया जा रहा है इसलिए हमें भी इसका सेवन जरूर करना चाहिए. 

      हम जो प्रतिदिन भोजन ग्रहण करते हैं उनसे हमें हर प्रकार के विटामिन, ऊर्जा और खनिज तत्वों की प्राप्ति नहीं हो पाती है. 

      इसलिए हमें अपने जीवन शैली में कुछ ऐसी प्राकृतिक औषधियों को अपनाना चाहिए जो हमारी प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाएं और हमें स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखें.

      और भी पढ़ें

      वजन बढ़ाने की एक्सरसाइज और डाइट चार्ट | weight gain exercise and diet chart in hindi

      वजन बढ़ाने की एक्सरसाइज और डाइट चार्ट | weight gain exercise and diet chart in hindi
      वजन बढ़ाने की एक्सरसाइज और डाइट चार्ट | weight gain exercise and diet chart in hindi
      वजन बढ़ाने की 7 आसान एक्सरसाइज

      आज के दौर में हर व्यक्ति सुंदर और आकर्षक दिखना चाहता है. इसलिए जो लोग मोटापे से परेशान होते हैं वह पतला होने की कोशिश में रहते हैं और जो लोग दुबलेपन या वजन कम होने से परेशान रहते हैं वह मोटा होने की कोशिश करते है.

      बैली फैट कम करने की 8 आसान एक्सरसाइज और डाइट चार्ट | belly fat reduction exercise and diet chart in hindi

      बैली फैट कम करने की 8 आसान एक्सरसाइज और डाइट चार्ट | belly fat reduction exercise and diet chart in hindi
      बैली फैट कम करने की 8 आसान एक्सरसाइज और डाइट चार्ट

      शरीर का वजन या मोटापे को संतुलित रखना केवल आकर्षक दिखने के लिए ही नहीं बल्कि सेहत को भी संतुलित रखने में मदद मिलती है.

      लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को इतना समय नहीं मिल पाता है कि वह अपनी सेहत का ध्यान रख सके जिस कारण धीरे-धीरे वह मोटापा का शिकार होने लगते हैं, पेट के निचले हिस्से और अगल-बगल में अनावश्यक चर्बी बढ़ने लगती है जिसे बैली फैट (belly fat) कहते हैं. 

      जब शरीर पर बैली फैट या वसा जमा हो जाता है तो इसे कम करने में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. अक्सर लोग यह पूछते हैं की बैली फैट को कैसे कम करें या पेट की चर्बी कम करने के उपाय?

      इसलिए इस आर्टिकल में विस्तृत रूप से बैली फैट को कम करने के लिए क्या खाएं क्या ना खाएं, मोटापा कम करने के लिए डाइट चार्ट और बैली फैट को कम करने की एक्सरसाइज के बारे में बता रहे हैं? इन आसान सी एक्सरसाइज को अपनाकर आप पेट की चर्बी को घटा सकते हैं.

      पेट की चर्बी कम करने के लिए इन आसान सी एक्सरसाइज को नियमित रूप से करना होगा और पसीना भी बहाना होगा तभी आपको आगे जाकर अच्छे परिणाम मिलेंगे. तो आइए जानते हैं मोटापा कम करने की एक्सरसाइज.


        बैली फैट कम करने की एक्सरसाइज | To Lose Belly Fat Exercise in hindi

        जब पेट के ऊपर बैली फैट जमा होने लगता है तो शरीर बेडौल और भद्दा लगने लगता है क्योंकि मोटापा स्वास्थ्य व सौंदर्य का शत्रु होता है.

        शरीर पर जमा अतिरिक्त चर्बी कई तरह की गंभीर बीमारियों को जन्म देती है जैसे कि मधुमेह, अस्थमा, जोड़ों की समस्या, हृदय रोग, नींद की कमी और ओस्टियोपोरोसिस आदि.

        इसलिए कुछ ऐसी एक्सरसाइज के बारे में बात करने जा रहे हैं जो पेट पर जमा चर्बी (belly fat) को घटाने के लिए बहुत कारगर है.

        इन एक्सरसाइज को करने में ना ही कोई समस्या होती है ना ही अधिक समय लगता है. तो आइए जानते हैं बैली फैट घटाने के तरीके.

        1. दौड़ना (running)

        पेट की चर्बी को कम करने के लिए दौड़ लगाना सबसे अच्छी एक्सरसाइज है क्योंकि दौड़ लगाने से अधिक मात्रा में कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ता है जिससे शरीर पर जमा अतिरिक्त चर्बी बड़ी तेजी से घटती है.

        यदि प्रतिदिन 1 घंटे दौड़ते हैं तो 705 से 865 कैलोरी बर्न होती है और इस एक्सरसाइज को करने के लिए किसी इक्विपमेंट्स की जरूरत भी नहीं होती है. दौड़ लगाने से मानसिक और शारीरिक क्षमता बढ़ती है और चर्बी घटाकर शरीर एक नए आकार में आ जाता है.

        2. स्विमिंग (swimming)

        बैली फैट को कम करने के लिए स्विमिंग एक सबसे अच्छी कार्डियो एक्सरसाइज में से एक है. स्विमिंग करने से पूरे शरीर का व्यायाम होता है जिस कारण बॉडी पर जमा अतिरिक्त वसा को कम करने मे मदद मिलती है.

        स्विमिंग करने से मोटापा घटाने के साथ-साथ फिजिकल एक्टिविटी भी बढ़ती है जिससे किसी भी कार्य को करने में फोकस कर पाते हैं. हर रोज 30 मिनट स्विमिंग करने से 440 कैलोरी बर्न होती है जो बैली फैट को कम करने के लिए कारगार एक्सरसाइज है.

        अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार सप्ताह में कम से कम 4 या 5 दिन किसी भी प्रकार का शारीरिक व्यायाम करना जरूरी है.

        3. पैदल चलना (to walk)

        वजन या शरीर पर जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने के लिए पैदल चलना सरल और सुरक्षित एक्सरसाइज है. सुबह या शाम के वक्त 1.6 किलोमीटर पैदल चलने से लगभग 100 कैलोरी बर्न होती है जिससे फैट को कम करने मे अच्छे रिजल्ट मिलते है.

        पैदल चलने के साथ-साथ एक प्रॉपर डाइट भी फॉलो करे जिससे वसा को जल्द खत्म करने में मदद मिलती है. यदि आप तेज कदमों के साथ चलते हैं तो यह पेट और कमर की चर्बी कम करने के लिए और भी फायदेमंद हो सकता है.

        4. पैर उठाना (leg raise)


        बैली फैट कम करने की 8 आसान एक्सरसाइज और डाइट चार्ट

        बैली फैट को कम करने के लिए यह एक्सरसाइज बहुत ही कारगर है. नियमित रूप से इस एक्सरसाइज को करने से बैली फैट बहुत तीव्रता से घटता है.

        इस एक्सरसाइज के लिए सबसे पहले फर्श पर सीधे पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को फर्श पर सीधे रखें तथा दोनों पैरों को एक साथ धीरे-धीरे छत की ओर उठाएं फिर अपने पैरों को वापस जमीन पर ले आए 2-3 सेकंड रुकें और फिर से पुनः इस प्रक्रिया को दोहराएं.

        5. साइकिलिंग (cycling)

        बैली फैट कम करने के लिए साइकिलिंग करना सबसे बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है. पेट और कमर के आसपास की चर्बी को कम करने के लिए साइकिल चलाने से उतना ही फायदा होता है जितना कि जिम में कई घंटों तक वर्कआउट करने से.

        नियमित रूप से साइकिल चलाने से हर घंटे 300 कैलोरी बर्न होती है, मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ता है, मांसपेशियां  और फेफड़े भी मजबूत होते है. प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तो साइकिल जरूर चलाये. आप जितनी साइकिलिंग करेंगे उतनी ही कैलोरी बर्न होगी और मोटापा उतनी ही तेजी से घटेगा.

        6. प्लैंक एक्सरसाइज (plank exercise)


        बैली फैट कम करने की 8 आसान एक्सरसाइज और डाइट चार्ट

        पेट की चर्बी कैसे कम करे, जब इस सवाल के जवाब को ढूंढते हैं तो प्लैंक एक्सरसाइज का जिक्र जरूर होता है. प्लैंक एक्सरसाइज करने से पेट की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है जिससे पेट पर चढ़ी हुई चर्बी तेजी से कम होने लगती है, कोर मसल्स को मजबूती मिलती है और शरीर के संतुलन तथा पोस्चर में भी सुधार आता है.

        इस एक्सरसाइज को करने के लिए पुशअप्स की अवस्था में आना होगा, फिर अपने दोनों हाथों की कोहनी सीधे कंधो के नीचे जमीन पर रखें, पंजे और कोहनी सिर्फ जमीन पर होने चाहिए तथा पीठ से लेकर हिप्स तक एक सीधी रेखा में शरीर को अपनी क्षमता अनुसार रोककर रखें.

        इस एक्सरसाइज को नियमित रूप से 1 महीने तक करने से पेट को कम करने में अच्छे परिणाम मिलते हैं.

        7. स्क्वाट (squat)


        बैली फैट कम करने की 8 आसान एक्सरसाइज और डाइट चार्ट


        यदि आप मोटापा कम करने की एक्सरसाइज ढूंढ रहे हैं तो आपके लिए स्क्वाट एक्सरसाइज बेहतरीन विकल्प है. इस एक्सरसाइज को करने से कैलोरी तेजी से बर्न होती हैं जिससे अतिरिक्त वसा से छुटकारा पाने के लिए यह व्यायाम बहुत कारगर है.

        इस एक्सरसाइज को करने के लिए आपको सीधे जमीन पर खड़ा होना होगा इसके बाद हाथों को मोड़ते हुए आपस में पकड़ लें और साथ मे घुटने भी मोड़ ले. इसी स्थिति में कुछ सेकंड रहे फिर प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं.

        8. बेसिक क्रंच (basic crunch)


        बैली फैट कम करने की 8 आसान एक्सरसाइज और डाइट चार्ट

        बैली फैट कैसे कम करें, इसके लिए आपके पास एक बेहतरीन एक्सरसाइज है जिसे करके आप कुछ ही दिनों में अपने पेट को कम कर सकते हैं जिसे बेसिक क्रंच कहते हैं. पेट की चर्बी घटाने के लिए जिम ट्रेनर भी इस एक्सरसाइज को करने के लिए जरूर कहते हैं.

        इसे करने के लिए पहले सीधे जमीन पर लेट जाएं अपने घुटनों को मोड़े अब अपनी कोहनी को मोड़ते हुए हाथों को सिर के पीछे रख ले फिर सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी भाग को उठाने की कोशिश करें उसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं.

        ऐसा करने से आपके पेट की मांसपेशियां मजबूत होंगी और यह एक्सरसाइज एब्स बनाने के लिए भी बहुत प्रचलित है.

        पेट की चर्बी बढ़ने का कारण | causes of belly fat in hindi

        पेट पर चर्बी बढ़ने के साथ-साथ कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है जैसे कि डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, कैंसर और ह्रदय संबंधित बीमारियां आदि.

        जब पेट पर चर्बी या बैली फैट जमा होने लगता है तो इसे कम करने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं और डाइट भी फॉलो करते हैं. लेकिन इसके साथ कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है जो वजन कम ना होने का कारण भी हो सकते है.

        तो आइए जानते हैं पेट पर चर्बी बढ़ने का क्या कारण है?

        1. बाहर का खाना (outside food)

        अधिकतर लोग बाहर का खाना खाना पसंद करते हैं जिससे शरीर में कई तरह के फैट्स सहित अन्य नुकसान वाले तत्व भी पहुंचते हैं. अधिक मात्रा में जंक फूड, ऑयली फ़ूड और फास्ट फूड खाने से पेट पर चर्बी बढ़ने लगती है.

        इसलिए भोजन में हमेशा कम कैलोरी और बिना फैट वाले खाद्य पदार्थ को खाना चाहिए जिससे शरीर को अच्छे विटामिंस की प्राप्ति होती है और पेट पर चर्बी भी नहीं बढ़ती है.

        2. बैठे रहने की आदत (habit of sitting)

        लगातार एक जगह ऑफिस में बैठकर काम करते रहना और कई घंटो तक टीवी और कंप्यूटर के सामने बैठे रहना अनावश्यक चर्बी को बढ़ाने का कारण हो सकता है.

        आज के दौर में अधिक संसाधन होने से व्यक्ति इतना आलसमय हो गया है कि वह शारीरिक गतिविधियों को छोड़कर आराम से काम करना चाहता है जिस कारण वह मोटापा का शिकार होने लगते है.

        3. अनुवांशिकता के कारण (due to heredity)

        शरीर पर चर्बी जमा होने का कारण अनुवांशिकता भी हो सकती है क्योंकि अनुवांशिक गुण पीढ़ी दर पीढ़ी परिजनों से प्राप्त होते रहते है. यदि पुरानी पीढ़ी के परिजन मोटापे की परेशानी को झेल रहे हैं तो आपको भी मोटापे की समस्या हो सकती है.

        4. चयापचय (metabolism)

        उम्र बढ़ने के साथ-साथ, गलत खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से पाचन तंत्र कमजोर पड़ने लगता है जिस वजह से गैस, एसिडिटी, ऐठन और अपच जैसी समस्याएं होने लगती है, मेटाबॉलिज्म का स्तर घटने लगता है और शरीर का वजन बढ़ने लगता है.

        5. थायराइड और दवाएं (thyroid and drugs)

        जब शरीर में थायराइड जैसी बीमारियां हो जाती हैं तो शरीर में हारमोंस का असंतुलन बिगड़ जाता है जिसकी वजह से अचानक शरीर का वजन बढ़ सकता है.

        इसी प्रकार कुछ अन्य दवाएं भी वसा को बढ़ने के लिए उत्तरदाई हो सकती हैं इसलिए इनका सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह लेकर ही करें.

        6. पर्याप्त पानी ना पीना (Enough not to drink water)

        शरीर में पानी का स्तर वजन को घटाने और संतुलित रखने में बहुत सहायक है. पूरे दिन मे कम से कम 2-3 लीटर पानी तो पी लेना ही चाहिए. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के अपने ही फायदे हैं, भूख भी कम लगती है और मेटाबॉलिज्म का स्तर बढ़ने लगता है जिस वजह से शरीर पर जमा चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है.

        7. तनाव (Tension)

        शरीर पर चर्बी जमा होने का कारण कहीं ना कहीं तनाव भी होता है क्योंकि लोगों की जिंदगी में इतना काम का दबाव, उलझने और परेशानियां होती हैं कि वह तनाव का शिकार हो जाते हैं जिस कारण शरीर के हार्मोन प्रभावित होते हैं जो वसा को बढ़ाने में योगदान कर सकते हैं.

        8. नींद की कमी या अधिकता (sleep deprivation or excess)

        जब सोने का समय निश्चित ना हो तब शरीर के अंदर कई हारमोंस प्रभावित होते है जिससे शरीर पर वसा जमने लगता है. बहुत कम या अधिक सोने से अधिक कैलोरी के सेवन करने की मात्रा महसूस होने लगती है जिस कारण मेटाबॉलिज्म का स्तर भी बढ़ने लगता है.

        कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर ले और सोने का सही समय बनाएं जो आपके वजन को भी संतुलित करता है और शरीर भी स्वस्थ रहता है.

        बैली फैट कम करने के लिए डाइट चार्ट | diet chart to reduce belly fat in hindi

        समय (Time) क्या खाएं (What should we eat)
        सुबह 6:30 से 7:30 के बीच सबसे पहले सुबह उठकर गुनगुना पानी पिए, गुनगुना पानी पीने से पेट अच्छे से साफ होता है और बीमारियां भी दूर होती हैं. गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर भी पी सकते हैं, इससे पेट की चर्बी कम होने मे मदद मिल सकती है.
        नाश्ते से पहले सुबह 7:30 से 8:00 के बीच 6-7 बादाम और किशमिश रात में भिगोकर रखें और सुबह नाश्ते के पहले खाएं. इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे.
        8:15 से 9:00 के बीच नाश्ता नाश्ते में दो रोटी, आधा कप पनीर की सब्जी या ब्राउन ब्रेड का उपमा, एक कप दूध या दही ले सकते हैं और एक कटोरी ओट्स भी खा सकते है. इससे आपको 330 कैलोरी तक मिलेगी.
        नाश्ते के बाद 10:00 से 11:00 के बीच में नाश्ते के बाद आप एक केला या कोई भी फल खा सकते हैं.
        दोपहर का खाना 1:00 से 2:00 के बीच में लंच में आप एक कप ब्राउन चावल, मिक्स सब्जी, एक कटोरी सलाद और रायता खा सकते है, इससे आपको 345 कैलोरी मिलेगी हमेशा यह याद रखें कि दिन में ज्यादा से ज्यादा खाना खाएं ना कि रात में.
        शाम का नाश्ता 4:00 बजे से 5:00 बजे के बीच शाम को एक कप दूध पी सकते हैं जिससे 35 कैलोरी प्राप्त होती है.
        रात का खाना 7:30 से 8:00 बजे के बीच रात का खाना हमेशा हल्का होना चाहिए डिनर मे आप दो रोटी, सब्जी, सलाद खाएं और चिकन सूप भी पी सकते है.

        बैली फैट कम करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं | eating tips to reduce belly fat in hindi

        पेट की चर्बी कम करने के लिए एक्सरसाइज करने के साथ-साथ खानपान का भी ध्यान रखना पड़ता है. यदि आप एक संतुलित आहार का सेवन नहीं करते है तो किसी भी तरह की एक्सरसाइज पेट की चर्बी को कम करने के लिए काम नहीं आएगी.

        क्या खाएं (what to eat)

         1. फलों का सेवन - बैली फैट को कम करने के लिए आहार में फलों को जरूर शामिल करें, क्योंकि फल खाने से जरूरी पोषक तत्व, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट तत्व की प्राप्ति होती है जो वजन को नियंत्रण करने में मदद कर सकते हैं. 

         2. सब्जियां - सब्जियों को आहार में जरूर शामिल करें क्योंकि इनके अंदर जरूरी पोषक तत्व, विटामिन डी और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने और चर्बी को कम करने में मदद कर सकते हैं.

         3. प्रोटीन - पेट को कम करने के लिए आहार में हाई प्रोटीन भोजन जरूर शामिल करें. मछली में एंटीऑक्सीडेंट्स, ओमेगा-3 एसिड और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है जो हृदय को स्वस्थ रखता है और वजन कम करने में मदद करते है. सप्ताह में कम से कम 2 बार मछली जरूर खाएं और भी हाई प्रोटीन पदार्थों का सेवन कर सकते हैं जैसे कि ओट्स, मसूर की दाल, एवोकाडो, मूंग दाल, चिकन, साबुत अनाज और नट्स आदि.

         4. डेरी पदार्थ - दही जिसके अंदर प्रोबायोटिक पाचक बैक्टीरिया होते हैं इसके अलावा लौ-फैट दूध का सेवन चर्बी को कम करने में से एक हो सकता है.

         5. पानी पिए - दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पी लेना चाहिए जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है तथा भूख भी कम लगती है, कमर और पेट की चर्बी को कम करने का यह एक उपाय है.

         6. ग्रीन टी - पेट की चर्बी को कैसे कम करें इसका जवाब ग्रीन टी भी है. ग्रीन टी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म स्तर बढ़ता है जिससे मोटापे को कम करने में मदद मिलती है. ग्रीन टी का सेवन मोटापा कम करने के टारगेट में भी मदद करती है.

         7. नाश्ता - सुबह के समय हाई प्रोटीन युक्त नाश्ता करने से भूख कम लगेगी, प्रोटीन की प्राप्ति होगी और शरीर पर अनावश्यक चर्बी नहीं बढ़ेगी.

         8. कार्बोहाइड्रेट - पेट कम कैसे करें? इस सवाल के जवाब के लिए आहार में कम कार्बोहाइड्रेट वाले पदार्थों का सेवन करें जैसे कि अंकुरित अनाज, दही, पनीर, मूंग दाल और सोयाबीन.

        क्या ना खाएं (what not to eat)

          ▪ बाहर का खाना हर रोज नहीं खाना चाहिए.

          ▪ शक्कर युक्त खाद्य पदार्थ खाने से बचे.

          ▪ शराब और सिगरेट शरीर का मोटापा बढ़ती है इनसे परहेज करें.

        नीचे दिए गए डायग्राम के अनुसार यदि आप फाइबर युक्त भोजन का सेवन और प्रतिदिन एक्सरसाइज करेंगे तो इससे पेट की चर्बी और कैलोरी कम होगी.


        निष्कर्ष | Conclusion

        गलत जीवनशैली और व्यायाम ना करने के कारण शरीर पर अनावश्यक चर्बी बढ़ने लगती है जिसे कम करने के लिए हम कई तरह के उपाय करते हैं.

        इसलिए इस लेख में बैली फैट कम करने की एक्सरसाइज, बैली फैट कैसे कम करें, पेट पर चर्बी बढ़ने के कारण, बैली फैट कम करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं, पेट कैसे कम करे इन सब के बारे में बताने कोशिश की है.

        इन आसान सी एक्सरसाइजओं को अपनाकर और प्रॉपर डाइट फॉलो करके बैली फैट या पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है.

        पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

        Q. पेट और कमर की चर्बी को कैसे कम करें?

        A. पेट की चर्बी को कम करने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करें जैसे कि साइकिलिंग, स्विमिंग, दौड़ना, प्लैंक, स्क्वाट एक्सरसाइज और एक प्रॉपर फाइबर युक्त डाइट फॉलो करें जिससे पेट की चर्बी को तेजी से घटाने मे मदद मिलती है.

        Q. पेट कम करने के लिए कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए?

        A. पेट कम करने के लिए कई तरह की एक्सरसाइज कर सकते हैं जैसे कि साइकिलिंग, स्विमिंग, रनिंग, प्लैंक, स्क्वाट और बेसिक क्रंच आदि.

        Q. पेट बढ़ने के क्या कारण होते हैं?

        A. पेट बढ़ने या वजन बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि बैठे रहने की आदत, बाहर का खाना, चयापचय की समस्या, अधिक मात्रा में दवाओं का सेवन, पर्याप्त मात्रा में पानी ना पीना, तनाव में रहना और नींद की कमी या अधिकता आदि.

        Q. पेट की चर्बी कम करने के लिए क्या खाना चाहिए?

        A. पेट की चर्बी को कम करने के लिए आपका खान-पान बहुत महत्व रखता है. इसलिए अपने खानपान में फलों, सब्जियों का सेवन, हाई प्रोटीन युक्त आहार, मछली, मसूर की दाल, मूंग दाल, साबुत अनाज, नट्स, दही, लौ फैट मिल्क, कम से कम 8-10 गिलास पानी, ग्रीन टी और हाई प्रोटीन युक्त नाश्ता जरूर करें.

        धन्यवाद..

        और भी जाने..

        10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

        10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi
        10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

        शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए प्रतिदिन व्यायाम (Exercise) करना बेहद जरूरी है. संसार के समस्त सुखों में स्वास्थ्य को सबसे पहला सुख माना गया है. उपनिषद भी कहता है - पहला सुख निरोगी काया.

        मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए एक्सरसाइज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लेना चाहिए. एक्सरसाइज शरीर के लिए टॉनिक के समान काम करता है जिससे शरीर और मन स्वस्थ होते हैं तथा हम कई गंभीर बीमारियों से भी बचे रहते हैं.

        इसलिए इस लेख मे हम स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के महत्व को जानेंगे की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज क्या है, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के फायदे, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कौन-कौन सी है और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करते हैं?


          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज क्या है | What is stretching exercise in hindi

          अधिकतर काम के दबाव के कारण लोगों की दिनचर्या इतनी व्यस्त रहती है कि उनके पास वर्कआउट या जिम जाने का समय नहीं रहता है. ऐसे में आप सुबह के समय थोड़ा सा वक्त निकाल कर घर पर ही स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं.

          किसी भी प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी को करने के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना जरूरी होता है क्योंकि स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की मांसपेशियों में गर्माहट आ जाती है.

          आपने देखा होगा कि जब हम जिम में एक्सरसाइज करने के लिए जाते हैं तो कई जिम ट्रेनर वर्कआउट करने के बाद में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के लिए कहते हैं. जिससे मांसपेशियों को आराम मिले और हम चोटिल ना हो.

          इसके अलावा स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज (stretching exercise in Hindi) करने से शरीर को कई फायदे होते हैं जैसे कि शरीर का लचीलापन (Flexibility) बना रहता है, मांसपेशियों की जकड़न (Tightness) कम होती है, शरीर के जोड़ों के मुड़ने की क्षमता बढ़ती है, मांसपेशियों की लंबाई और शरीर के पोस्चर में सुधार आता है.

          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें | How to do stretching exercises in hindi?

          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज घर पर ही बड़ी आसानी से सुबह या शाम के वक्त कर सकते हैं. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन आता है जिससे हम तनाव मुक्त (stress free) रहते हैं.

          एक बेहतर दिनचर्या की शुरुआत के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करना बेहद फायदेमंद है. आइए जानते हैं स्ट्रेच एक्सरसाइज करने के तरीके?

          1. ओवरहेड स्ट्रेच (Overhead stretch in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          ओवरहेड स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से कमर, पीठ, गर्दन और कंधे की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न होता है जिस कारण मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है और रिलैक्स महसूस होता है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ ओवरहेड स्ट्रेच करने के लिए अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई से अलग करके सीधे खड़े हो जाएं.

            ▪ बाहों को सीधे ऊपर की ओर ले जाएं और हथेलियों को ऊपर की ओर रखते हुए उंगलियों को आपस में मिला लें.

            ▪ कंधों को नीचे दबाते हुए बाहों को ऊपर उठाएं कुछ समय के लिए रुके फिर मांसपेशियों में होने वाले खिंचाव को छोड़ दें.

            ▪ इसी तरह से यह विधि 3-4 बार दोहराएं.

          2. साइड स्ट्रेच (Side stretch in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          साइड स्टेज एक्सरसाइज करने से पसलियों के बीच की इंटरलॉक मांसपेशियों को तनाव मुक्त करके फेफड़ों को प्रभावी ढंग से कार्य करने की क्षमता बढ़ती है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ साइड स्ट्रेच एक्सरसाइज करने के लिए पहले सीधे और दोनों पैरों को थोड़ा सा फैलाकर खड़े हो जाएं.

            ▪ अपने बाएं हाथ को कमर पर रखें तथा दाएं हाथ को सीधा लेकर बाएं तरफ झुके.

            ▪ दाएं हाथ को कमर पर रखें तथा बाएं हाथ को सीधा लेकर दाएं तरफ झुके.

            ▪ इसी तरह कम से कम 30-40 सेकंड करें और इस प्रक्रिया को 3-4 बार करें.

          3. बटरफ्लाई स्ट्रेच (butterfly stretch in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          बटरफ्लाई स्ट्रेच सबसे आसान स्ट्रेच एक्सरसाइज में से एक है. इस एक्सरसाइज को करने से आंतरिक जांघों, कूल्हों और कमर पर असर पड़ता है. वर्कआउट करने के बाद शरीर को रिलैक्स करने के लिए यह एक अच्छा व्यायाम है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ बटरफ्लाई स्ट्रेच एक्सरसाइज करने के लिए अपनी पीठ सीधी और पैरों को अपने सामने की ओर रखकर बैठे.

            ▪ अब पैरों को अपने पास खींचे तथा अपने घुटनों को मोड़ लें, पैरों के तलवों को एक दूसरे से मिला लें.

            ▪ अपने हाथों को पैर के पंजों के ऊपर रखें इसके बाद अपने ऊपरी शरीर को आगे की ओर धीरे-धीरे ले जाएं.

            ▪ लगभग 30-40 सेकंड तक इस पोजीशन में रहे और इस विधि को 3-4 बार करें.

          4. नी टू चेस्ट (Knees to chest in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          अधिकतर बहुत से लोगों को कमर, कूल्हों और पीठ के निचले हिस्से में कठोरता और दर्द का अनुभव होता है. इस स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से कमर के नीचे भाग की मांसपेशिया मजबूत होती है जिससे कमर और कूल्हों के दर्द को कम करने में मदद मिलती है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ इस एक्सरसाइज के लिए जमीन पर सीधे लेट जाएं.

            ▪  कंधों को आराम से रखें जबकि एक घुटने को धीरे-धीरे ऊपर लाते हैं और दूसरे पैर को फर्श पर सीधा छोड़ दें.

            ▪ अपने घुटने को अपने हाथों से पकड़े और इसे अपने सीने की और 10 सेकेंड के लिए खींचे.

            ▪ अब अपने पैर को नीचे करें और विपरीत दिशा में इस व्यायाम को दोहराएं. इस प्रक्रिया को 2-4 बार करें.


          5. आर्म एंड शोल्डर स्ट्रेच (Arm and shoulder stretch in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          हाथ और कंधे की स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से पीठ, कंधे और हाथ की मांसपेशियों की ताकत बढ़कर इनके कार्य करने की क्षमता बढ़ती है. इस एक्सरसाइज को करने से शरीर के पोस्चर और हड्डियों में सुधार आता है तथा चोट लगने का जोखिम भी कम होता है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ इस एक्सरसाइज करने के लिए पहले आप सीधे खड़े हो जाएं.

            ▪ फिर दाहिने हाथ को बाएं हाथ की तरफ ले जाएं और इसे अपने बाएं कंधे पर तिरछा रखें.

            ▪ बाएं हाथ से दाएं हाथ को अंदर की तरफ स्ट्रैच करें फिर बाएं हाथ के साथ उस पर दबाव बढ़ा कर अपने दाएं हाथ को अपने सीने के करीब खींचे.

            ▪ 10 सेकंड के लिए इस स्ट्रैच को बनाए रखें और फिर इसी प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं.

          6. चेस्ट स्ट्रेच (Chest stretch in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          चेस्ट एक्सरसाइज करने के कई तरीके होते हैं. चेस्ट एक्सरसाइज करने से सीने की मांसपेशियों में खिंचाव आता है साथ ही हमारे कंधे और हाथों की मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है तथा फेफड़े और हृदय के कार्य करने की क्षमता भी बढ़ती है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ यह एक्सरसाइज करने के लिए अपने पैरों को थोड़ा सा फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं.

            ▪ अपनी पीठ को सीधा करें अपने हाथों की उंगलियों को अपने कूल्हे के पीछे ले जाकर उंगलियों को आपस में फंसा लें.

            ▪ धीरे-धीरे अपनी इंटरलॉक उंगलियों को ऊपर की ओर यानी छत की ओर धकेल जब आप अपनी बाहों को उठाते हैं तो सांस लें और सांस छोड़ें.

            ▪ जब आपकी बाहें चरम सीमा पर पहुंच जाएं यानी कि और ऊपर ना जा सके तो उस स्थिति में 15-30 सेकंड के लिए रुके रहे. इस स्थिति में अपने नाक और मुंह से गहरी सांस लेते रहे.

            ▪ अब आप अपनी प्रारंभिक स्थिति में लौट आए और गहरी सांस लें इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं.

          7. ट्राइसेप्स स्ट्रेच (Triceps stretch in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          ट्राइसेप्स एक्सरसाइज करने से हाथ, कंधे और गर्दन की मांसपेशियों की अकडन दूर होती है, मांसपेशियां लंबी होती है और शरीर तनाव मुक्त होता है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई से अलग करके सीधे खड़े हो जाएं.

            ▪ अपने दाएं हाथ को उठाकर ऊपरी पीठ के मध्य भाग तक ले जाएं.

            ▪ फिर बाएं हाथ से कोहनी को पकड़े और धीरे से खींचे.

            ▪ 10 से 12 सेकंड के लिए रुके फिर इसी तरह दूसरी तरफ दोहराएं.

          9. नैक स्ट्रेच (Neck stretch in hindi)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          नेक स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से गर्दन के आसपास की मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है, मांसपेशियों की गतिशीलता बढ़ती है और गर्दन के दर्द में भी आराम मिलता है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ पैरों को कूल्हों की चौड़ाई से अलग रखें और दोनों हाथों को नीचे की ओर रखें.

            ▪ सिर को दाई और झुकाए तथा दाहिने कान को दाहिने कंधे से छूने की कोशिश करें ऐसा करते हुए गर्दन और कंधे के बाएं और खिंचाव महसूस करें.

            ▪ सिर को बाएं और झुकाए बाएं कान को बाएं कंधे से छूने की कोशिश करें फिर गर्दन और कंधे के दाहिने हिस्से में खिंचाव महसूस करें.

            ▪ हर बार 10 सेकेंड के लिए इस स्थिति में रहें इस प्रक्रिया को 3 बार दोहराएं.

          फॉरवर्ड बैंड (stretch exercise for height)


          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi

          प्रभावी (effective) :

          इस एक्सरसाइज को करने से पिंडली की मांसपेशियों की ताकत और क्षमता में सुधार होता है तथा यह एक्सरसाइज रीड की हड्डी को फैलाता है जिससे हाइट बढ़ने में मदद मिलती है.

          कैसे करें (how to do) :

            ▪ सीधे खड़े होकर अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं.

            ▪ अब धीरे-धीरे झुके और अपने पैरों को उंगलियों से छूने की कोशिश करें.

            ▪ झुकते समय घुटने मुड़ने नहीं चाहिए.

            ▪ घुटनों को बिना झुकाए पैरों को छूना मुश्किल होता है लेकिन नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे यह हो सकता है.

            ▪ इसे नियमित रूप से दिन में 4-5 बार करने से लाभ होता है.

          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के फायदे | Benefits of stretching exercises in hindi

          शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए व्यायाम (Exercises) करना बेहद जरूरी है यदि दिन की शुरुआत व्यायाम के साथ करते हैं तो दिन भर ऊर्जावान, तनावमुक्त तथा मन प्रसन्न चित्त रहता है.

          आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के क्या फायदे होते हैं?

          1. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर के जोड़ों के मुडने की और उनके कार्य करने की क्षमता में सुधार आता है. 

          2. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ती है तथा हम दिन भर ऊर्जावान महसूस करते हैं. 

          3. वर्कआउट करने से पहले स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से चोट लगने की संभावनाएं कम होती है.

          4. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों का लचीलापन और मजबूती बढ़ती है जिससे मांसपेशियां प्रभावी रूप से सक्रिय होती हैं और इनके कार्य करने की क्षमता बढ़ती है.

          5. सुबह के समय एक्सरसाइज करने से दिन भर तनाव या सुस्ती महसूस नहीं होती है और अपनी पूरी दिनचर्या को प्रसन्न चित्त होकर खत्म कर सकते हैं.

          6. जब जिम में वर्कआउट करने जाते हैं तो जिम इंस्ट्रक्टर वर्कआउट करने के बाद स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के लिए कहते हैं क्योंकि वर्कआउट से होने वाले दर्द को कम करने मे यह लाभदायक है.

          7. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शरीर में कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद करते है जिससे हृदय रोग जैसी बीमारियों से बच सकते हैं.

          8. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से किसी प्रकार का दर्द नहीं होता है बल्कि मांसपेशियों के दर्द और अकड़न को कम करके मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं.

          9. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज मांसपेशियों के दर्द, पीठ के निचले हिस्से के दर्द और कमर दर्द को कम करने में मदद करती है.

          10 आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज जो रखे आपको फिट | Stretching Exercises in hindi
          आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने का समय और टिप्स.

          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कब करना चाहिए | When to do stretching exercises in hindi?

          किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज को करने से पहले इसके समय के बारे में जान लेना चाहिए. तो आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कब कर सकते हैं?

          वैसे तो स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने का कोई निश्चित समय नहीं है. आप जब चाहे अपने शरीर को स्ट्रेच कर सकते हैं बस इतना ध्यान देना चाहिए कि जब बॉडी को स्ट्रेच कर रहे हो तो हाथ पैरों को फैलाने के पर्याप्त जगह होनी चाहिए.

          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज किसी भी समय की जा सकती है जैसे कि

            ▪ सुबह सोकर उठने के बाद.

            ▪ सोने से पहले.

            ▪ दिन में किसी भी समय.

            ▪ ऑफिस में ब्रेक के दौरान.

            ▪ शरीर के सुस्त पड़ने के दौरान.

            ▪ एक्सरसाइज करने के बाद.

          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने की टिप्स | stretching exercises tips in hindi

          स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है अन्यथा इससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है तो आइए जानते हैं स्ट्रैचिंग करते समय बरतने वाली सावधानियां.

          1. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज एक तरह का वार्मअप नहीं है. इसलिए वर्कआउट के पहले स्ट्रेचिंग करने से शरीर की मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है.

          2. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शरीर की क्षमता अनुसार ही करना चाहिए अन्यथा शरीर की मांसपेशियों में अधिक खिचाव उत्पन्न हो सकता है.

          3. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बहुत ही धीरे-धीरे और शांत तरीके से करनी चाहिए यदि आप झटके के साथ या बहुत जल्दी-जल्दी एक्सरसाइज करते हैं तो इससे मांसपेशी में चोट लगने की संभावना बढ़ सकती है.

          4. स्ट्रेचिंग इस तरह करना चाहिए की मांसपेशियों में हल्का सा खिचाव महसूस हो यदि आपको अधिक दर्द महसूस होता है तो इस तरह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज ना करें.

          5. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज 20-30 सेकंड तक की करें.

          6. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करते समय नाक से सांस ले और छोड़ते रहे.

          7. स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से पहले 5-10 मिनट के लिए हल्की वॉकिंग, जोगिंग और साइकिलिंग करनी चाहिए जिससे शरीर की मांसपेशियों में गर्माहट आ जाए.

          8. हर व्यक्ति के अनुवांशिक गुण और शरीर की मांसपेशियों का लचीलापन अलग होता है इसलिए हमेशा शरीर की क्षमता के अनुसार ही स्ट्रेचिंग करें.

          9. स्ट्रेचिंग करते समय गर्दन, कमर के निचले हिस्से, कंधों और जोड़ो जैसी प्रमुख मांसपेशियों का ध्यान रखते हुए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए जिससे शरीर को पूरी तरह फायदा मिले.

          10. सप्ताह में कम से कम 2 या 3 दिन बार नियमित रूप से स्ट्रेच एक्सरसाइज करने से लाभ मिलता है.

          11. जो व्यक्ति स्पोर्ट्स खेलते हैं उन्हें उसी तरह की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए जैसे फुटबॉल प्लेयर को हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच करना चाहिए.

          आखिरी शब्द | last word

          यदि जीवन को स्वस्थ और रोग मुक्त रखना है तो एक्सरसाइज को जीवन का हिस्सा बना लीजिए. कई विशेषज्ञों के अनुसार एक्सरसाइज करने से शरीर की मानसिक और शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ-साथ बीमारियों का भी जोखिम कम होता है.

          इस लेख के द्वारा जाना कि स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज क्या है, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कैसे करें या तरीके, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के फायदे, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कब करना चाहिए और जरूरी टिप्स आदि?

          शरीर की मांसपेशियों की अकड़न दूर करने और लचीलापन बढ़ाने के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बेहद लाभदायक होती है.

          पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

          Q. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कौन-कौन सी होती है?

          A. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कई तरह की होती है जैसे कि साइड स्ट्रेच, ओवरहेड स्ट्रेच, नेक स्ट्रेच, आर्म एंड सोल्डर स्ट्रेच, चेस्ट स्ट्रेच और बटरफ्लाई स्ट्रेच इत्यादि.

          Q. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से क्या फायदा होता है?

          A. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन और इनके कार्य करने की क्षमता बढ़ती है. एक्सरसाइज करते समय मांसपेशियों में हल्का सा खिंचाव महसूस होता है जिससे शरीर और मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है तथा वर्कआउट करने के दौरान चोट लगने की संभावना भी कम होती है.

          Q. हाइट बढ़ाने के लिए कौन सी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करनी चाहिए?

          A. हाइट बढ़ाने के लिए फॉरवर्ड बैंड स्ट्रेच एक्सरसाइज सबसे आसान एक्सरसाइज है जिसे करने से हाइट बढ़ने में मदद मिलती है.

          ▪ सीधे खड़े होकर अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं.
          ▪ अब धीरे-धीरे झुके और अपने पैरों को उंगलियों से छूने की कोशिश करें.
          ▪ झुकते समय घुटने मुड़ने नहीं चाहिए.
          ▪ घुटनों को बिना झुकाए पैरों को छूना मुश्किल होता है लेकिन नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे यह हो सकता है.
          ▪ इसे नियमित रूप से दिन में 4-5 बार करने से लाभ होता है.

          Q. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज किस समय करना चाहिए?

          A. स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने का कोई निश्चित समय नहीं है इसे आप सुबह उठने के बाद, सोने से पहले, ऑफिस में काम करने के दौरान और वर्कआउट करने के बाद कर सकते हैं.

          धन्यवाद.