फेफड़ों (लंग्स) को स्वस्थ रखने के लिए 9 अचूक उपाय और योगासन | healthy lungs in hindi

फेफड़ों (लंग्स) को स्वस्थ रखने के लिए 9 अचूक उपाय और योगासन

फेफड़े हमारे शरीर के एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है जिनके बिना जीवन की कल्पना करना भी संभव नहीं है.

आज हम अपने इस लेख में बताने जा रहे हैं कि फेफड़ों (लंग्स) को स्वस्थ या मजबूत रखने के उपाय (Tips), व्यायाम, घरेलू उपाय और योगासन.

दुनिया में जितनी भी सजीव चीजें हैं उनका जीवनव्यापन उनकी सांसें होती है. मनुष्य के शरीर में सांस लेने की प्रक्रिया फेफड़ों के द्वारा ही होती है.

यदि हमारे फेफड़े (Lungs) स्वस्थ नहीं होंगे तो इनसे हमें कई बीमारियां हो सकती हैं जैसे कि अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और टीबी.


    फेफड़ों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां | Information about lungs in hindi

    • मानव शरीर में प्रत्येक फेफड़ों का वजन लगभग 650 ग्राम होता है.
    • दोनों फेफड़ों में वायु नलिकाओ की कुल लंबाई लगभग 2400 किलोमीटर होती है.
    • फेफड़ों के अंदर स्वसन तंत्र की संरचना पेड़ की शाखाओं की तरह होती है.
    • मनुष्य शरीर के बाएं फेफड़े में 3 भाग होते हैं जबकि दाएं फेफड़े में सिर्फ दो भाग उपस्थित होते हैं. 
    • मनुष्य शरीर के अंदर दाया फेफड़ा, बाएं फेफड़े से अधिक चौड़ा होता है.
    • फेफड़े हमारे शरीर में खून और कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं.
    • जब हम एक बार सांस लेते हैं तो फेफड़ों में लगभग 6 लीटर वायु अंदर जाती है. इस तरह एक व्यक्ति के फेफड़े प्रत्येक दिन लगभग 2000 घन मीटर वायु खींच लेते हैं.
    • सांस लेने और छोड़ने की दर पुरुषों की तुलना में बच्चों और स्त्रियों में ज्यादा अधिक होती है.
    • फेफड़ों की कार्य क्षमता को स्पायरोमेट्री टेस्ट के जरिए मापा जाता है.
    • फेफड़ों का मुख्य काम रक्त का शुद्धिकरण करना होता है.
    • एक मनुष्य आमतौर पर 1 मिनट में 8-10 बार सांस लेता है जबकि एक नवजात शिशु 1 मिनट में 40 बार सांस लेता है.

    फेफड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय | healthy lungs in hindi

    यदि हम अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखना चाहते हैं? हम चाहते हैं कि फेफड़ों से होने वाली बीमारियों से हम बचे रहें और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे, तो हमें अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने पड़ते हैं.

    जिससे हम अपने पूरे शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं तो आइए पढ़ते हैं.

    1. गाजर का सेवन करें | Eat carrots

    फेफड़ों (लंग्स) को स्वस्थ रखने के लिए हमें कुछ विटामिंस की जरूरत होती है जैसे कि विटामिन A, विटामिन C और कैरोटीन तत्व आदि.

    यदि हम नियमित रूप से गाजर का सेवन करते हैं तो इससे हमें विटामिंस की प्राप्ति होती है जिससे धीरे-धीरे हमारे फेफड़े साफ और स्वस्थ रहते हैं और हम फेफड़ों से संबंधित बीमारियां से भी बच सकते हैं.

    100gm गाजर के अंदर विटामिन A 16706 IU और विटामिन C 5.9 mg होता है, जो कि विटामिंस की एक अच्छी मात्रा है इसलिए हमें फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए गाजर का सेवन जरूर करना चाहिए.

    2. विटामिन C से भरपूर भोजन | Vitamin C rich food

    यदि हम अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो हमें विटामिन C से भरपूर आहार लेना चाहिए.

    क्योंकि विटामिन C एक तरह का एंटी-ऑक्सीडेंट होता है जो हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है.

    जिससे हमारे शरीर को बाहरी संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है. हमें अपने आहार में पालक, संतरा, कीवी, अमरूद, केला, नींबू, गाजर, आंवला, अंगूर, टमाटर का जूस आदि फलों का सेवन करना चाहिए.

    जिससे हमारी बॉडी को पर्याप्त मात्रा में विटामिन C की प्राप्ति हो और हमारा शरीर अंदर से स्वस्थ रहे.

    फेफड़ों (लंग्स) को स्वस्थ रखने के लिए 9 अचूक उपाय और योगासन

    3. लहसुन का सेवन | Intake of garlic

    फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हम लहसुन का भी उपयोग कर सकते हैं क्योंकि लहसुन हमारे शरीर में एक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है. 

    लहसुन के अंदर एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीफंगल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी, विटामिन C, विटामिन A और भी कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं. 

    हर 100 ग्राम लहसुन के अंदर विटामिन C की मात्रा 31.2mg होती है. 

    सुबह खाली पेट लहसुन की एक या दो कली को बारीक काटकर हल्के गुनगुने पानी के साथ पीने से हमारे फेफड़े स्वस्थ होते हैं और हमारी इम्यूनिटी पावर भी बढ़ती है.

    4. अदरक का उपयोग | use of ginger

    फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए अदरक का भी उपयोग कर सकते हैं क्योंकि अदरक के अंदर एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं.

    जो हमारे शरीर से हानिकारक पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करते हैं. अदरक के उपयोग से हमारे फेफड़ों के परिसंचरण मे सुधार होता है और हमारे फेफड़े स्वस्थ रहते हैं.


    5. ओमेगा 3 फैटी एसिड | Omega-3 Fatty Acid

    ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए और फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए भी आवश्यक होता है. 

    ओमेगा 3 के सेवन से हमारे शरीर की कोशिकाएं ठीक से काम करती हैं और हमारे शरीर में खून का जमना और अस्थमा जैसी बीमारियों में भी लाभ होता है.

    ओमेगा 3 फैटी एसिड हमें कई चीजों से प्राप्त होते हैं जैसे कि अखरोट, सूखे मेवे, सरसों के बीज, हरी सब्जियां, ब्रोकली स्ट्रॉबेरी, गाय का दूध, मूंगफली और अंडा आदि.

    6. प्रदूषण से बचें | Avoid pollution

    हर कोई अपनी जीवन शैली में व्यस्त है कोई घर पर रहकर काम करता है और कोई बाहर. जो लोग बाहर रहकर दिन भर अपने काम में व्यस्त रहते हैं उनको हमेशा आसपास के प्रदूषण से बचके रहना चाहिए. 

    क्योंकि प्रदूषण के अंदर अधिक मात्रा में हानिकारक तत्व या बैक्टीरियल होते हैं जो हमारे द्वारा सांस लेने पर शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं.

    और धीरे-धीरे हमारे फेफड़ों में जमा होने लगते हैं जिससे हमें कुछ समय बाद कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.

    फेफड़ों (लंग्स) को स्वस्थ रखने के लिए 9 अचूक उपाय और योगासन

    7. धूम्रपान न करें | Do not smoke

    यदि हमें अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखना है तो हमें धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से बचना चाहिए. धूम्रपान करना हमारे फेफड़ों के लिए बहुत ही नुकसानदायक होता है.

    दुनिया में तंबाकू के सेवन से हर साल कई लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है और हर साल यह मृत्यु दर का आंकड़ा बढ़ता ही जाता है.

    तंबाकू के सेवन से हमें फेफड़ों से संबंधित कैंसर जैसी बीमारियां तो होती ही हैं और साथ में निमोनिया, मधुमेह, अंधापन जैसे रोग भी हो सकते हैं.

    8. पौष्टिक आहार का सेवन करें | Eat nutritious food

    फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हमें उन सभी पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए जिसके अंदर एंटी-ऑक्सीडेंट तत्वों की मात्रा ज्यादा होती है.

    क्योंकि एंटी-ऑक्सीडेंट्स तत्व हमारे शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालते हैं और हमारी बॉडी को डिटॉक्सिफाई करते है.

    हम अपने आहार में कुछ फल और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं जैसे कि हरी सब्जियां, पालक, फूलगोभी, ब्रोकोली, प्याज, लहसुन, अंगूर, सेब, अंडा, स्ट्रॉबेरी, मछली, ग्रीन-टी, ब्लैक-टी आदि.

    9. अधिक पानी का सेवन करें | Drink more water

    फेफड़ों को साफ करने के लिए हमें अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि शुद्ध पानी अपने आप में ही दवा का काम करता है.

    पानी के अंदर ही पर्याप्त मात्रा में मिनरल्स पाए जाते हैं जो हमारे फेफड़ों से निकोटिन पदार्थ को बाहर निकालते हैं और हमारी बॉडी को डिटॉक्सिफाई करते हैं.

    दिन भर में कम से कम 7 से 8 लीटर पानी पीने से हमें ऊर्जा भी मिलती है और हमारा तन-मन स्वस्थ रहता है.


    फेफड़ो के लिए लंग्स एक्सरसाइज | Lung exercises in hindi

    यदि हम अपने व्यस्त जीवन से थोड़ा सा समय निकाल कर व्यायाम करते हैं तो इससे हमारा शरीर फिजिकली फिट तो रहता ही है और हम कई बीमारियों से बचे रहते हैं.

    तो आइए जानते हैं, हम एक्सरसाइज के द्वारा फेफड़ों को कैसे स्वस्थ रख सकते हैं?

    1. गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज | Deep breathing exercises

    यदि हम गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करते हैं तो इससे हमारे संपूर्ण शरीर को फायदा होता है. हमारे फेफड़े तो स्वस्थ होते ही हैं साथ में हमारा हृदय भी स्वस्थ रहता है.

    गहरी सांस (breathing exercises) लेने के और भी कई फायदे हैं, जैसे कि हमारा शरीफ डिटॉक्सिफाई होता है यानी कि हमारे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं.

    शरीर में ऑक्सीजन का स्तर पड़ता है, तनाव कम होता है, पाचन तंत्र दुरुस्त होता है, और हमारी श्वसन प्रणाली भी बेहतर होती है.

    2. कार्डियो व्यायाम | Cardio exercise

    यदि हम अपने व्यस्त जीवन में से 30 या 35 मिनट कार्डियो एक्सरसाइज करते हैं तो इससे हमारे संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है. 

    कार्डियो एक्सरसाइज में आप जोगिंग, रनिंग, स्विमिंग, जैसी एक्सरसाइज अपना सकते हैं जो कि फेफड़ो के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है.

    कार्डियो व्यायाम करने से हमारी मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हमारे शरीर को अंदर से तरोताजा ऊर्जा प्राप्त होती है और हम दिन भर अपने आप को ऊर्जावान महसूस करते हैं. 

    3. स्विमिंग | Swimming

    स्विमिंग करना फेफड़ों के लिए एक बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज मानी जाती है. जब हम पानी के अंदर स्विमिंग करते हैं तो हमें अपनी सांस को रोकना पड़ता है जिससे हमारे फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ती है और यह मजबूत होते हैं.

    स्विमिंग करने से हमें और भी कई फायदे होते हैं जैसे कि वजन कम करने में, स्टेमिना बढ़ाने, फिजिकली फिट रहने में, मांसपेशियां मजबूत करने और तनाव दूर करने में आदि.

    4. बेबी पुश-अप | Baby push-ups

    नियमित रूप से पुशअप्स करने से हमारे शरीर की फिजिकल एक्टिविटी बढ़ती है और साथ में हम कई बीमारियों से भी बचे रहते हैं.

    फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए पुश-अप्स एक बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज है जिससे हमारे फेफड़ों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, हमारे फेफड़ों की कार्य क्षमता बढ़ती है और फेफड़ों से संबंधित होने वाली बीमारियों का भी खतरा कम रहता है.

    फेफड़ों (लंग्स) को स्वस्थ रखने के लिए 9 अचूक उपाय और योगासन

    फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए घरेलू उपाय | Home remedies to keep lungs healthy

    यदि हम अपने जीवन में इतने व्यस्त हैं कि हमारे पास व्यायाम करने का समय नहीं है तो हम कुछ घरेलू उपाय का उपयोग करके अपने फेफड़ों को स्वस्थ रख सकते हैं तो आइए पढ़ते हैं.

    ग्रीन टी - ग्रीन टी का सेवन फेफड़ों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है क्योंकि ग्रीन टी के अंदर पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो हमारे फेफड़े और शरीर को डिटॉक्सिफाई करते हैं.

    गाजर - गाजर का जूस हमारे फेफड़ों के लिए बहुत ही फायदेमंद है. हमें सुबह नाश्ते में या दोपहर में खाने के साथ 300 ml गाजर का जूस पीना चाहिए इससे हमारे फेफड़े अच्छी तरह से डिटॉक्सिफाई होते हैं.

    नींबू रस - यदि हम सुबह के समय एक गिलास पानी में नींबू डालकर नींबू पानी का सेवन करते हैं तो इससे हमारे फेफड़े साफ होते हैं. यदि सुबह हम अनानास या अनार का जूस पीते हैं तो यह भी हमारे फेफड़ों के लिए फायदेमंद होता है.

    अदरक की चाय - फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हम अदरक की चाय का भी सेवन कर सकते हैं, क्योंकि अदरक के अंदर भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो हमारे फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को पसीने के द्वारा बाहर निकालते हैं और फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.

    फेफड़ों को साफ करने की ड्रिंक - एक लीटर गर्म पानी में एक चम्मच सोंठ पाउडर, एक चम्मच हल्दी पाउडर और थोड़े से प्याज के छोटे-छोटे टुकड़े इस 1 लीटर पानी में मिला दें.

    इसे धीमी आंच पर जब तक पकाएं जब तक यह पानी आधा लीटर न रह जाए. बचे हुए आधा लीटर पानी को आप दो बार में पिए और दोनों के बीच में कम से कम 15 घंटे का गैप रखें.

    फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए योगासन | Yoga 

    यदि हम अपने व्यस्त जीवन में थोड़ा सा समय निकाल कर योगासन करते हैं, तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. तो आइए जानते हैं कि हम अपने फेफड़ों को साफ करने के लिए कौन से योगासन कर सकते हैं.

    1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम | Anulom-vilom pranayam

    अनुलोम-विलोम एक बहुत ही चमत्कारिक प्राणायाम है जिससे हमारे शरीर को कई फायदे होते हैं, जैसे कि

    A. यह हर तरह की चिंता को दूर रखने में मदद करता है, दिल में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आने देता है,.

    B. फेफड़ों को साफ करने के लिए और सांस की किसी भी तरह की बीमारी के लिए या योगासन बहुत ही फायदेमंद है.

    2. त्रिकोणासन प्राणायाम | Trigonasana pranayam

    A. त्रिकोणासन करने पर हमारी सांस फेफड़ों तक आसानी से पहुंचती है.

    B. पैरों व जांघों की मांसपेशियां भी मजबूत होती है.

    C. यह आसन पैरों, घुटनों, और हाथों को मजबूती प्रदान करता है. 

    D. तनाव को कम करता है, शारीरिक और मानसिक शक्ति और स्थिरता भी बढ़ाने में मदद करता है.

    3. गोमुखासन प्राणायाम | Gomukhasana pranayam

    A. गोमुखासन प्राणायाम करने से यह सीने के रास्ते को सांस पास होने के लिए खोल देता है. 

    B. अस्थमा जैसी बीमारियों के लिए भी बहुत फायदेमंद है, क्योंकि इस आसन के करने से हमारे फेफड़े और श्वसन प्रणाली मजबूत होती है.

    C. थकावट दूर होने के साथ-साथ तनाव भी कम होता है और पीठ दर्द में भी बहुत आराम देता है. 

    4. भुजंगासन | Bhujangasana pranayam

    A. भुजंगासन प्राणायाम करने से अधिक से अधिक ऑक्सीजन शरीर में सूखने के लिए मददगार होता है.

    B. रीढ़ की हड्डियों में मजबूती और लचीलापन पड़ता है. 

    C. पाचन तंत्र, योन शक्ति भी बढ़ती है.

    D. फेफड़े, कंधे, सीने और पेट के निचले हिस्से को भी अच्छा खिंचाव मिलता है.

    सारांश | Summary in hindi

    फेफड़े हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, सांस लेना और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ना हमारे फेफड़ों के द्वारा ही संभव होता है.

    हमने अपने इस लेख में जाना की फेफड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय (Tips), फेफड़ों को साफ करने के लिए एक्सरसाइज और योगासन.

    अंत में मैं आपसे यही कहूंगा कि हमें अपने जीवन में ऐसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए जिससे हमारे शरीर को नुकसान हो और हमें आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़े. धन्यवाद

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    केला खाने के फायदे, उपयोग और नुकसान | Benefits and side effects of banana in hindi

    केला खाने के फायदे, उपयोग और नुकसान

    केला एक बहुत ही स्वास्थ्य वर्धक फल है, खाने में केला स्वादिष्ट तो लगता ही है लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी औषधि से कम नहीं.

    हम अपने इस पूरे लेख में जानेंगे कि केले खाने से हमारी सेहत को क्या फायदे, नुकसान, उपयोग, केले खाने का सही समय, दूध और केला साथ में खाना चाहिए या नहीं और केले की तासीर ठंडी होती है या गर्म.

    अगर हम केले की तुलना दूसरे फलों से करते हैं तो यह सस्ता,पोषक तत्वों से भरपूर और पूरे साल भर मिलने वाला फल है.

    यदि हम प्रतिदिन एक सेब का सेवन करते हैं तो हम कई बीमारियों से बचे रहते हैं, उसी तरह केले का सेवन करके भी हम कई बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं. 

    केला एक ऐसा फल है जिसे हम खाना खाने के बाद खाना पचाने के लिए और सुबह नाश्ते के रूप में भी खा सकते हैं. 

    केले के अंदर कई तरह के पोषक तत्व होते हैं जैसे कि ऊर्जा (Energy), प्रोटीन, डाइटरी फाइबर,नियासिन,विटामिन A, विटामिन C, विटामिन E, विटामिन K, सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, कॉपर और आयरन आदि. 

    आइए आगे पढ़ते हैं केले के बारे में कुछ रोचक तथ्य और इसके सेहतमंद फायदे. 



      केले के बारे में कुछ रोचक जानकारियां | Information about banana in hindi

      • केले की तासीर ठंडी होती है.
      • केले की एक पंक्ति में 3 से 20 केले होते है.
      • संयुक्त राष्ट्रीय खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार केले की लगभग 1000 प्रजातियां होती हैं. 
      • केले में लगभग 75% पानी होता है. 
      • केले का उत्पादन एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के अन्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों और ऑस्ट्रेलिया में भी किया जाता है.
      • विश्व में केले का उत्पादन सबसे ज्यादा भारत में होता है. 
      • भारत के तमिलनाडु राज्य में सबसे ज्यादा केले का उत्पादन होता है. 
      • केले का वैज्ञानिक नाम मूसा सेपिटनम है. इसका मतलब है “बुद्धिमान व्यक्ति का फल”
      • यदि हम 2 केले का सेवन करते हैं तो इससे हमें 90 मिनट काम करने की ऊर्जा प्राप्त होती है.
      • केला हिंदू धर्म का बहुत ही पवित्र फल माना जाता है और हिंदू धर्म में केले के वृक्ष की पूजा भी की जाती है. 
      • 100g केले के अंदर 2.6g फाइबर की मात्रा पाई जाती है जो हमारी पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.
      • केला एक ऐसा एकमात्र फल है जिसके अंदर बीज नहीं पाया जाता है.


      केले के सेहतमंद फायदे या लाभ | Benefits of banana in hindi

      आइए जानते हैं केले का सेवन करने से हमारे शरीर को क्या फायदे होते हैं कैसे हम कई गंभीर बीमारियों से अपने स्वास्थ्य की देखभाल कर सकते हैं? तो आइए पढ़ते हैं.

      1. ऊर्जावान बनाए रखने में | Energetic

      यदि हम अपनी दिनचर्या के काम को करने में इतने व्यस्त रहते हैं कि हम अपने सेहत की देखभाल नहीं कर पाते हैं, तो हमें ज्यादा कुछ नहीं करना है आप सुबह नाश्ते के समय 2 केलो का सेवन या खाना खाने के बाद 2-3 केलो का सेवन कर सकते हैं. 

      जिससे आपका खाना भी पच जाएगा और आप सुबह से शाम तक अपने आप को ऊर्जावान महसूस करेंगे. क्योंकि केले के अंदर सबसे ज्यादा ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, ग्लूकोज होता है.

      हर 100 ग्राम केले के अंदर 89 कैलोरी होती है.

      2. केले का फायदा आँखों के लिए | Benefits For Eyes

      केला खाने के बहुत फायदे होते हैं उनमें से एक हमारी आंखों के लिए भी है, यदि हम नियमित केले का सेवन करते हैं तो इसमें पाए जाने वाला विटामिन A हमारी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है और आंखों की कई रोग भी धीरे-धीरे कम होने लगते हैं. 

      इसलिए यदि हम अपनी आंखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो हमें दिन में कम से कम 2 या 3 केलो का सेवन जरूर करना चाहिए. 

      हर 100 ग्राम केले के अंदर 64 IU (International unit) विटामिन A पाया जाता है जो कि हमारी आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद है. 

      3. केला करे खून की कमी पूरी | anemia

      केला एक ऐसा फल है जो दूसरों फलों से कम नहीं क्योंकि केला खाने के कितने फायदे होते हैं? हम सोच भी नहीं सकते. जैसे कि यदि आपको खून की कमी या आप एनीमिया जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं तो आप केले का सेवन कर सकते हैं.

      केले के अंदर लोह तत्व विटामिन, आयरन की मात्रा पाई जाती है जो आपके अंदर खून की कमी को पूरा करता है और छोटी-छोटी बीमारी जैसे थकान, चक्कर आना, सिर दर्द, सांस की तकलीफ आदि इन सब में भी फायदा होता है. 

      4. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में केले के फायदे | Increasing immunity

      यदि आप अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखना चाहते हैं, आप चाहते हैं कि हम बार-बार बीमार ना पड़े तो हमें कुछ ऐसे फलों का भी सेवन करना चाहिए जो हमारे शरीर में विटामिंस, खनिज तत्व, एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों की पूर्ति करते रहें. 

      हम अपनी इस पोस्ट में केले फल की बात कर रहे हैं जो कि अपने आप में एक बहुत ही अच्छा पौष्टिक फल है. इसके नियमित सेवन से हमें विटामिन A, विटामिन C, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों की प्राप्ति होती है.

      जो हमारे अंदर के सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और बाहरी संक्रमण से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं.

      5. मोटापा कम करने के लिए केले के फायदे | Reduce obesity

      वजन या मोटापा घटाने के लिए केला एक बहुत ही फायदेमंद फल है, क्योंकि केले के अंदर भरपूर मात्रा में फाइबर और ऊर्जा होती है.

      जिसके सेवन से हमें काफी समय तक भूख महसूस नहीं होती है, जिससे हम अधिक मात्रा में भोजन का सेवन नहीं करते हैं और हमारी पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है.

      केला खाने के फायदे, उपयोग और नुकसान
      केला खाने के 9 सेहतमंद फायदे

      6. पाचन क्रिया में केले के फायदे | Digestion

      यदि हम केले का सेवन करते हैं तो इससे शरीर की पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है. क्योंकि केले के अंदर एक अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है.

      यदि हम फाइबर युक्त भोजन ग्रहण करते हैं तो ऐसे पदार्थ हमारी आंतो में चिपकते नहीं है, जिससे हमें मल त्यागने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है और हमारी पाचन संबंधी समस्याएं भी दूर रहती हैं. 

      फाइबर युक्त भोजन करने से हम बवासीर जैसी बीमारियों से भी बच सकते हैं.

      7. हड्डियों की मजबूती के लिए | Bones

      केले का सेवन हमारी हड्डियों की मजबूती के लिए भी फायदेमंद होता है. यदि हमें अपनी हड्डियों की देखभाल करनी है तो हमें विटामिन D पोषक तत्व की प्राप्ति होना अनिवार्य होता है.

      केले के अंदर कैल्शियम, मैग्निशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारी हड्डियों की विकास के लिए जरूरी होते हैं.

      8. हृदय के लिए केले के फायदे | heart

      केला एक ऐसा फल है जो हमारे शरीर के कई अंगों की देखभाल करने में सक्षम है. केला खाना हमारे हृदय के लिए भी फायदेमंद होता है, क्योंकि केला खाने से हमें पोटेशियम तत्व की प्राप्ति होती है जो हमारे शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है.

      पोटेशियम हमारे हृदय, मस्तिष्क और मांसपेशियों के कामकाज के लिए भी आवश्यक होता है. इसलिए हमारे शरीर को पोटेशियम तत्व की प्राप्ति होना भी जरूरी है.

      भरपूर मात्रा में पोटेशियम युक्त पदार्थों का सेवन करने से हम हृदय संबंधित बीमारी जैसे हार्टअटैक, हाइपरटेंशन और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याओं से बचे रहते हैं.

      9. स्वस्थ मस्तिष्क | Healthy brain

      यदि हम अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो हमें केले का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि इसके अंदर विटामिन B6 और मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं.

      जो हमारे मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को मजबूत बनाते हैं. विटामिन B6 जैसे तत्व शारीरिक और मानसिक कार्यों के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

      केला खाने के फायदे, उपयोग और नुकसान

      केले के घरेलू उपाय | Banana home remedy in hindi

      स्वस्थ रहने के लिए और बहुत सी बीमारियों से बचने के लिए हम फलों का सेवन तो करते ही हैं लेकिन यदि हम  फलों को घरेलू उपायों की तरह उपयोग करें तो यह और भी फायदेमंद होता है.

      तो आइए जानते हैं केले के उपयोगों के बारे में.

      सूजन - सभी प्रकार की सूजन को कम करने के लिए केला खाना लाभकारी होता है.

      चोट लग जाना – चोट या रगड़ लगने पर केले के छिलके को उस स्थान पर बांधने से सूजन नहीं बढ़ती है.

      गैस्ट्रिक अल्सर - गैस्ट्रिक अल्सर के मरीजों को दूध और केला एक साथ खाना चाहिए. केला और दूध का सेवन करने से पेट के अल्सर में फायदा होता है.

      हृदय का दर्द -  2 केले 15 ग्राम शहद के साथ मिलाकर खाने से दिल में होने वाला दर्द ठीक हो जाता है.

      मिट्टी खाना - अगर बच्चों को मिट्टी खाने की आदत हो तो उन्हें एक पका हुआ केला शहद में मिलाकर खिलाना चाहिए इनसे उनकी मिट्टी खाने की आदत छूट जाती है. 

      दाद खाज - केले के गूदे को नींबू के रस में पीस लें और दाद, खाज या खुजली पर लगाएं इससे हमें दाद खाज खुजली में आराम मिलता है.

      पेट का दर्द - किसी भी प्रकार की पेट के दर्द में केला खाना लाभकारी होता है. दस्त, पेट का दर्द, पाचन क्रिया के सुधार में और कब्ज जैसी बीमारियों में केला खाना लाभकारी होता है. 

      दस्त – 2 केले लगभग 100 ग्राम दही के साथ कुछ दिन तक खाने से दस्त में आराम मिलता है. 

      मुंह के छाले - जीभ पर छाले होने पर एक केला गाय के दही के साथ सुबह-शाम सेवन करने से लाभ होता है.

      नाक से खून आना - एक गिलास दूध में चीनी मिलाकर दो केले के साथ प्रतिदिन 10 दिनों तक खाने से नाक से खून आना बंद हो जाता है.

      पेशाब का रुक जाना - केले की जड़ के बीच के भाग को पीसकर पेट की नाभि के नीचे तक लेप लगाने से बंद पेशाब खुलकर आने लगती है. 

      पेशाब का बार बार आना1. प्रतिदिन खाना खाने के बाद दो पके केले खाने से पेशाब का बार बार आना बंद हो जाता है. 

      2. पका हुआ दो केले एक चम्मच आंवला का रस और 10 ग्राम मिश्री मिलाकर 4 से 5 दिनों तक पीने से बार बार पेशाब आना ठीक हो जाता है. 

      उच्च रक्तचाप - केले में पोटेशियम की अधिकता के कारण यह उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए विशेष लाभकारी होता है. केला खाने से हाई ब्लड प्रेशर सामान्य बना रहता है. 

      प्रतिदिन एक पका केला खाली पेट खाने और ऊपर से इलायची के 2 दाने चबाने से हाई ब्लड प्रेशर सामान्य बना रहता है. 

      हिचकी - 3 ग्राम केले की जड़ को पानी के साथ घिसकर उसमें चीनी और मिश्री मिलाकर सेवन करने से हिचकी नहीं आती है. 

      जलन - केले और कमल के पत्तों पर सोने से शरीर की जलन शांत होती है. 

      कमजोरी - खाना खाने के बाद 3 महीने तक केला खाने से कमजोरी दूर हो जाती है. 

      वीर्य रोग - एक पका केला 5 ग्राम घी के साथ सुबह-शाम 1 सप्ताह तक खाने से धातु के रोग खत्म हो जाते हैं. 

      काली खांसी – केले के सूखे पत्तों को जलाकर राख बना लें. इस राख को लगभग 6 मिलीग्राम शहद में मिलाकर रोगी को दिन में तीन से चार बार देने से काली खांसी दूर होती है. 

      गंजापन - केले के गूदे को नींबू के रस के साथ पीसकर सिर पर लगाने से गंजेपन का रोग दूर होता है. 

      रतौंधी - केले के पत्तों का रस आंखों में लगाने से रतौंधी रोग दूर होने की संभावना होती है. 

      उल्टी - 5 ग्राम केले के रस में शहद मिलाकर पीने से उल्टी में लाभ होता है. 

      पेचिश - 1. केले को मसल कर उसमें जीरा और नमक मिलाकर खाने से पेचिश का रोग ठीक होता है. 

      2. केले को दही में मिलाकर खाने से पेचिश का रोग दूर होता है. 

      3. पेचिश के रोगी को केले की रोटी बनाकर खाना खिलाना चाहिए इससे दस्त में खून का आना बंद होता है. 

      घाव - केले के छिलके को पीसकर घाव पर लगाने से घाव ठीक होता है. 

      आंतों का घाव - केले का रस 20 से 40 ग्राम और कालीमिर्च मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से आमाशय की जलन व घाव समाप्त होती है.

      जी मचलना - केले पर चीनी और इलायची डालकर खाने से खट्टी डकार आना बंद होती हैं. यदि पेट में जलन शुरू होकर गले तक फैलती है तो 2 केले, चीनी व इलायची मिलाकर खाना चाहिए. 

      कफ - गले में कफ अधिक बनने पर केला और शहतूत खाना लाभदायक होता है.

      मधुमेह - मधुमेह के रोग में कच्चे केले के टुकड़े करके उसे सुखा लें और उसे कूटकर चूर्ण बना कर बोतल में भर लें. यह चूर्ण एक चम्मच गाय के दूध के साथ सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है. 

      मधुमेह रोगी को बार-बार पेशाब लगती है तो उसे केला खाना बहुत फायदेमंद होता है. 

      पित्त की पथरी - केले के तने में थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पीने से कुछ दिनों में पथरी निकल जाती है.

      पेट का दर्द - केले के रस में काला नमक मिलाकर खाने से पेट का दर्द तुरंत बंद हो जाता है. 

      पेट के कीड़े - कच्चे केले की सब्जी 7 से 8 दिन तक सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं.

      चेचक - केले के बीजों का चूर्ण बनाकर शहद में मिलाकर पीने से चेचक रोग जल्दी ठीक होता है, और दूसरे लोगों को भी चेचक होने का डर नहीं रहता है. 

      पीलिया1. खाने वाला चूना 1 ग्राम को एक केले में प्रतिदिन भूखे पेट खाने से कुछ दिनों में पीलिया रोग ठीक हो जाता है. 

      2. पका हुआ केला और शहद मिलाकर खाने से पीलिया रोग में भी आराम मिलता है.


      केले के पोषक तत्व (विटामिन्स) की मात्रा – (Banana Nutrient Value Per 100 g in hindi)

      According to the USDA National Nutrients Database

      पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity) अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Dieatry Allowance - The estimated amount of a nutrient per day for good health)
      ऊर्जा (Energy) 89 Kcal 4.50 %
      कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 22.84 g 18 %
      प्रोटीन (Protein) 1.09 g 2%
      टोटल फैट (Total fat) 0.33 g 1 %
      कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) 0 mg 0 %
      फाइबर (Dietary Fiber) 2.60 g 7 %
      फोलटेस (Folates) 20 µg 5 %
      नियासिन (Niacin) 0.665 mg 4 %
      पाइरिडोक्सिन (pyridoxine) 0.334 mg 7 %
      राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.073 mg 5 %
      थायमिन (Thiamin) 0.031 mg 2 %
      विटामिन (Vitamin A) 64 IU 2 %
      विटामिन (Vitamin C) 8.7 mg 15 %
      विटामिन (Vitamin E) 0.10 mg 1 %
      विटामिन (Vitamin k) 0.5 µg 1 %
      सोडियम (Sodium) 1 mg 0 %
      पोटेशियम (Potassium) 358 mg 8 %
      आयरन (Iron) 0.26 mg 2 %
      मैग्नीशियम (Megnesium) 27 mg 7 %
      मैग्नीज (Manganese) 0.270 mg 13 %
      जिंक (Zinc) 0.15 mg 1 %
      कैल्शियम (Calcium) 5 mg 0.50 %
      कॉपर (Copper) 0.078 mg 8 %


      केला खाने का सही समय क्या होता है | What is the right time to eat banana?

      केला एक बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक और पोषक तत्वों से भरा हुआ फल है, लेकिन इसे खाने से पहले हमें कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है, तो आइए जानते हैं.

      सुबह के समय केला खाने के फायदे और नुकसान

      सुबह के समय केले का सेवन हमारे पूरे शरीर को एक नई ऊर्जा प्रदान करता है. जिससे हम अपनी दिनचर्या को बिना थकान महसूस किए ही खत्म कर लेते हैं.

      क्योंकि केले के अंदर ऊर्जा, विटामिंस, पोषक तत्व, एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो कि हमें दिन भर ऊर्जावान बनाए रखते हैं.

      लेकिन बहुत से लोग समय की कमी के अभाव से सुबह नाश्ते के रूप में केले का सेवन खाली पेट ही कर लेते हैं जो कि बिल्कुल गलत है. 

      आयुर्वेद के अनुसार भी केले का सेवन हमें खाली पेट नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके अंदर मैग्नीशियम, कैल्शियम, फाइबर की मात्रा अधिक होती है जिससे हमारी सेहत बिगड़ सकती है. 

      खाली पेट केला खाने से दूसरा नुकसान हमें यह होता है कि हमारी भूख भी मर जाती है. 

      रात में केला खाने के नुकसान

      बहुत से लोग रात में खाना खाने के बाद या शाम के समय केले का सेवन कर लेते हैं. इससे हमारे स्वास्थ्य को कहीं ना कहीं नुकसान पहुंच सकता है. 

      आयुर्वेद के अनुसार केले खाने का सही समय सुबह 8 बजे से लेकर 11 बजे तक का होता है. केला एक अम्लीय और ठंडी तासीर वाला फल है, इसलिए इसका सेवन रात में नुकसानदायक हो सकता है.

      रात में केले का सेवन हमें खांसी, कफ, अल्सर और पेट में दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है. इसलिए केले का सेवन हमेशा ब्रेकफास्ट के बाद सुबह और दोपहर में ही करना चाहिए.


      केला खाने के फायदे, उपयोग और नुकसान


      केले की तासीर कैसी होती है?

      केला ठंडी तासीर वाला फल है इसके खाने के फायदे भी बहुत हैं और कुछ नुकसान भी. केला एक ठंडी प्रकृति वाला फल है इसलिए इसका सेवन हमें शाम और रात में नहीं करना चाहिए.

      दूध और केला खाने के फायदे

      दूध और केला साथ में खाने से या बनाना शेक (Banana shake) पीने से हमारी सेहत को कई गजब के फायदे होते हैं. 

      ऐसे कई विटामिंस होते हैं जो दूध में नहीं होते हैं लेकिन केले के अंदर पाए जाते हैं और जो केले के अंदर नहीं होते हैं वह दूध के अंदर पाए जाते हैं, तो इसके मिश्रण से हमें हर तरह के विटामिंस, मिनरल्स और पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है जो हमारी सेहत के लिए जरूरी होते हैं. 

      इसलिए बहुत से लोग बनाना शेक या दूध और केले का सेवन साथ में करते हैं. जैसा कि हम जानते है जो लोग जिम में वर्कआउट करते हैं वह बनाना शेक का सेवन जरूर करते हैं जिससे उन्हें भरपूर एनर्जी मिलती रहे. 

      दूध और केला साथ में खाने के नुकसान 

      बहुत से लोग दूध और केले का सेवन साथ में करते हैं जिससे हमें फायदा तो होता है लेकिन इसका नुकसान भी है. आयुर्वेद विशेषज्ञों का यह कहना है की दूध और केला साथ में लेने से हमें जठराग्नि, अपच की समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि दूध और केले दोनों की ही तासीर ठंडी होती है.

      दूध और केला साथ में लेने से हमें सर्दी, खांसी, जुखाम, पाचन क्रिया, उल्टी और एलर्जी संबंधित समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है. 

      इसलिए कई विशेषज्ञों का यह कहना है कि पहले हमें दूध का सेवन करना चाहिए उसके 20-25 मिनट बाद हम केले का सेवन कर सकते हैं.

      केले खाने के नुकसान | Side effects of eating bananas in hindi

      वैसे तो केला खाने से हमारे स्वास्थ्य को कई लाभ होते हैं, लेकिन यदि हम अधिक मात्रा में केले का सेवन कर लेते हैं तो हमें कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है.

      तो आइए जानते हैं केले खाने के क्या नुकसान हो सकते हैं?

      1. केले के अंदर फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से हमें पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. 

      2. केले के अंदर पोटेशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है इसलिए इसका अधिक सेवन करने से यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. 

      3. केले का अधिक मात्रा में सेवन करना हमारे शरीर के वजन को बढ़ा सकता है. 

      4. केले का अधिक मात्रा में सेवन करने से दांतों में कीड़ा लगने का डर रहता है. 

      5. जिन व्यक्तियों को गुर्दे सही रूप से काम नहीं करते हैं उन्हें केला का सेवन नहीं करना चाहिए. 

      6. कच्चे केले का अधिक मात्रा में सेवन करने से हमें कब्ज की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है.

      आखिरी शब्द | last word

      इस पूरे लेख में हमने यह जाना कि केले खाने से हमारी सेहत को क्या फायदे और नुकसान होते हैं. हमने यह भी जाना की केले का हम कैसे उपयोग करते हैं?

      दूध और केला साथ में खाने के क्या फायदे और नुकसान होते हैं, केला खाने का सही समय और इसकी तासीर के बारे में.

      अगर हम केले की तुलना किसी दूसरे फलों से करते हैं तो केला एक सस्ता और पोषक तत्वों से भरा हुआ फल है, जो स्वादिष्ट तो है ही और साथ में हमारी सेहत का भी ख्याल रखता है.

      अंत में मैं यही कहूंगा कि हमें हर उन फलों का सेवन करना चाहिए जो मौसम के अनुसार आते रहते हैं. धन्यवाद

      यह भी पढ़ें

      शहद (Honey) खाने के फायदे | Benefits of honey in hindi

      शहद (Honey) खाने के फायदे | Benefits of honey in hindi

      आज हम अपने इस लेख में जानेंगे कि शहद खाने से हमारे शरीर को क्या अचूक फायदे होते हैं और हम किन-किन बीमारियों से बचे रहते हैं. शहद खाने में जितना स्वादिष्ट और मीठा होता है उससे कहीं ज्यादा शहद के लाभ होते हैं.

      प्राचीन काल के समय से ही शहद का उपयोग सेहत को स्वस्थ रखने के लिए किया जा रहा है. इसीलिए आज के समय में भी हर आयुर्वेदिक दवाइयों में जहां तक की एलोपैथिक दवाइयों में भी शहद का उपयोग किया जा रहा है.

      यदि हम स्वस्थ और फिट रहना चाहते हैं तो हमें शहद का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि शहद के अंदर वह सारे जरूरी पोषक तत्व (Nutrients) पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को अंदरूनी शक्ति प्रदान करते हैं और बाहरी संक्रमणो से हमारे शरीर की रक्षा करते हैं.

      शहद के अंदर कई विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं जैसे कि सोडियम, पोटेशियम, विटामिन A, कैल्शियम, विटामिन D, विटामिन C, आयरन, विटामिन B-6, कैलोरी (Energy) आदि. 

      यदि हम शहद का सेवन करते हैं तो हम कई छोटी-छोटी बीमारियों से भी बच सकते है जैसे कि तनाव कम करने में, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हड्डियों के रोग, प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए, हृदय रोग, कैंसर, त्वचा से संबंधित रोग आदि.

      आइए आगे जानते हैं शहद से संबंधित जानकारियों के बारे में.



        शहद से संबंधित कुछ रोचक तथ्य | Some interesting facts related to honey in hindi 

        • शहद या मधु एक मीठा चिपचिपाहट वाला अर्ध तरल पदार्थ या द्रव्य होता है.
        • शहद की तासीर गर्म होती है.
        • शहद मधुमक्खियों के छत्ते के मकरंदकोशो से प्राप्त मधुरस से तैयार किया जाता है.
        • शहद का उपयोग हम किसी भी रूप में कर सकते हैं वह हमारे लिए फायदेमंद ही होता है.
        • जो असली शहद होता है वह पानी में घुलता नहीं है.
        • शहद के अंदर एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं.
        • शहद का सबसे अधिक मात्रा में उत्पादन करने वाले देश चीन, तुर्की, संयुक्त राज्य, रूस और भारत का नाम भी इसमें शामिल है.
        • प्राचीन काल से ही शहद उपयोग में लाया जा रहा है जिसके संदर्भ हमें हिंदू धर्म के ऋग्वेद ग्रंथ में भी मिलते हैं.
        • कई अलग-अलग धर्मों में भी शहद के प्रमाण मिलते हैं जो अपनी गुणवत्ता और अपने असाधारण गुणों से कई बीमारियों से बचने के लिए और हष्ट पुष्ट रहने के लिए अपनी भूमिका निभाता है.
        • जिस शहद के अंदर प्रोटीन की मात्रा अधिक होगी वह शहद अधिक गाढ़ा होता है.
        • जो शहद गहरा होता है उसमें ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं.
        • शहद खराब नहीं होता और उसे ठीक से बंद करके रखने पर लंबे समय तक रखा जा सकता है.

        शहद के औषधीय गुणों के फायदे या लाभ | Benefits of honey in hindi

        आइए जानते हैं की यदि हम अपने दैनिक जीवन में शहद का उपयोग करते हैं तो हमारी सेहत को क्या-क्या लाभ होते हैं, और हम किन-किन बीमारियों से अपने स्वास्थ्य की देखभाल कर सकते हैं.

        1. वजन या मोटापा कम करने में शहद के फायदे | Benefits of honey in reducing weight or obesity

        यदि हम अपने मोटापे या निरंतर वजन बढ़ने से परेशान हैं तो हम अपने दैनिक जीवन में यदि शहद का उपयोग करते हैं तो यह हमारे लिए बहुत ही उपयोगी साबित होता है.

        क्योंकि कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि शहद के अंदर ऐसे खनिज तत्व और विटामिंस पाए जाते हैं जो हमारे शरीर से अतिरिक्त चर्बी को धीरे-धीरे खत्म करते हैं.

        वजन को नियंत्रण रखने में मदद करते हैं और साथ ही शरीर का कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम करते है. आगे हम चर्चा करेंगे कि हमें शहद का उपयोग वजन घटाने के लिए कैसे करना है?

        2. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में शहद के फायदे | Benefits of honey in increasing body Immunity 

        यदि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो हम मौसम परिवर्तन से होने वाली छोटी-छोटी बीमारियों से हमेशा बचे रहेंगे जैसे कि सर्दी, खांसी जुखाम आदि. 

        यदि हम प्रतिदिन शहद का सेवन करते हैं तो हमारे शरीर को अंदरूनी शक्ति प्राप्त होती है क्योंकि शहर के अंदर अच्छी मात्रा में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण तीव्र गति से करते हैं.

        3. शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में शहद के फायदे | Benefits of honey in keeping the body energetic

        हम अपनी दिनचर्या में कई ऐसे शारीरिक और मानसिक काम करते हैं जिससे हमें धीरे-धीरे थकान महसूस होने लगती है और हमारे शरीर की सारी ऊर्जा खत्म हो जाती है.

        ऐसे में शहद का सेवन करना बहुत ही उपयोगी होता है, यदि हम सुबह के समय शहद का सेवन करते हैं तो इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स और विटामिंस हमारे शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखते हैं.

        हमारे शरीर में एक ताजगी को भर देते हैं जिससे हम अपनी दिनचर्या के कामों को अच्छे से कर सकते हैं. 

        4. तनाव कम करने में शहद के फायदे | Benefits of honey in reducing stress

        तनाव या चिंता का होना एक आम बात है जो कि हमें ज्यादा सोचने से या दिनभर की दिनचर्या को खत्म करने से उत्पन्न होने लगता है.

        जब हम तनाव को महसूस करते हैं तो हम अपने आप को स्वस्थ और खुश महसूस नहीं करते हैं.

        कई रिपोर्टों के अनुसार यह ज्ञात हुआ है कि कच्चे शहद के अंदर बहुत से ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारे चिंता और हमारे स्ट्रेस लेवल को कम करने के फायदेमंद होते हैं.

        शहद बच्चों के लिए भी फायदेमंद होता है क्योंकि इसके सेवन से बच्चों को अच्छी नींद आती है. 

        5. खराब कोलेस्ट्रॉल को करें नियंत्रण | Control bad cholesterol

        जब हमारे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है तो यह हमारे हृदय की धमनियों को धीरे-धीरे ब्लॉक करने लगता है जिससे हृदय में रक्त सही रूप से नहीं पहुंचता है.

        कोलेस्ट्रोल एक प्रकार का वसा है जो लीवर द्वारा उत्पन्न होता है. कोलेस्ट्रोल दो प्रकार का होता है लो डेंसिटी लिपॉप्रोटीन (Low density lipoprotein) जिसे हम खराब कोलस्ट्रोल से जानते हैं और हाई डेंसिटी लिपॉप्रोटीन (High density lipoprotein) जिसे हम अच्छे कोलेस्ट्रॉल के नाम से जानते हैं.

        यदि हम शहद का नियमित सेवन करते हैं तो इससे प्राप्त होने वाले तत्वों से हमारे शरीर के अंदर खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल नियंत्रण रहता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल का निर्माण होता है.

        6. हड्डियों की मजबूती के लिए | Strengthening of bones

        उम्र के साथ-साथ हमारी हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं और हमें गठिया और ऑस्टोपायरोसिस जैसी कई बीमारियां घेरने लगती हैं. 

        हड्डियों की मजबूती के लिए भी हम शहद का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि शहद के अंदर कई तरह के विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और anti-inflammatory गुण पाए जाते हैं जो हमारी हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं.

        शहद (Honey) खाने के फायदे | Benefits of honey in hindi
        शहद खाने के 12 अनमोल फायदे | Benefits of eating honey

        7. बालों की मजबूती और देखभाल के लिए शहद के फायदे | Benefits of honey for hair strength and care

        बालों और त्वचा की देखभाल के लिए शहद का उपयोग प्राचीन समय से ही किया जा रहा है. बाजार में भी कई ऐसे आयुर्वेदिक प्रोडक्ट मौजूद हैं जिनमें शहद का उपयोग किया जाता है.

        शहद (शहद के फायदे) हमारे बालों की कई समस्याओं को खत्म करते हैं जैसे कि रूसी, बालों का टूटना, रूखापन, बालों का झड़ना आदि.

        शहद हमारे बालों के लिए इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसके अंदर एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारी बालों की देखभाल और उनकी ग्रोथ के लिए आवश्यक होते हैं.

        8. उच्च रक्तचाप में शहद के फायदे | Benefits of honey in high blood pressure

        गलत खानपान और गलत लाइफस्टाइल जीने से हमारे शरीर में कई गंभीर बीमारियां धीरे-धीरे पनपने लगती हैं. इनमें से एक है उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन बीमारी.

        यदि हम शहद का सेवन करते हैं तो यह हमारे शरीर में रक्त के स्तर को नियंत्रण करता है और हमारे शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है.

        जिससे हम काफी हद तक उच्च रक्तचाप (high blood pressure) की बीमारी से बच सकते हैं.

        9. त्वचा के लिए शहद के फायदे | Benefits of honey for the skin

        निखरती और सुंदर त्वचा के लिए हम शहद का उपयोग प्राचीन समय से ही करते आ रहे हैं. आज भी बाजार में उपलब्ध कई ऐसे प्रोडक्ट आते हैं जिनमें शहद का उपयोग हमारी त्वचा को निखारने के लिए किया जाता है.

        शहद के उपयोग से हमारे चेहरे की कई समस्याएं खत्म होती हैं जैसे कि मुहांसों का कम होना, चेहरे की झुर्रियों को कम करने में मददगार, होठों को नरम और लाल बनाने में फायदेमंद और त्वचा को साफ और प्राकृतिक निखार देने में भी मदद करता है.

        शहद हमारी त्वचा के लिए इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसके अंदर एक अच्छी मात्रा में विटामिन C, एंटी-ऑक्सीडेंट गुण, एंटी-फंगल, एंटी- बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो हमारी चेहरे की हर तरह से देखभाल करते हैं.

        जब हम त्वचा को निखारने के लिए घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं तो इसमें शहद एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

        10. शहद के फायदे कैंसर के लिए | Benefits of honey for cancer

        कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में भी सहित बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि शहद के अंदर anti-cancer गुण पाए जाते हैं जो हमारे कैंसर सेल्स को विकसित होने से रोकता है.

        11. एसिडिटी या गैस की समस्या के लिए | For acidity

        गलत खानपान की वजह से धीरे-धीरे हमें गैस या एसिडिटी की समस्या होने लगती है यह समस्या कभी-कभी एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है. 

        यदि हम शहद का उपयोग करते हैं तो हम इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. क्योंकि कई घरेलू उपायों में गैस की समस्या को खत्म करने के लिए शहद का उपयोग किया जाता है. 

        इसमें पाए जाने वाले एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण हमें एसिडिटी की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं.

        शहद के अंदर प्रोबायोटिक या सहायक बैक्टीरिया भी प्रचुर मात्रा में होते हैं जो पाचन में मदद करते हैं और एलर्जी को भी कम करते हैं.

        12. हृदय रोग में फायदेमंद | Beneficial in heart disease

        हृदय संबंधित बीमारी में भी शहद बहुत फायदेमंद होता है. शहद के उपयोग से हमारे शरीर की कोशिकाओं में जमा हुआ खराब कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम होता है और हमारे हृदय को एक शक्ति और ऊर्जा मिलती है. जिससे हम हृदय संबंधित कई बीमारियों से बच सकते हैं.

        शहद (Honey) खाने के फायदे | Benefits of honey in hindi


        शहद के घरेलू उपाय | Home remedies for honey in hindi

        शहद शरीर पर अलग तरह से असर डालता है यह निर्भर करता है कि आप इसका सेवन किस प्रकार कर रहे हैं. आइए जानते हैं शहद के घरेलू उपयोग के बारे में.

        शहद का उपयोग खून बढ़ाने के लिए - अगर शहद को गुनगुने पानी में मिलाकर पिया जाए तो उसका खून में लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) की संख्या में अच्छा असर पड़ता है.

        लाल रक्त कोशिकाएं मुख्य रूप से हमारे शरीर के अंदर विभिन्न अंगों तक खून में ऑक्सीजन पहुंचाती हैं. शहद और गुनगुने पानी का मिश्रण रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है जिससे हम खून की कमी या एनीमिया जैसी बीमारियों से बच सकते हैं.

        शहद चीनी से कम नुकसानदायक - शरीर पर सफेद चीनी के हानिकारक प्रभावों के बारे में बहुत कुछ बताया गया है, शहद इसका एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. 

        शहद के अंदर सिंपल शुगर होती है मगर वह सफेद चीनी से काफी भिन्न होती है. इसके अंदर करीब 30 फ़ीसदी ग्लूकोस और 40 फ़ीसदी फ्रक्टोज होता है.

        योग करने के लिए फायदेमंद - जो लोग नियमित रूप से योग करते हैं उनके लिए शहद का उपयोग बहुत ही फायदेमंद होता है. क्योंकि यह आपके रक्त में संतुलन लाता है, आपके शरीर को अधिक जीवंत बनाता है और अंदर से एक ऊर्जा प्रदान करता है.

        सुबह अभ्यास शुरू करने से पहले गुनगुने पानी में थोड़ा सा शहद मिलाकर लेने पर शरीर सक्रिय हो जाता है. 

        शहद एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर - शहद का सेवन लाभदायक एंटीऑक्सीडेंट तत्वों की संख्या को बढ़ाता है. शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बेहतर बनाता है.

        कई अध्ययनों में जख्मों की चिकित्सा में भी शहद के इस्तेमाल पर विचार किया गया है. एक अध्ययन में भाग लेने वाले सभी लोगों के जख्मों से सारा बैक्टीरिया नष्ट हो गया.

        एक और अध्ययन में शहद के इस्तेमाल से 15 मरीजों के जखम और पैर के अल्सर ठीक हो गए. पारंपरिक चिकित्सा में शहद के लाभ में स्वास्थ संबंधी संक्रमण का उपचार भी शामिल है. 

        दिल के लिए फायदेमंद - दिल के लिए फायदेमंद एक अनार का ताजा रस लेकर उसमें एक बड़ा चम्मच शहद मिलाएं रोजाना सुबह खाली पेट ले. 

        इससे आपके दिल की देखभाल भी होती है और कई बीमारियों से भी बचते हैं. 

        सर्दी जुखाम में शहद के फायदे - अगर आप सर्दी जुखाम से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हैं या आपको हर सुबह बंद नाक से जूझना पड़ता है. तो नीम, काली मिर्च, शहद और हल्दी का सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है.

        काली मिर्च के 10 से 12 दानों को दरदरा कूट लें और उन्हें 2 छोटे चम्मच शहद में रात भर भिगो कर रखें सुबह खूब अच्छी तरह चबाते हुए काली मिर्च के दाने खा लें.आप शहद में थोड़ी हल्दी भी मिला सकते हैं.

        खांसी में शहद के फायदे – (1) एक नींबू पानी में उबालें फिर निकालकर कांच के गिलास में निचोड़े. इसमें 30ml ग्लिसरीन और 90ml शहद मिलाकर अच्छी तरह से मिलाए इसकी एक- एक चम्मच 4 बार लेने से खांसी बंद हो जाती .

        (2) 12 ग्राम शहद दिन में तीन बार लेने से कफ निकल जाता है और खांसी ठीक हो जाती है. काली मिर्च और शहद मिलाकर पीने से खांसी और कफ में काफी आराम मिलता है.

        पेट के रोग - कम भूख लगना, कब्ज, अपच, गैस आदि को दूर करने के लिए तीन चम्मच पिसा हुआ आंवला रात को एक गिलास पानी में भिगो दें. 

        सुबह इसे छानकर चार चम्मच शहद मिलाकर पीने से हमें पेट के रोगों में काफी आराम मिलता है.

        थकावट - थकावट को दूर करने के लिए दो चम्मच शहद आधे गिलास गर्म पानी में नींबू का रस निचोड़ कर पी लें. सारी थकावट दूर हो जाएगी और आप पुनः ताजगी को महसूस करेंगे.

        हिचकी - दो चम्मच प्याज के रस में इतना ही शहद मिलाकर खाने से हिचकी बंद हो जाती है केवल शहद लेने से भी हिचकी बंद होने में मदद मिलती है.

        कब्ज के लिए - कब्ज दूर करने के लिए दूध और शहद बहुत फायदेमंद होता है. प्रातः व रात को सोने से पहले 50 ग्राम शहद ताजा पानी या दूध में मिलाकर पिए. शहद का पेट पर संतोषजनक प्रभाव पड़ता है और धीरे-धीरे कब्ज की बीमारी भी खत्म होने लगती है.

        त्वचा के लिए – नींबू, शहद, बेसन और तिल के तेल का उबटन (Scrub) लगाने से त्वचा में प्राकृतिक निखार आकर्षण बढ़ता है. क्योंकि शहद त्वचा को कोमल ,सुंदर और आकर्षक बनाता है.

        शक्ति वर्धक - शहद ह्रदय को शक्ति देने के लिए विश्व की समस्त औषधियों में सर्वोत्तम है. शहद हमारे हृदय को शक्ति प्रदान करता है वही स्वस्थ हृदय को मजबूत और शक्तिशाली बनाता है.

        शहद की एक चम्मच गर्म पानी में डालकर पिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन लेने से हृदय मजबूत बनता है और हमारे हृदय को पर्याप्त कैलोरी की प्राप्ति होती है. 

        गर्भावस्था - शहद में प्रोटीन होता है, प्रोटीन का सेवन गर्भावस्था में करने से फायदा होता है. शहद में कुछ हार्मोन होते हैं जो गर्भावस्था महिलाओं के रंग रूप को बनाए रखते हैं. 

        गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को खून की कमी आ जाती है इस दौरान शहद का उपयोग महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है. महिलाओं को दो चम्मच शहद प्रतिदिन पीने से रक्त की कमी नहीं होती है.

        सर्दी खांसी बुखार – सर्दी-खांसी होने पर एक चम्मच शहद में चौथाई चम्मच पिसी हुई पीपल मिलाकर रोजाना तीन बार खाएं.

        पीलिया - प्रतिदिन तीन बार एक-एक चम्मच शहद को पानी के गिलास में मिलाकर पीने से पीलिया में लाभ होता है.

        फेफड़ों के रोग - फेफड़ों से संबंधित बीमारियां जैसे निमोनिया, टीवी, दमा और ब्रोंकाइटिस आदि में शहद का सेवन लाभदायक होता है. 

        जल जाने पर - जले हुए अंगों पर शहद का लेप करने से जलन कम होती है, घाव होने पर जब तक ठीक ना हो शहद लगाते रहे. घाव ठीक होने पर जले हुए हुए के सफेद दाग बने रहते हैं.

        इन पर शहद लगाकर पट्टी बांधते रहे धीरे-धीरे यह सफेद दाग मिटने लगेंगे. 

        गले में - यदि आपके गले में सूजन हो तो एक चम्मच शहद दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है और यदि आपके गले की आवाज बैठ गई है तो एक कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद डालकर गरारे करने से आपकी आवाज खुल जाती है.

        शहद के पोषक तत्वों की मात्रा – (Honey Nutrient Value Per 100 g in hindi)

        पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity)
        ऊर्जा (Energy) 304 Kcal
        कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 82.4 g
        प्रोटीन (Protein) 0.3 g
        शुगर (Sugar) 82.12 g
        कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) 0 mg
        फाइबर (Dietary Fiber) 0.2 g
        फोलटेस (Folates) 2 µg
        नियासिन (Niacin) 0.121 mg
        राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.038 mg
        विटामिन (Vitamin C) 0.5 mg
        सोडियम (Sodium) 4 mg
        पोटेशियम (Potassium) 52 mg
        आयरन (Iron) 0.42 mg
        मैग्नीशियम (Megnesium) 2 mg
        मैग्नीज (Manganese) 0.08 mg
        जिंक (Zinc) 0.22 mg
        कैल्शियम (Calcium) 6 mg
        कॉपर (Copper) 0.036 mg

        असली शहद की पहचान कैसे करें | How to identify pure honey in hindi?

        1. कांच के गिलास में साफ पानी ले इसमें पतले तार की तरह शहद को गिराए यदि शहद शुद्ध होगा तो यह गिलास की सतह पर बैठ जाएगा जबकि अशुद्ध शहद पानी में घुल जाता है.

        2. थोड़े से शहद को एक रुई में भिगो लें फिर रुई को जलाएं यदि शहद नकली होगा तो यह जलेगा ही नहीं.

        3. असली शहद सर्दी में के मौसम में जम जाता है जबकि गर्मी के मौसम में यह पिघलने लगता है. लेकिन यदि आप जो शहद उपयोग में ला रहे हैं यदि वह हर मौसम में एक जैसा ही रहता है तो आपका यह शहद मिलावटी है. 

        4. शुद्ध शहद पर जब मक्खी बैठती है तो यह शहद में फंसती नहीं है जबकि मिलावटी शहद में मक्खी फसकर रह जाती हैं.

        सुबह गुनगुने पानी के साथ शहद खाने के फायदे.

        शहद एक गुणकारी प्राकृतिक औषधि है जिसके अंदर कई ऐसे विटामिंस पाए जाते हैं जो हमारी स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होते हैं.

        हम रोजाना फल, सब्जी, रोटी यह सब तो खाते ही हैं लेकिन यदि हम सुबह के टाइम खाली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच शहद का सेवन करते हैं तो यह हमारे लिए सोने पर सुहागा होता है.

        खाली पेट गुनगुने पानी के साथ शहद के सेवन से हमें कई फायदे होते हैं जैसे कि वजन कम करने के लिए, पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए, दिन भर ऊर्जावान रहने के लिए,हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में भी फायदेमंद होता है.

        शहद के नुकसान | Side effects of honey in hindi

        शहद एक प्राकृतिक औषधि है लेकिन किसी भी औषधि का सेवन अधिक मात्रा में करने से हमारे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है. तो आइए जानते हैं कि शहद से हमें क्या नुकसान हो सकते हैं?

        1. अधिक मात्रा में शहद का सेवन करने से हमें अपने शरीर में कुछ साइड इफेक्ट देखने को मिल सकते हैं जैसे की उल्टी, जी घबराना, डायरिया जैसी शिकायत हो सकती है.

        2. शहद का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. 

        3. शहद का अधिक मात्रा में सेवन करने से हमें एलर्जी की भी समस्या हो सकती है.

        4. जो भी डायबिटिक मरीज होते हैं उन्हें शहद का सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए.

        5. 1 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए क्योंकि इसमें बोटुलिज़्म बैक्टीरिया के जीवाणु होते हैं जो बच्चों को बीमार कर सकते हैं.

        पूछे जाने वाले प्रश्न | questions to ask in hindi

        Q. शहद खाने के क्या फायदे होते हैं?

        A. शहद खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है लेकिन शहद एक औषधि की तरह हमारे स्वास्थ्य के लिए काम करता है. शहद खाने से कई लाभ होते हैं.

        जैसे कि मोटापा कम करने में, ब्लड प्रेशर, चेहरे और बालों की देखभाल के लिए, हड्डियों की मजबूती, तनाव कम करने में, खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण करने के लिए, हृदय रोग, कैंसर जैसी बीमारियों में भी बहुत फायदेमंद होता है.

        Q. असली शहद की पहचान कैसे करें?

        A 1. थोड़े से शहद को एक रुई में भिगो लें फिर रुई को जलाएं यदि शहद नकली होगा तो यह जलेगा ही नहीं. 

        2. असली शहद सर्दी में के मौसम में जम जाता है जबकि गर्मी के मौसम में यह पिघलने लगता है. लेकिन यदि  आप जो शहद उपयोग में ला रहे हैं यदि वह हर मौसम में एक जैसा ही रहता है तो आपका यह शहद मिलावटी है.

        3. शुद्ध शहद पर जब मक्खी बैठती है तो यह शहद में फंसती नहीं है जबकि मिलावटी शहद में मक्खी फसकर रह जाती हैं.

        Q. शहद खाने से हम किन बीमारियों से बच सकते हैं?

        A. शहद के उपयोग से हम कई छोटी-छोटी बीमारियों से बच सकते हैं जैसे कि बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी, जुखाम, गले में हिचकिचाहट, फंगल इन्फेक्शन, दिल के रोग,ब्लड प्रेशर आदि.

        Q. शहद के अंदर कौन-कौन से विटामिंस होते हैं?

        A. शहद के अंदर कई विटामिंस पाए जाते हैं जैसे कि ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन C, सोडियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, कैलशियम और कॉपर आदि.

        Q. सुबह गर्म पानी के साथ नींबू और शहद लेने के क्या फायदे होते हैं?

        A.एसिडिटी कम करने में, त्वचा में निखार लाने के लिए, ऊर्जा की प्राप्ति ,वजन घटाने में सहायक, बॉडी डिटॉक्सिफाई करने के लिए, और रक्त का शुद्धिकरण करने के लिए आदि.

        Q.क्या हम रात में शहद का सेवन कर सकते हैं?

        A. हां, रात में सोने से पहले हम शहद का सेवन कर सकते हैं.

        Q. क्या शहद को गर्म पानी के साथ देना सही है?

        A. हां, गर्म पानी के साथ शहद लेने से हमारे शरीर को क्या फायदे होते हैं जैसे कि प्रतिरक्षा प्रणाली का मजबूत होना ,वजन कम होना, बॉडी का डिटॉक्सिफाई होना और ऊर्जा की प्राप्ति आदि.

        अंतिम शब्द | Last word in hindi

        इस पूरे लेख को पढ़कर हमें यह निष्कर्ष मिलता है कि शहद खाने से हमारे शरीर को क्या-क्या फायदे (शहद के लाभ) होते हैं और अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से हमें क्या नुकसान हो सकते हैं?

        हमने जाना कि शहद के अंदर किस प्रकार के विटामिंस या पोषक तत्व (nutrients) पाए जाते हैं और इसकी तासीर किस प्रकार की होती है?

        प्राचीन समय से ही शहद प्राकृतिक जड़ी बूटी के रूप में उपयोग किया जा रहा है इसलिए हमें भी इसका सेवन जरूर करना चाहिए. 

        हम जो प्रतिदिन भोजन ग्रहण करते हैं उनसे हमें हर प्रकार के विटामिन, ऊर्जा और खनिज तत्वों की प्राप्ति नहीं हो पाती है. 

        इसलिए हमें अपने जीवन शैली में कुछ ऐसी प्राकृतिक औषधियों को अपनाना चाहिए जो हमारी प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाएं और हमें स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखें.

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        जिस प्रकार भोजन हमारी सेहत के लिए जरूरी है उसी प्रकार फलों का सेवन भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है. क्योंकि फलों के सेवन से हमें वह सारे पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है जो हमें भोजन से प्राप्त नहीं हो पाते हैं.

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        अंजीर है सेहत का खजाना, 11 फायदे, उपयोग और नुकसान

        हम अपने इस लेख में बताने जा रहे हैं कि अंजीर खाने से हमारी सेहत को क्या फायदे (Anjeer ke fayde) और नुकसान होते हैं? अंजीर एक ऐसा फल है जो प्राचीन समय से ही औषधियों के रूप में और खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किया जा रहा है.

        अंजीर (Fig) फल का सेवन हम फलों के रूप में और ड्राई फूड के रूप में भी करते हैं. अंजीर एक बहुत ही प्राचीन फल है जिसका उल्लेख हमें ग्रंथों में भी मिलता है.

        कुछ फल कच्चे, पकने और कुछ सूखने के बाद भी हमारी सेहत को स्वस्थ रखने के लिए भी फायदेमंद होते हैं, उन्हीं में से अंजीर एक ऐसा फल है जो सूखने के बाद भी औषधीय गुणों से भरपूर होता है.

        अंजीर के अंदर ऐसे कई पोषक तत्व या विटामिंस पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए जरूरी होते हैं, जैसे कि ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, डाइटरी फाइबर, नियासिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन A, विटामिन C, विटामिन E, विटामिन K, सोडियम, पोटैशियम, कॉपर, जिंक और आयरन आदि.

          अंजीर क्या है और इससे जुड़ी हुई जानकारी | What is fig and related information in hindi?

          आइए जानते हैं कि अंजीर क्या है और इससे जुड़े हुए कुछ रोचक तथ्यों के बारे में?

          • अंजीर का वानस्पतिक नाम फिकस कैरिका है.
          • अफगानिस्तान के काबुल में अंजीर की सबसे ज्यादा पैदावार होती है.
          • भारत में अंजीर की खेती बंगलुरु, सूरत, कश्मीर, उत्तर प्रदेश, नासिक, मैसूर में बड़े पैमाने पर की जाती है.
          • यह रसीला और गूदेदार फल होता है. 
          • अंजीर एक विदेशी फल है और इसकी तासीर गर्म होती है.
          • अंजीर पकने पर लोग इसका सेवन करते हैं और इसके सूखने पर ड्राई फ्रूट की तरह इसका सेवन किया जाता है. अंजीर के फल का रंग हल्का पीला, सुनहरा, गहरा बैगनी होता है और यह दुनिया के सारे फलों में से सबसे प्राचीन फल है.
          • अंजीर फल शहतूत परिवार का सदस्य है.
          • अंजीर की खेती विभिन्न जलवायु वाले स्थानों पर की जाती है, इसका पेड़ छोटा और पतझडी प्रकृति का होता है. 

          अंजीर के प्रकार | Types of figs in hindi

          1. ब्लैक मिशन (Black mission)
          2. काडोता (kadota)
          3. कैलीमिरना (calimyrna) 
          4. ब्राउन तुर्की (Brown turkey)
          5. एड्रिएटिक (Adriatic)

          अन्य भाषाओं में अंजीर (Anjeer) के नाम – Fig name in other languages

          भाषा (Language) अर्थ (meaning)
          हिंदी (Hindi) अंजीर (Anjeer)
          उर्दू (Urdu) अंजीर (Anjeer)
          अंग्रेजी (English) फिग (Fig), कॉमन फिग (Common fig), ब्राउन टर्की फिग (Broen turkey fig)
          ओरिया (Oriya) पुष्पोषणयो (Pushposhunyo)
          संस्कृत ( Sanskrit) अंजीरक़म (Anjeerkm)
          गुजराती ( Gujarati) अंजीर (Anjeer)
          नेपाली (Nepali) फालेदो (Faledo), अंजीर (Anjeer)
          मराठी (Marathi) अंजीर (Anjeer)
          पंजाबी (Punjabi) फागु (Fagu)

          अंजीर के औषधीय फायदे | Benefits of figs in hindi 

          अंजीर एक बहुत ही प्राचीन फल है जिसकी सदियों से खेती की जा रही है. अंजीर का फल जब सूख जाता है तो हम इसका सेवन ड्राई फ्रूट की तरह करते हैं.

          यदि हम भीगे हुए अंजीर का सेवन करते हैं तो हमारी सेहत को कई स्वास्थ्यवर्धक फायदे होते हैं और हम कई बीमारियों से बचे रहते हैं या उन्हें कम कर सकते हैं. आइए जानते हैं अंजीर के फायदे के बारे में.

          1. पाचन और कब्ज में अंजीर के फायदे


          आज के समय में हर कोई अपने पेट की समस्याओं से परेशान हैं जैसे कि खट्टी डकार आना, कब्ज, एसिडिटी होना, यह सब आम समस्याएं बन गई हैं.

          बहुत से लोग इन सारी समस्याओं को सही करने के लिए आयुर्वेद और एलोपैथिक उपाय अपनाते हैं. प्राचीन समय से ही अंजीर का उपयोग पेट की बीमारियों को सही करने के लिए उपयोग किया जा रहा है.

          यदि हम अंजीर का सेवन करते हैं तो हमें प्रचुर मात्रा में फाइबर तत्व की प्राप्ति होती है. पाचन तंत्र को सही करने के लिए और कब्ज से राहत पाने के लिए फाइबर तत्व की जरूरत होती है.

          100 ग्राम अंजीर के अंदर2.9 ग्राम फाइबर होता है.


          2. वजन को नियंत्रण करने के लिए


          अंजीर खाने का सबसे अच्छा फायदा  यह है की इसके सेवन से हमारा वजन या मोटापा नियंत्रण रहता है, या हम यह कह सकते हैं कि हमारा वजन धीरे-धीरे कम भी होने लगता है.

          क्योंकि अंजीर के अंदर कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जिससे हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म स्तर भी बढ़ता है और शरीर पर चढ़ी हुई अतिरिक्त चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है.

          हमारा भोजन भी अच्छी तरह से पचने लगता है, साथ ही में हमारी पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है.

          3. खराब कोलेस्ट्रॉल को करे कम


          जब हमारे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है तब हमें हृदय संबंधित समस्याएं होने लगती है जैसे कि हार्ट-अटैक, हाइपरटेंशन आदि.

          अंजीर के अंदर पेक्टिन नामक फाइबर होता है जो खराब कोलेस्ट्रॉल को हमारे शरीर से बाहर निकालता है और साथ ही में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाता है.

          4. एनीमिया बीमारी में अंजीर के फायदे


          एनीमिया जैसी खतरनाक बीमारी को कम करने के लिए भी हम अंजीर का सेवन कर सकते हैं. 100 gm अंजीर के अंदर 0.37 mg आयरन की मात्रा पाई जाती है.

          अंजीर का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमंद होता है क्योंकि महिलाएं मासिक धर्म और गर्भावस्था के समय एनीमिया जैसी बीमारियों से जूझ सकती है.

          खून की कमी पूरा करने के लिए आयरन एक बहुत ही जरूरी तत्व है जो हमें अंजीर फल के सेवन से प्राप्त हो सकता है. इसलिए अपने आहार में अंजीर फल को जरूर शामिल करें.

          5. ऊर्जावान


          आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में अपनी दिनचर्या के पूरे काम को सफलतापूर्वक खत्म करने के लिए हमें हमेशा ऊर्जावान या ऊर्जा से भरपूर रहना चाहिए.

          यदि हमारे शरीर में प्राकृतिक ऊर्जा रहेगी तो हम हर मुश्किल का सामना आसानी से कर सकेंगे और खुश भी रहेंगे.

          यदि आप अंजीर को अपने आहार में शामिल करते हैं या ड्राई फ्रूट की तरह इसका सेवन करते हैं तो हमें एक अच्छी मात्रा में ऊर्जा की प्राप्ति होती है. हर 100 ग्राम अंजीर में 74 कैलोरी ऊर्जा होती है.

          यदि हम सुबह के समय अंजीर का सेवन करते हैं तो हम दिन भर अपने आप को ऊर्जावान महसूस करते हैं.

          अंजीर है सेहत का खजाना, 11 फायदे, उपयोग और नुकसान
          अंजीर के 11 बेहतरीन फायदे  | best benefits of figs

          6. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अंजीर के फायदे


          यदि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी तो हम मौसम परिवर्तन और छोटी-छोटी बीमारियां, वायरल इनफेक्शन से हमेशा बचे रहेंगे.

          जब हमारे शरीर की इम्यूनिटी पावर मजबूत होती है तब हम किसी भी बाहरी संक्रमण से जल्दी संक्रमित नहीं होते हैं.

          यदि हम नियमित रूप से अंजीर का सेवन करते हैं तो इससे हमें कई तरह के पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है जिससे हमारी इम्यूनिटी सिस्टम बूस्ट होती है.

          7. एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर


          अंजीर फल के अंदर भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, यह एंटीऑक्सीडेंट गुण पाने का प्रमुख स्रोत है. हर 100 gm अंजीर फल के अंदर 2 mg विटामिन C पाया जाता है जो एंटीऑक्सीडेंट का ही रूप है.

          हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने के लिए एंटीऑक्सीडेंट गुणों को सेवन करना बहुत जरूरी होता है, इसलिए आप अंजीर फल का सेवन जरूर करें.

          8. हड्डियों की मजबूती में अंजीर के फायदे


          अंजीर का एक फायदा यह भी है कि यदि हम इसका नियमित सेवन करते हैं तो इससे हमारी हड्डियों की मजबूती में वृद्धि होती है.

          अंजीर के अंदर कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम का प्रमुख स्रोत होता है. 100 ग्राम अंजीर के अंदर 35mg कैल्शियम होता है जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी तत्व है.


          9. लीवर के लिए अंजीर के फायदे


          यदि हम अंजीर का सेवन करते हैं तो हमारा लीवर कई हानिकारक तत्वों से सुरक्षित रहता है. अंजीर फल के साथ-साथ अंजीर फल की पत्तियां भी लीवर के लिए फायदेमंद होती हैं.

          कई रिपोर्टों के अनुसार यह ज्ञात हुआ है कि अंजीर का फल और अंजीर के पेड़ की पत्तियों के अंदर पेटॉप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं जो लीवर को कई बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं.

          10. ह्रदय के लिए अंजीर के फायदे


          यदि हम अपने आहार में अंजीर फल को शामिल करते हैं तो इससे हमारे हृदय को भी फायदा पहुंचता है. कई अध्ययनों में यह देखा गया है अंजीर का सेवन करने से लिपोप्रोटीन में वृद्धि होती है.

          कोशिकाओं के अंदर जमा हुआ खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है. अंजीर फल के अंदर भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट, ओमेगा 3, फैटी एसिड गुण पाए जाते हैं जो फ्री रेडिकल्स को खत्म करके हमारे हृदय की रक्षा करते हैं.

          11. अंजीर के फायदे कैंसर में


          सही खानपान और गलत लाइफस्टाइल जीने से कभी-कभी हम बहुत ही गंभीर बीमारियों से घिर जाते हैं जैसे कि कैंसर.

          कैंसर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी हैं जिसका इलाज बहुत ही कठिन होता है. कई शोधों से यह ज्ञात हुआ है कि यदि हम अंजीर फल का सेवन करते हैं तो इससे हमें पेट और ब्रेस्ट कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों मे फायदा हो सकता है.

          अंजीर की तासीर और खाने का तरीका | Fig Taseer way of eating in hindi

          अंजीर फल की तासीर गरम प्रकृति की होती है इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन करना हमारी सेहत को नुकसान (Nuksan) पहुंचा सकता है.

          यदि आप अंजीर का सेवन करते हैं और आपको कोई भी परेशानी महसूस हो रही हो तो आपको अंजीर खाना बंद कर देना चाहिए.

          अंजीर खाने (Anjeer ke fayde) का सही समय सुबह के टाइम होता है. यदि हम 2-3 अंजीरों को रात में पानी में डालकर रख दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें तो इससे हमारी सेहत को कई फायदे होते हैं.

          यदि आप अंजीर का सेवन रात के समय ना करके सुबह करते हैं तो हमारी सेहत को अधिक लाभ होता है. हम अंजीर का 10 से 20 मिलीमीटर काढ़ा बनाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं.

          गर्भावस्था के दौरान अंजीर खाने के फायदे | Benefits of eating figs during pregnancy in hindi 

          गर्भावस्था के दौरान अंजीर फल का सेवन करना गर्भवती महिलाओं के लिये फायदेमंद होता है. गर्भावस्था के दौरान महिला और बच्चे दोनों को हर तरह के विटामिन, प्रोटीन और खनिज तत्वों की जरूरत होती है.

          प्रेगनेंसी में हमें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इन सब चीजों का विशेष तौर से हमें ध्यान रखना पड़ता है? गर्भावस्था के समय तीसरे महीने से ही महिलाएं अंजीर फल का सेवन कर सकती हैं.

          क्योंकि इसके अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे शरीर को शुरुआत से ही मिलने लगते हैं जिससे हमारे शरीर में विटामिन की कमी पूरी होती रहती है.

          प्रेगनेंसी में अंजीर फल का सेवन हमें एक सीमित मात्रा में करना चाहिए और यदि आप डॉक्टर की सलाह लेने के बाद करें तो यह आपके लिए और भी फायदेमंद रहेगा.

          प्रेगनेंसी के दौरान अंजीर खाने से महिलाओं को कैल्शियम, ओमेगा 3, स्वस्थ आहार, खून की कमी, पाचन शक्ति, स्वस्थ सुंदर त्वचा और हृदय संबंधित रोग इन सब में ही फायदा होता है.

          अंजीर है सेहत का खजाना, 11 फायदे, उपयोग और नुकसान

          अंजीर के पोषक तत्व की मात्रा – (Fig Nutrient Value Per 100 g in hindi)

          According to the USDA National Nutrients Database

          पोषक तत्व (Nutrients) मात्रा (The quantity) अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Dieatry Allowance - The estimated amount of a nutrient per day for good health)
          ऊर्जा (Energy) 74 Kcal 4 %
          कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates) 19.18 g 15 %
          प्रोटीन (Protein) 0.75 g 1.5 %
          टोटल फैट (Total fat) 0.30 g 1 %
          कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) 0 mg 0 %
          फाइबर (Dietary Fiber) 2.9 g 7 %
          फोलटेस (Folates) 6 µg 1.5 %
          नियासिन (Niacin) 0.400 mg 2.5 %
          पैंटोथैनिक एसिड (pantothenic acid) 0.300 mg 6 %
          पाइरिडोक्सिन (pyridoxine) 0.113 mg 9 %
          राइबोफ्लेविन (Riboflavin) 0.050 mg 4 %
          थायमिन (Thiamin) 0.060 mg 5 %
          विटामिन (Vitamin A) 142 IU 5 %
          विटामिन (Vitamin C) 2 mg 3 %
          विटामिन (Vitamin E) 0.11 mg 1 %
          विटामिन (Vitamin k) 4.7 µg 4 %
          सोडियम (Sodium) 1 mg 0 %
          पोटेशियम (Potassium) 232 mg 5 %
          आयरन (Iron) 0.37 mg 5 %
          मैग्नीशियम (Megnesium) 17 mg 4 %
          मैग्नीज (Manganese) 0.128 mg 5.5 %
          जिंक (Zinc) 0.15 mg 1 %
          कैल्शियम (Calcium) 35 mg 3.5 %
          कॉपर (Copper) 0.070 mg 8 %

          अंजीर के घरेलू नुस्खे या उपाय | Fig home remedies or remedies in hindi

          आइए जानते हैं कि अंजीर का कैसे उपयोग कर सकते हैं या अंजीर का किस तरह से सेवन किया जाए कि हमारी सेहत को फायदा पहुंचे?

          1. दो अंजीर को रात में पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट उसे खाने से पेट अच्छे से साफ हो जाता है और कब्ज में फायदा करता है.

          2. 3-4 पके अंजीर दूध में उबालकर रात्रि में सोने से पूर्व खाएं और ऊपर से उसी दूध का सेवन करें इससे आपको कब्ज में राहत मिलेगी.

          3. 2-4 सूखे अंजीर सुबह-शाम दूध में गर्म करके खाने से हमारे शरीर के अंदर मौजूद कफ की मात्रा धीरे-धीरे कम होती है और हमें बहुत जल्द कफ में आराम मिलता है.

          4. मुंह में छाले होने पर यदि हम अंजीर के फल का रस मुंह के छालों पर लगाते हैं तो इससे हमें बहुत जल्द आराम होता है.

          5. कच्चे अंजीर का दूध हमारी त्वचा से संबंधित कई समस्याओं के लिए फायदेमंद होता है . यदि आप अपनी शरीर पर अंजीर का दूध लगाते हैं तो इससे खुजली फुंसी और दाद जैसी बीमारियां भी ठीक हो जाती है.

          6. पके अंजीर को सौंफ के साथ बराबर मात्रा में चबाने से या इसका सेवन करने से शरीर की दुर्बलता या कमजोरी दूर हो जाती है.

          7. 10 मुनक्के, 5 अंजीर 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर खाने से और उस दूध का सेवन करने से हमारे शरीर में खून की कमी पूरी होती है और हम एनीमिया जैसी बीमारियों से बचे रहते हैं.

          8. सूखे अंजीर को पानी में उबालकर लेप करने से गले के अंदर की सूजन खत्म हो जाती है.

          9. पानी में 5 अंजीर को डालकर उबाल लें, उबालने के बाद इस पानी को छान लें और इस पानी को गर्म-गर्म सुबह और शाम पीने से जुकाम में फायदा होता है.

          10. फेफड़ों से संबंधित बीमारियों में यदि हम 5 अंजीर एक गिलास पानी में सुबह- शाम उबालकर पीते हैं तो इससे हमारे फेफड़े धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगते हैं.

          11. पके हुए अंजीर का काढ़ा बना कर उसे पीने से खांसी दूर हो जाती है.

          12. सूखे अंजीर को रात में पानी में डालकर रख दें और सुबह उस पानी का सेवन करें और अंजीर को प्रतिदिन सुबह खाली पेट खाएं, ऐसा करने से हमें बवासीर की बीमारी में हमें फायदा पहुंचता है.

          13. महिलाओं को प्रसव के समय 20 से 25 दिन तक रोज दो अंजीर दूध के साथ खाने से फायदा होता है.

          14. यदि हमारे शरीर पर कहीं दाद हो गई है तो अंजीर का दूध लगाने से दाद ठीक हो जाती है.

          अंजीर खाने के नुकसान | Side-effects of eating figs in hindi 

          हर किसी चीज के अपने फायदे भी होते हैं और नुकसान भी. हम सभी जानते हैं कि यदि हम किसी भी चीज या फल का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो यह हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

          इसलिए हमें हर चीज का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. आइए जानते हैं कि अंजीर खाने के क्या नुकसान हो सकते हैं?

          1. यदि हम अंजीर का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं तो इसके अंदर पाई जाने वाली शुगर हमारे मोटापे का कारण बन सकती है.

          2. यदि आपको अंजीर खाने से एलर्जी की समस्या हो रही है, तो आप इसका सेवन हमेशा डॉक्टर से पूछ कर करें.

          3. जिन लोगों का ब्लड प्रेशर कम होता है उन्हें अंजीर फल का सेवन नहीं करना चाहिए नहीं तो आपका ब्लड प्रेशर और भी कम हो सकता है. इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

          4. अधिक मात्रा में सेवन करने से व्यक्ति को डायरिया की समस्या हो सकती है.

          5. यदि हम प्रतिदिन अंजीर का सेवन करते हैं तो हमें पाचन क्रिया संबंधित समस्या और पेट में दर्द होने की समस्या भी हो सकती है.

          6. अधिक मात्रा में अंजीर का सेवन करने से यह हमारे शरीर में गर्मी पैदा कर सकता है क्योंकि अंजीर गर्म प्रकृति वाला फल है.

          अंजीर फल से संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्न | Frequently asked questions related to fig fruit in hindi 

          Q1. अंजीर फल की तासीर कैसी होती है?
          A. अंजीर फल गर्म प्रकृति या गर्म तासीर वाला फल है.

          Q2. प्रेगनेंसी में अंजीर फल खाने के क्या फायदे हैं?
          A. प्रेगनेंसी के समय अंजीर फल खाना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि इसके सेवन से हमें सारे विटामिन, खनिज तत्व, प्रोटीन, आदि की प्राप्ति होती रहती है.

          अंजीर खाने से गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम, स्वस्थ आहार, खून की कमी, त्वचा और हृदय संबंधित रोग इन सब में भी फायदा पहुंचता है.

          Q3. अंजीर को रात भर पानी में भिगोकर खाने से क्या फायदा होता है?
          A. भीगे हुए अंजीर सुबह खाली पेट खाने से हमारी पाचन क्रिया और पेट संबंधित समस्याएं काफी हद तक कम हो जाती है.

          Q4. अंजीर दूध में उबालकर पीने के क्या फायदे होते हैं?
          A. यदि हम रात में या सुबह के समय दूध में 2-3 अंजीर डालकर गर्म करते हैं और फिर उस दूध का सेवन करते हैं तो हमारे शरीर की ताकत बढ़ती है, कब्ज और बवासीर की समस्या से भी छुटकारा मिलता है.

          Q5. पुरुषों के लिए अंजीर फल के क्या-क्या फायदे होते हैं?
          A. अंजीर फल पुरुषों के लिए एक वरदान की तरह है क्योंकि इसके सेवन से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं, जैसे कि डायबिटीज से छुटकारा, एनीमिया, कैंसर, यौन संबंधित समस्याएं, बवासीर की समस्या, कब्ज की समस्या, लीवर और हृदय रोग आदि.

          Q6. अंजीर को अंग्रेजी (English) में क्या कहते हैं?
          A. अंजीर को अंग्रेजी में Fig कहते हैं.

          आखिरी शब्द | Last word in hindi 

          हमने अपने इस पूरे लेख में यह जाना की अंजीर खाने के क्या फायदे होते हैं, नुकसान, उपयोग, इसके पोषक तत्वों की मात्रा और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न.

          अंजीर फल एक औषधीय फल के रूप में प्राचीन समय से ही उपयोग में लाया जा रहा है कभी ड्राई फ्रूट के रूप में, आयुर्वेदिक दवाइयों में आदि.

          हम अपने दैनिक जीवन में जितना आहार ग्रहण करते हैं उनसे हमें विटामिन, खनिज तत्व, प्रोटीन की प्राप्ति तो होती ही है लेकिन साथ में यदि हम कुछ ऐसे ड्राई फ्रूट्स या फलों का सेवन करें जिनसे हमें अधिक मात्रा में प्रोटीन और विटामिन मिल सके जिससे हमारी सेहत स्वस्थ रहे.

          अंजीर खाने के फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी इसलिए अंजीर का सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

          यदि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो प्लीज कमेंट जरूर करें या मुझे बताएं कि मुझे अपने लेख में और क्या सुधार करने चाहिए. धन्यवाद.

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